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सड़क पर बैठकर परीक्षा दे रहे प्राथमिक विद्यालय के छात्र
Updated Tue, 20 Mar 2018 12:21 AM IST
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सड़क पर परीक्षा
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जौनपुर। परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक परीक्षा सोमवार को भारी अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हो गई। कहीं छात्र सड़क पर खुले आसमान के नीचे परीक्षा दे रहे तो कहीं एक ही शिक्षक के भरोसे तीन कमरों में परीक्षा दे रहे छात्रों की निगरानी करते देखे गए। फर्श पर बैठकर परीक्षा दे रहे छात्रों को देखने से लगता ही नहीं कि वे परीक्षा दे रहे या पढ़ाई कर रहे हैं। परीक्षा के लिए तो बोर्ड द्वारा प्रश्न पत्र तैयार किया गया है और नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए शिक्षकों को तमाम निर्देश दिए गए हैं। लेकिन कुल मिलाकर सिर्फ परीक्षा का कोरम पूरा किया जा रहा है। परीक्षा समाप्ति के बाद शाम तक उत्तर पुस्तिकाओं को न्याय पंचायत स्तर पर बने संकलन केंद्र पर जमा करना है, लेकिन तमाम विद्यालयों ने शाम तक संकलन केंद्र पर उत्तर पुस्तिकाएं जमा नहीं कीं।
परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक परीक्षा कराने के लिए विभागीय अफसर महीने भर से तैयारी में लगे थे। सोमवार को परीक्षा शुरू हुई तो अमर उजाला ने कुछ परीक्षा केंद्रों की पड़ताल की। पड़ताल में विभाग के दावों की कलई खुल गई। नगर के ओलंदगंज प्राथमिक विद्यालय सूरज बिहारी कटरा में चलता है। यहां छात्र खुले आसमान के नीचे सड़क पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे। इस विद्यालय के पास अपना कोई भवन नहीं है। यहां के शिक्षक कुर्सी मंदिर परिसर में रखते हैं और अभिलेख प्रधानाध्यापक झोले में रखकर घर ले जाते हैं।
मुफ्तीगंज प्रतिनिधि के अनुसार स्थानीय विकास खंड के परिषदीय विद्दालयों में परीक्षा सोमवार को सुबह नौ बजे से शुरू हुई। मुर्तजाबाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय के तीन कक्षा के छात्रों की निगरानी एक शिक्षक के भरोसे थी। बताया गया कि दो सहायक अध्यापिकाएं अवकाश पर हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुफ्तीगंज में जमीन पर बैठाकर छात्रों से परीक्षा ली जा रही थी। छात्र ऐसे बैठे थे जैसे वे कक्षा में पढ़ाई कर रहे हों। कई कई छात्र एक दूसरे के साथ मिलकर गोला बनाकर बैठे नकल कर रहे थे।
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सिंगरामऊ प्रतिनिधि के अनुसार अर्जुनपुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पंजीकृत 143 में से छात्र अनुपस्थित थे। अभिनव पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिंगरामऊ में 134 पंजीकृत छात्रों में से आठ छात्र परीक्षा देने नहीं आए। प्रधानाध्यापक अनवर अब्बास एवं अर्जुनपुर के प्रधानाध्यापक गोरख नाथ यादव ने बताया कि दो शिक्षक यहां से दूसरे विद्यालय पर ड्यूटी के लिए गए हैं जबकि दो शिक्षक दूसरे विद्यालय से ड्यूटी के लिए आए हैं।
सवाल का पता नहीं, विकल्प देख छात्र हैरान
जौनपुर। परिषदीय विद्यालय की वार्षिक परीक्षा के लिए तैयार किए गए प्रश्नपत्र में भी खामी उजागर हुई। कक्षा चार के हिंदी विषय के प्रश्न पत्र में सवाल का पता नहीं और विक्लप देख छात्र देर तक हलकान रहे। कई केंद्रों पर हैरान शिक्षकों ने उस सवाल को छात्रो को छोड़ देने का निर्देश दिया। जिला स्तर पर प्रश्न पत्र तैयार किया गया था। प्रश्न संख्या एक में सही विकल्प पर सही का निशान लगाने को कहा गया था लेकिन सवाल नदारद था। विकल्प में (!) बुलाना (!!) ऊंचाई (!!!) बोलना और पांचवां विकल्प बुद्धिमत्ता था। यहां कठिनाई इस बात से हुई कि उत्तर का विकल्प तो छपा है परंतु यह विकल्प किस प्रश्न के लिए हैं ,उसका पता ही नहीं है।
संकुल केंद्र पर नहीं जमा हुई उत्तर पुस्तिका
मछलीशहर। परिषदीय विद्यालयों में परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को संकुल केंद्र पर जमा करने की व्यवस्था बनाई गई है। जहां से उत्तर पुस्तिकाओं को ब्लाक संसाधन केंद्र प जमा किया जाएगा। यहीं पर केंद्रीय मूल्यांकन की व्यवस्था बनाई गई है। लेकिन पहले दिन की परीक्षा की उत्तर पुस्तिका विद्यालय में ही जमा कर दी गई। शिक्षकों का कहना है कि इसके लिए उन्हें कोई निर्देश अभी नहीं मिला है।
3.82 लाख छात्र दे रहे परीक्षा
जौनपुर। जिले में 2416 प्राथमिक विद्यालय और 878 जूनियर विद्यालय हैं। प्राइमरी से लेकर जूनियर हाईस्कूल तक की कक्षा में कुल 3.82 लाख छात्र पंजीकृत हैं।
नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए सभी शिक्षकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी विद्यालयों का औचक निरीक्षण भी कर रहे हैं। जांच में अगर गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-डा. राजेंद्र सिंह, बीएसए जौनपुर
परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक परीक्षा कराने के लिए विभागीय अफसर महीने भर से तैयारी में लगे थे। सोमवार को परीक्षा शुरू हुई तो अमर उजाला ने कुछ परीक्षा केंद्रों की पड़ताल की। पड़ताल में विभाग के दावों की कलई खुल गई। नगर के ओलंदगंज प्राथमिक विद्यालय सूरज बिहारी कटरा में चलता है। यहां छात्र खुले आसमान के नीचे सड़क पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे। इस विद्यालय के पास अपना कोई भवन नहीं है। यहां के शिक्षक कुर्सी मंदिर परिसर में रखते हैं और अभिलेख प्रधानाध्यापक झोले में रखकर घर ले जाते हैं।
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मुफ्तीगंज प्रतिनिधि के अनुसार स्थानीय विकास खंड के परिषदीय विद्दालयों में परीक्षा सोमवार को सुबह नौ बजे से शुरू हुई। मुर्तजाबाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय के तीन कक्षा के छात्रों की निगरानी एक शिक्षक के भरोसे थी। बताया गया कि दो सहायक अध्यापिकाएं अवकाश पर हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुफ्तीगंज में जमीन पर बैठाकर छात्रों से परीक्षा ली जा रही थी। छात्र ऐसे बैठे थे जैसे वे कक्षा में पढ़ाई कर रहे हों। कई कई छात्र एक दूसरे के साथ मिलकर गोला बनाकर बैठे नकल कर रहे थे।
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सिंगरामऊ प्रतिनिधि के अनुसार अर्जुनपुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पंजीकृत 143 में से छात्र अनुपस्थित थे। अभिनव पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिंगरामऊ में 134 पंजीकृत छात्रों में से आठ छात्र परीक्षा देने नहीं आए। प्रधानाध्यापक अनवर अब्बास एवं अर्जुनपुर के प्रधानाध्यापक गोरख नाथ यादव ने बताया कि दो शिक्षक यहां से दूसरे विद्यालय पर ड्यूटी के लिए गए हैं जबकि दो शिक्षक दूसरे विद्यालय से ड्यूटी के लिए आए हैं।
सवाल का पता नहीं, विकल्प देख छात्र हैरान
जौनपुर। परिषदीय विद्यालय की वार्षिक परीक्षा के लिए तैयार किए गए प्रश्नपत्र में भी खामी उजागर हुई। कक्षा चार के हिंदी विषय के प्रश्न पत्र में सवाल का पता नहीं और विक्लप देख छात्र देर तक हलकान रहे। कई केंद्रों पर हैरान शिक्षकों ने उस सवाल को छात्रो को छोड़ देने का निर्देश दिया। जिला स्तर पर प्रश्न पत्र तैयार किया गया था। प्रश्न संख्या एक में सही विकल्प पर सही का निशान लगाने को कहा गया था लेकिन सवाल नदारद था। विकल्प में (!) बुलाना (!!) ऊंचाई (!!!) बोलना और पांचवां विकल्प बुद्धिमत्ता था। यहां कठिनाई इस बात से हुई कि उत्तर का विकल्प तो छपा है परंतु यह विकल्प किस प्रश्न के लिए हैं ,उसका पता ही नहीं है।
संकुल केंद्र पर नहीं जमा हुई उत्तर पुस्तिका
मछलीशहर। परिषदीय विद्यालयों में परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को संकुल केंद्र पर जमा करने की व्यवस्था बनाई गई है। जहां से उत्तर पुस्तिकाओं को ब्लाक संसाधन केंद्र प जमा किया जाएगा। यहीं पर केंद्रीय मूल्यांकन की व्यवस्था बनाई गई है। लेकिन पहले दिन की परीक्षा की उत्तर पुस्तिका विद्यालय में ही जमा कर दी गई। शिक्षकों का कहना है कि इसके लिए उन्हें कोई निर्देश अभी नहीं मिला है।
3.82 लाख छात्र दे रहे परीक्षा
जौनपुर। जिले में 2416 प्राथमिक विद्यालय और 878 जूनियर विद्यालय हैं। प्राइमरी से लेकर जूनियर हाईस्कूल तक की कक्षा में कुल 3.82 लाख छात्र पंजीकृत हैं।
नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए सभी शिक्षकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी विद्यालयों का औचक निरीक्षण भी कर रहे हैं। जांच में अगर गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-डा. राजेंद्र सिंह, बीएसए जौनपुर