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रैली निकाल निजीकरण का किया विरोध
Updated Tue, 27 Mar 2018 12:47 AM IST
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रैली
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जौनपुर। निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्यों ने सोमवार को हाइडिल परिसर में धरना दिया और रैली निकाली। हाइडिल से रैली कलेक्ट्रेट पहुंची। वहां से लौटने के बाद कर्मचारी फिर धरन पर बैठ गए। उन्होंने बिजली के निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेने की मांग की। साथ ही 27 मार्च से कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा बिजली का निजीकरण करने का कार्य शुरु कर दिया गया है। जिसे बिजली कर्मचारी कदापि बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसे लिए जो भी करना होगा। वह किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऊर्जा विभाग एवं पावर कारपोरेशन के प्रबंधन द्वारा बिजली सुधार के मामले में प्रदेश सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गुमराह कर दिया है। जबकि प्रदेश सरकार अपने एक साल के पूरा होने के उपलब्धियों में बिजली क्षेत्र में सुधार को प्रमुख मान रही है। इसके बाद भी बिजली का निजीकरण होने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार द्वारा निजीकरण का प्रस्ताव वापस नहीं लिया जाएगा तो हम लोग 27 मार्च से कार्य बहिष्कार करेंगे। इस अवसर पर इंजीनियर एसके सोनौरिया, विनोद कुमार गुप्ता, जिला संयोजक निखिलेश कुमार सिंह,विश्राम मौर्या, मनीष यादव, अरविंद मिश्रा, चंद्रशेखर उपाध्याय, संजय यादव, प्रदीप यादव, बीबी सिंह, आरके कुशवाहा, संजय गुप्ता, अरविंद यादव, आलोक उपाध्याय, शिवशंकर, राज कुमार, आतिश यादव आदि रहे।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा बिजली का निजीकरण करने का कार्य शुरु कर दिया गया है। जिसे बिजली कर्मचारी कदापि बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसे लिए जो भी करना होगा। वह किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऊर्जा विभाग एवं पावर कारपोरेशन के प्रबंधन द्वारा बिजली सुधार के मामले में प्रदेश सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गुमराह कर दिया है। जबकि प्रदेश सरकार अपने एक साल के पूरा होने के उपलब्धियों में बिजली क्षेत्र में सुधार को प्रमुख मान रही है। इसके बाद भी बिजली का निजीकरण होने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार द्वारा निजीकरण का प्रस्ताव वापस नहीं लिया जाएगा तो हम लोग 27 मार्च से कार्य बहिष्कार करेंगे। इस अवसर पर इंजीनियर एसके सोनौरिया, विनोद कुमार गुप्ता, जिला संयोजक निखिलेश कुमार सिंह,विश्राम मौर्या, मनीष यादव, अरविंद मिश्रा, चंद्रशेखर उपाध्याय, संजय यादव, प्रदीप यादव, बीबी सिंह, आरके कुशवाहा, संजय गुप्ता, अरविंद यादव, आलोक उपाध्याय, शिवशंकर, राज कुमार, आतिश यादव आदि रहे।
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