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किसानों ने डीएम के यहां प्रस्तुत किया अपना लिखित पक्ष
Updated Wed, 04 Apr 2018 12:56 AM IST
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जौनपुर। आजमगढ़ से वाराणसी हाईवे निर्माण में किसानों की अधिग्रहीत भूमि का मुआवजे को लेकर डीएम न्यायालय में चल रहे केस में मंगलवार को किसानों ने डीएम न्यायालय में उपस्थित होकर अधिवक्ता विजय कुमार सिंह वाराणसी के द्वारा अपना पक्ष प्रस्तुत किया और प्रतिकर निर्धारण में की जा रही विसंगतियों का विरोध किया।
डोभी क्षेत्र के परसौली, बरईछै, बलुआ, वीरभानपुर, रामगढ़, फरीदपुर, परशुपुर, चंदवक, रामदेवपुर, सिधौनी, विशुनपुर, अइलिया, लबौरा सहित 20 गांवों के किसानों की 181 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की गई है। 16.5 वर्ग किमी क्षेत्र के करीब 3500 किसान प्रभावित हो रहे हैं। इसी मामले में डीएम के यहां प्रतिकर निर्धारण करने के संबंध में केस चल रहा है। राजेंद्र सिंह, सूर्यभान सिंह, रामेंद्र सिंह, सुनील यादव, रामसहाय निषाद, सुषमा निषाद, नजर मोहम्मद, राजकुमारी सिंह, रामेश्वर सिंह के नेेतृत्व में सैकड़ों किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अपना पक्ष लिखित रूप से प्रस्तुत किया और कहा कि वह परियोजना और विकास के विरोधी नहीं हैं। सिर्फ प्रतिकर निर्धारण में विसंगतियों का विरोध कर रहे हैं।
डोभी क्षेत्र के परसौली, बरईछै, बलुआ, वीरभानपुर, रामगढ़, फरीदपुर, परशुपुर, चंदवक, रामदेवपुर, सिधौनी, विशुनपुर, अइलिया, लबौरा सहित 20 गांवों के किसानों की 181 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की गई है। 16.5 वर्ग किमी क्षेत्र के करीब 3500 किसान प्रभावित हो रहे हैं। इसी मामले में डीएम के यहां प्रतिकर निर्धारण करने के संबंध में केस चल रहा है। राजेंद्र सिंह, सूर्यभान सिंह, रामेंद्र सिंह, सुनील यादव, रामसहाय निषाद, सुषमा निषाद, नजर मोहम्मद, राजकुमारी सिंह, रामेश्वर सिंह के नेेतृत्व में सैकड़ों किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अपना पक्ष लिखित रूप से प्रस्तुत किया और कहा कि वह परियोजना और विकास के विरोधी नहीं हैं। सिर्फ प्रतिकर निर्धारण में विसंगतियों का विरोध कर रहे हैं।
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