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17 वर्षो से बिना पारिश्रमिक के बच्चों को दे रही शिक्षा
Updated Mon, 19 Mar 2018 12:23 AM IST
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बदलापुर/ घनश्यामपुर। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली शिक्षिका कमला देवी की दिनचर्या बच्चों के भविष्य को संवारना बन चुकी है। अवकाश ग्रहण करने के बाद भी वह 17 वर्षों से बिना किसी पारिश्रमिक के बच्चों को शिक्षा दे रही हैं।
कमला देवी को कक्षा आठ पास करते ही दिसंबर 1965 में प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक की नौकरी मिल गयी। उन्होंने पढ़ाना शुरू किया लेकिन अपनी पढ़ाई भी जारी रखी। इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। ग्राम मिरशादपुर निवासी कमला देवी के पति सूर्यप्रताप सिंह पेशे से किसान हैं। कमला देवी स्कूल में भी पूरे समय काम करती थीं और घर भी अच्छी तरह संभालती थीं। प्रतिदिन समय से विद्यालय जाना तथा समय से घर लौटतीं। परिणामस्वरूप उत्कृष्ट शिक्षण कार्य के कारण वर्ष 1998 में तत्कालीन राष्ट्रपति डा. केआर नारायणन ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें सम्मानित किया। वह वर्ष 2001 में प्राथमिक विद्यालय मिरशादपुर से सेवानिवृत्त हुईं। मगर उन्होंने पढ़ाना जारी रखा। प्राथमिक विद्यालय मिरशादपुर में वह नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहीं है। इसके लिए उन्हें कोई पारिश्रमिक नहीं मिलता लेकिन वे तालीम की लौ जगाए हुए हैं।
कमला देवी को कक्षा आठ पास करते ही दिसंबर 1965 में प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक की नौकरी मिल गयी। उन्होंने पढ़ाना शुरू किया लेकिन अपनी पढ़ाई भी जारी रखी। इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। ग्राम मिरशादपुर निवासी कमला देवी के पति सूर्यप्रताप सिंह पेशे से किसान हैं। कमला देवी स्कूल में भी पूरे समय काम करती थीं और घर भी अच्छी तरह संभालती थीं। प्रतिदिन समय से विद्यालय जाना तथा समय से घर लौटतीं। परिणामस्वरूप उत्कृष्ट शिक्षण कार्य के कारण वर्ष 1998 में तत्कालीन राष्ट्रपति डा. केआर नारायणन ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें सम्मानित किया। वह वर्ष 2001 में प्राथमिक विद्यालय मिरशादपुर से सेवानिवृत्त हुईं। मगर उन्होंने पढ़ाना जारी रखा। प्राथमिक विद्यालय मिरशादपुर में वह नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहीं है। इसके लिए उन्हें कोई पारिश्रमिक नहीं मिलता लेकिन वे तालीम की लौ जगाए हुए हैं।
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