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व्यवसायी के हंगामें के बाद बैंक ने सुधारी गलती
Updated Tue, 17 Apr 2018 12:32 AM IST
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शाहगंज। गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक की लापरवाही के कारण गुप्ता गली के युवा व्यवसायी सोमवार को उस समय परेशान हो गया, जब उसका लोन इस नाते खारिज कर दिया गया कि वह सेंट्रल बैंक आफ इंडिया की शाहगंज शाखा से 15 लाख रुपये का हाउसिंग लोन लिया है। इसकी जानकारी होते ही व्यवसायी ने बैंक पहुंचकर हंगामा किया। इसके बाद वह सेंट्रल बैंक आफ इंडिया की शाहगंज शाखा जाकर जांच की। लोन में उसका नाम तो था लेकिन उसके पिता का नाम बदला हुआ था। इसके बाद बैंक नो ड्यूज दिया गया।
नगर के पक्का पोखरा पश्चिमी कौड़ियां निवासी विशाल साहू पुत्र सतेंद्र साहू ने कारोबार बढ़ाने के लिए काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक में पांच लाख रुपये लोन के लिए आवेदन किया था। जिसकी बैंक द्वारा आनलाइन जांच कराने पर उक्त व्यवसायी द्वारा सेंट्रल बैंक आफ इण्डिया की शाहगंज शाखा से 15 लाख रुपये हाउसिंग लोन का ब्योरा निकालकर बैंक अधिकारियों ने लोन के आवेदन को खारिज कर दिया। सोमवार को इसकी सूचना मिलते ही व्यवसायी के होश उड़ गये।वह सेंट्रल बैंक की शाखा में पहुंचकर पड़ताल किया तो आधार कार्ड, पैन कार्ड व लोन अभिलेख पर मोबाइल नंबर व पता विशाल का दर्ज था। लेकिन पिता का नाम दूसरा था। व्यवसायी के हंगामें के बाद शाखा प्रबंधक यूबी सिंह ने विशाल साहू पुत्र सतेन्द्र साहू पर किसी तरह का लोन न होने का लिखित देते हुए मामले को शान्त कराया। फिलहाल उक्त व्यवसायी का सेन्ट्रल बैंक की शाखा में कोई खाता नहीं रहते हुए आनलाइन सिविल जांच में कर्जदारों की सूची में नाम कैसे दर्ज है। उसके अभिलेखों को लगाकर लोन लेने वाला कौन है। इसे बताने में बैंककर्मी चुप्पी साधे हुए हैं।
नगर के पक्का पोखरा पश्चिमी कौड़ियां निवासी विशाल साहू पुत्र सतेंद्र साहू ने कारोबार बढ़ाने के लिए काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक में पांच लाख रुपये लोन के लिए आवेदन किया था। जिसकी बैंक द्वारा आनलाइन जांच कराने पर उक्त व्यवसायी द्वारा सेंट्रल बैंक आफ इण्डिया की शाहगंज शाखा से 15 लाख रुपये हाउसिंग लोन का ब्योरा निकालकर बैंक अधिकारियों ने लोन के आवेदन को खारिज कर दिया। सोमवार को इसकी सूचना मिलते ही व्यवसायी के होश उड़ गये।वह सेंट्रल बैंक की शाखा में पहुंचकर पड़ताल किया तो आधार कार्ड, पैन कार्ड व लोन अभिलेख पर मोबाइल नंबर व पता विशाल का दर्ज था। लेकिन पिता का नाम दूसरा था। व्यवसायी के हंगामें के बाद शाखा प्रबंधक यूबी सिंह ने विशाल साहू पुत्र सतेन्द्र साहू पर किसी तरह का लोन न होने का लिखित देते हुए मामले को शान्त कराया। फिलहाल उक्त व्यवसायी का सेन्ट्रल बैंक की शाखा में कोई खाता नहीं रहते हुए आनलाइन सिविल जांच में कर्जदारों की सूची में नाम कैसे दर्ज है। उसके अभिलेखों को लगाकर लोन लेने वाला कौन है। इसे बताने में बैंककर्मी चुप्पी साधे हुए हैं।
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