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अनन्य अनुराग के चलते बिष भी हो गया अमृत
Updated Sat, 24 Mar 2018 12:03 AM IST
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बदलापुर / घनश्यामपुर(जौनपुर)। प्राचीन गौरीशंकर धाम चंदापुर स्थित मंदिर परिसर में नवनिर्मित भव्य मंदिर मां दुर्गा की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर चल रहे विविध आयोजनों के बीच रासलीला में वृंदावन से आए कलाकारों ने गुरुवार की रात मीरा की अनन्य भक्ति का रोमांचक मंचन किया। जिसे देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों में मीरा गिरिधर की अनन्य भक्ति करते हुए दिन-रात संतों के साथ कीर्तन व हरि भजन करने लगी। जो उसके परिजनों को अच्छा नहीं लगा। जहां पहले गोपाल की मूर्ति ही फेंकवा दिया और मीरा को बताया गया कि तुम्हारे गोपाल एक टोकरी में है। जिसमें पहले से जहरीला नाग रखा गया था किंतु भक्ति के प्रभाव से टोकरी खोलते ही मीरा को माधव में दर्शन हुए। इससे थक हारकर परिजनों ने मीरा को दूध में मिलाकर विष दे दिया। किन्तु वह भी उसके लिए अमृत हो गया। मंचन के पूर्व नटवर नागर कृष्ण ने गोपीकाओं के साथ बृहद रास किया। जिसे देख दर्शक मंत्र मुग्ध हो गए। इस अवसर पर मनोज सिंह, सुभाष तिवारी, राजेन्द्र सिंह, संतोष तिवारी, कमलेश यादव, मुन्ना सिंह आदि उपस्थित रहे। अंत में मंदिर के महंथ दयाशंकर दास त्यागी महराज ने आगंतुकों के प्रति आभार ज्ञापित किया।
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कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों में मीरा गिरिधर की अनन्य भक्ति करते हुए दिन-रात संतों के साथ कीर्तन व हरि भजन करने लगी। जो उसके परिजनों को अच्छा नहीं लगा। जहां पहले गोपाल की मूर्ति ही फेंकवा दिया और मीरा को बताया गया कि तुम्हारे गोपाल एक टोकरी में है। जिसमें पहले से जहरीला नाग रखा गया था किंतु भक्ति के प्रभाव से टोकरी खोलते ही मीरा को माधव में दर्शन हुए। इससे थक हारकर परिजनों ने मीरा को दूध में मिलाकर विष दे दिया। किन्तु वह भी उसके लिए अमृत हो गया। मंचन के पूर्व नटवर नागर कृष्ण ने गोपीकाओं के साथ बृहद रास किया। जिसे देख दर्शक मंत्र मुग्ध हो गए। इस अवसर पर मनोज सिंह, सुभाष तिवारी, राजेन्द्र सिंह, संतोष तिवारी, कमलेश यादव, मुन्ना सिंह आदि उपस्थित रहे। अंत में मंदिर के महंथ दयाशंकर दास त्यागी महराज ने आगंतुकों के प्रति आभार ज्ञापित किया।
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