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साम्प्रदायिक सौहार्द की कड़ी थे मौलाना महमूदुल हसन
Updated Tue, 17 Apr 2018 12:44 AM IST
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जौनपुर। नगर कोतवाली चौराहे पर सोमवार को आयोजित सर्व धर्म एवं सर्वदलीय शोकसभा में नासिरिया अरबी कालेज के पूर्व प्राचार्य एवं इमामे जुमा स्वर्गीय मौलाना महमूदुल हसन को श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने कहा कि मौलाना साम्प्रदायिक सौहार्द की कड़ी थे और वह हर मजहब के लोगों के लिए लोकप्रिय थे। शोकसभा में सभी धर्म और राजनीतिक दलों के लोग मौैजूद थे।
पंडित अवधेश चतुर्वेदी ने कहा कि मौलाना के बताए रास्ते पर चलकर आसानी से कोई अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। सुन्नी धर्मगुरु मौलाना असद कासिमी ने कहा कि उनकी सख्सियत एक सूरज की तरह थी। जहां से गुजर जाते अपनी चमक छोड़ जाते थे। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक पारसनाथ यादव ने कहा कि मौलाना सत्य बात को कहने में जरा भी संकोच नहीं करते थे। वह सभी धर्मों का सम्मान करते थे। पूर्व विधायक अरसद खां ने कहा कि उनके निधन से समाज की अपूर्णीय क्षति हुई है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हरिश्चंद्र ने कहा कि वह सादा जीवन उच्च विचार वाले व्यक्ति थे। बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामफेर गौतम, दीवानी बार के पूर्व मंत्री जयप्रकाश कामरेड, मौलाना सफदर हुसैन जैदी, कर्मचारी नेता निखिलेश सिंह, मोतीलाल यादव, व्यापारी नेता इंदू सिंह, श्रवण कुमार जायसवाल, शकील मंसूरी, इरसाद मंसूरी , कांग्रेस के नगर अध्यक्ष नेयाज ताहिर शेखू, शायर हाजी निसार अहमद, अकरम जौनपुरी ने नज्म व शेर से श्रद्धांजलि दी। अध्यक्षता कर रहे पूर्व विधायक हाजी अफजाल अहमद ने कहा कि मौलाना साम्प्रदायिक सौहार्द की बहुत बड़ी कड़ी थे। वह एकता और इत्तेहाद का परचम बलंद करते रहे। अंत में आयोजक डा. हसीन बब्लू ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर कमालुद्दीन अंसारी, शम्स अब्बास, फिरोज पप्पू, हाजी अजमत, नफीस अहमद आदि मौजूद थे।
पंडित अवधेश चतुर्वेदी ने कहा कि मौलाना के बताए रास्ते पर चलकर आसानी से कोई अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। सुन्नी धर्मगुरु मौलाना असद कासिमी ने कहा कि उनकी सख्सियत एक सूरज की तरह थी। जहां से गुजर जाते अपनी चमक छोड़ जाते थे। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक पारसनाथ यादव ने कहा कि मौलाना सत्य बात को कहने में जरा भी संकोच नहीं करते थे। वह सभी धर्मों का सम्मान करते थे। पूर्व विधायक अरसद खां ने कहा कि उनके निधन से समाज की अपूर्णीय क्षति हुई है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हरिश्चंद्र ने कहा कि वह सादा जीवन उच्च विचार वाले व्यक्ति थे। बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामफेर गौतम, दीवानी बार के पूर्व मंत्री जयप्रकाश कामरेड, मौलाना सफदर हुसैन जैदी, कर्मचारी नेता निखिलेश सिंह, मोतीलाल यादव, व्यापारी नेता इंदू सिंह, श्रवण कुमार जायसवाल, शकील मंसूरी, इरसाद मंसूरी , कांग्रेस के नगर अध्यक्ष नेयाज ताहिर शेखू, शायर हाजी निसार अहमद, अकरम जौनपुरी ने नज्म व शेर से श्रद्धांजलि दी। अध्यक्षता कर रहे पूर्व विधायक हाजी अफजाल अहमद ने कहा कि मौलाना साम्प्रदायिक सौहार्द की बहुत बड़ी कड़ी थे। वह एकता और इत्तेहाद का परचम बलंद करते रहे। अंत में आयोजक डा. हसीन बब्लू ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर कमालुद्दीन अंसारी, शम्स अब्बास, फिरोज पप्पू, हाजी अजमत, नफीस अहमद आदि मौजूद थे।
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