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आमजन को मिले विज्ञान के प्रयोग का लाभ: प्रो. हाजरा
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:37 AM IST
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जौनपुर। कलकत्ता विश्वविद्यालय के आप्टिक्स एवं फोटोनिक्स के प्रो. लक्ष्मी नारायन हाजरा ने कहा कि विज्ञान की खोज का लाभ आमजन को मिलना चाहिए। विज्ञान और तकनीक ने दूरियां कम की हैं। कहा कि हमें अपने वैज्ञानिक रिसर्च में और भी तेजी लाने की जरूरत है। वह सोमवार को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विश्वेश्वरैया हाल में दो दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे। आयोजन भारत सरकार के तकनीक शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन कार्यक्रम (टेकिप तीन) के अंतर्गत किया जा रहा है।
ओएनजीसी के पूर्व जीएम डा. पीके मिश्र ने रूस और जर्मनी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां शिक्षा लाभ आम लोगों को मिलता है क्योंकि वे मातृभाषा में पढ़ाई करते हैं। अंग्रेजी पर जोर देने के कारण हम आमजन से कट गए हैं। पुणे विश्वविद्यालय के प्रो. वीए तभाने ने कहा कि विज्ञान के छात्रों में अवलोकन करने की अच्छी क्षमता होनी चाहिए तभी वह समाज और देश के विकास में सार्थक हो सकता है। समन्वयक प्रो. बीबी तिवारी ने कहा आधुनिक तकनीक ने विज्ञान की खोज और गति को काफी तेज कर दिया है। इंजीनियरिंग के डीन प्रो. एके. श्रीवास्तव ने स्वागत किया। सहसयोजक डा. राजकुमार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। संचालन डा. संतोष कुमार और धन्यवाद ज्ञापन डा. रजनीश भास्कर ने किया। प्रो. वंदना राय, डा. प्रदीप कुमार,डा. मनोज मिश्र, डा. दिग्विजय सिहं राठौर, डा. संजीव गंगवार, डा. सुनील कुमार,डा अमरेंद्र सिंह, डा. राजीव कुमार, प्रवीण सिंह, डा. अवध बिहारी सिहं डा. रुश्दा आजमी, यू.आर प्रजापति, डा. विवेक पांडेय, डा. नृपेंद्र सिंह, डा. जेपी लाल आदि मौजूद रहे।
रंगोली और पोस्टर माध्यम से बच्चों ने दिए संदेश
जौनपुर। उमानाथ सिहं इंजीनियरिंग एवं टेक्नालाजी संस्थान में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें 22 ग्रुपों ना, इसका विषय महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, डिजीटाइलजेशन और इवैलूएशन के माध्यम से वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दर्शाया। पोस्टर मेकिंग में 25 ग्रुपों ने प्रतिभाग किया। इसका विषय क्लीन इंडिया, ग्रीन इंडिया, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, मिसाइल मैन, ईबेस्ट, रोबोटिक इन नेशन बिल्डिंग पर पोस्टर बनाकर विज्ञान के प्रति जागरूकता किया। एक्सटेम्पोर में नौ विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। विज्ञानं प्रश्नोत्तरी में 61 ग्रुपों ने भाग लिया।
ओएनजीसी के पूर्व जीएम डा. पीके मिश्र ने रूस और जर्मनी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां शिक्षा लाभ आम लोगों को मिलता है क्योंकि वे मातृभाषा में पढ़ाई करते हैं। अंग्रेजी पर जोर देने के कारण हम आमजन से कट गए हैं। पुणे विश्वविद्यालय के प्रो. वीए तभाने ने कहा कि विज्ञान के छात्रों में अवलोकन करने की अच्छी क्षमता होनी चाहिए तभी वह समाज और देश के विकास में सार्थक हो सकता है। समन्वयक प्रो. बीबी तिवारी ने कहा आधुनिक तकनीक ने विज्ञान की खोज और गति को काफी तेज कर दिया है। इंजीनियरिंग के डीन प्रो. एके. श्रीवास्तव ने स्वागत किया। सहसयोजक डा. राजकुमार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। संचालन डा. संतोष कुमार और धन्यवाद ज्ञापन डा. रजनीश भास्कर ने किया। प्रो. वंदना राय, डा. प्रदीप कुमार,डा. मनोज मिश्र, डा. दिग्विजय सिहं राठौर, डा. संजीव गंगवार, डा. सुनील कुमार,डा अमरेंद्र सिंह, डा. राजीव कुमार, प्रवीण सिंह, डा. अवध बिहारी सिहं डा. रुश्दा आजमी, यू.आर प्रजापति, डा. विवेक पांडेय, डा. नृपेंद्र सिंह, डा. जेपी लाल आदि मौजूद रहे।
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रंगोली और पोस्टर माध्यम से बच्चों ने दिए संदेश
जौनपुर। उमानाथ सिहं इंजीनियरिंग एवं टेक्नालाजी संस्थान में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें 22 ग्रुपों ना, इसका विषय महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, डिजीटाइलजेशन और इवैलूएशन के माध्यम से वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दर्शाया। पोस्टर मेकिंग में 25 ग्रुपों ने प्रतिभाग किया। इसका विषय क्लीन इंडिया, ग्रीन इंडिया, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, मिसाइल मैन, ईबेस्ट, रोबोटिक इन नेशन बिल्डिंग पर पोस्टर बनाकर विज्ञान के प्रति जागरूकता किया। एक्सटेम्पोर में नौ विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। विज्ञानं प्रश्नोत्तरी में 61 ग्रुपों ने भाग लिया।
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