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300 बीडीसी सदस्य करेंगे फैसला
Updated Fri, 09 Mar 2018 12:48 AM IST
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जिले के खुटहन, बक्शा, सिकरारा विकास खंडों में ब्लाक प्रमुख चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। तीनों विकास खंडों के सात प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 300 क्षेत्र पंचायत सदस्य शुक्रवार को करेंगे। तीनों विकासखंडों के लिए वैसे तो नामांकन नौ प्रत्याशियों ने किया था। लेकिन बक्शा से पूर्व ब्लाक प्रमुख रंजीत यादव ने सपा प्रत्याशी के पक्ष में एवं सिकरारा से डिंपल यादव ने अपने ससुर समरनाथ यादव के पक्ष में नामांकन वापस ले लिया। चुनाव को लेकर पीएसी एवं भारी संख्या में फोर्स लगाई गई है।
खुटहन प्रतिनिधि के अनुसार ब्लाक प्रमुख पद को लेकर महीनों से चल रहे चुनावी घमासान का शुक्रवार को 108 क्षेत्र पंचायत सदस्यों की मुहर लगते ही पटाक्षेप होेगा। इसी दिन गणना होगी। सपा समर्थित उम्मीदवार सरयू देई के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाने से उन्हें पद से हटना पड़ गया था। लेकिन प्रमुख पद को लेकर हो रहे उप चुनाव में एक बार फिर वे सपा के निशान पर पुन: मैदान में हैं। दूसरी तरफ अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में नेतृत्व करने वाली प्रतापगढ़ से भाजपा समर्थित अपना दल सांसद की पुत्र वधू व पूर्व प्रमुख रमेश सिंह की पत्नी श्रीमती नीलम सिंह भी प्रमुख पद को लेकर उत्साहित हैं। भाजपा के समर्थन से मैदान में उतरी नीलम सिंह के साथ पार्टी के आला नेता भी हैं। कुल 109 बीडीसी सदस्यों में एक सदस्य का असामयिक निधन के बाद अब 108 सदस्यों का ही मतदान होगा। जिसमें जीतने के लिए आधे से एक अधिक अर्थात 55 मतों की आवश्यकता है।
सिकरारा: प्रतिनिधि के अनुसार ब्लाक के प्रमुख पद के लिए हो रहे उप चुनाव में अब दो प्रत्याशी आमने सामने हैं। एक प्रत्याशी डिंपल यादव पत्नी इंद्र कुमार ने गुरुवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। यहां दो प्रत्याशियों के बीच लड़ाई है। इसमें निर्दल प्रत्याशी सपा के बागी समरनाथ यादव एवं सपा प्रत्याशी विनय कुमार यादव भाग्य आजम रहे हैं। 91 बीडीसी सदस्य इनके भाग्य का फैसला करेंगे।
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बक्शा : प्रतिनिधि के अनुसार 101 बीडीसी सदस्य तीन प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। इनमें भाजपा से सजल सिंह, सपा से प्रबुद्ध दुबे एवं धनन्जय तिवारी अपना - अपना भाग्य आजमा रहे है। वैसे चर्चा है कि धनन्जय तिवारी सजल के करीबी है। यहां पूर्व ब्लाक प्रमुख रंजीत सिंह ने अपना नामांकन सपा प्रत्याशी प्रबुद्ध दुबे के पक्ष में ले लिया।
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खुटहन प्रतिनिधि के अनुसार ब्लाक प्रमुख पद को लेकर महीनों से चल रहे चुनावी घमासान का शुक्रवार को 108 क्षेत्र पंचायत सदस्यों की मुहर लगते ही पटाक्षेप होेगा। इसी दिन गणना होगी। सपा समर्थित उम्मीदवार सरयू देई के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाने से उन्हें पद से हटना पड़ गया था। लेकिन प्रमुख पद को लेकर हो रहे उप चुनाव में एक बार फिर वे सपा के निशान पर पुन: मैदान में हैं। दूसरी तरफ अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में नेतृत्व करने वाली प्रतापगढ़ से भाजपा समर्थित अपना दल सांसद की पुत्र वधू व पूर्व प्रमुख रमेश सिंह की पत्नी श्रीमती नीलम सिंह भी प्रमुख पद को लेकर उत्साहित हैं। भाजपा के समर्थन से मैदान में उतरी नीलम सिंह के साथ पार्टी के आला नेता भी हैं। कुल 109 बीडीसी सदस्यों में एक सदस्य का असामयिक निधन के बाद अब 108 सदस्यों का ही मतदान होगा। जिसमें जीतने के लिए आधे से एक अधिक अर्थात 55 मतों की आवश्यकता है।
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सिकरारा: प्रतिनिधि के अनुसार ब्लाक के प्रमुख पद के लिए हो रहे उप चुनाव में अब दो प्रत्याशी आमने सामने हैं। एक प्रत्याशी डिंपल यादव पत्नी इंद्र कुमार ने गुरुवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। यहां दो प्रत्याशियों के बीच लड़ाई है। इसमें निर्दल प्रत्याशी सपा के बागी समरनाथ यादव एवं सपा प्रत्याशी विनय कुमार यादव भाग्य आजम रहे हैं। 91 बीडीसी सदस्य इनके भाग्य का फैसला करेंगे।
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बक्शा : प्रतिनिधि के अनुसार 101 बीडीसी सदस्य तीन प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। इनमें भाजपा से सजल सिंह, सपा से प्रबुद्ध दुबे एवं धनन्जय तिवारी अपना - अपना भाग्य आजमा रहे है। वैसे चर्चा है कि धनन्जय तिवारी सजल के करीबी है। यहां पूर्व ब्लाक प्रमुख रंजीत सिंह ने अपना नामांकन सपा प्रत्याशी प्रबुद्ध दुबे के पक्ष में ले लिया।