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यात्री सुविधाओं के लिए ट्रेन रोककर किया प्रदर्शन
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:28 AM IST
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ट्रेन रोका
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बरसठी। स्टेशन पर यात्री सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सोमवार को जौनपुर-इलाहाबाद रेल प्रखंड पर ट्रेन रोककर प्रदर्शन किया गया। बरसठी रेलवे स्टेशन सहित कई अन्य स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव एवं स्टेशन पर सुविधाओं की मांग को लेकर जज सिंह के नेतृत्व में विरोध-प्रदर्शन हुए।
अन्ना हजारे ने समर्थकों के साथ रायबरेली-जौनपुर इंटरसिटी ट्रेन को सात मिनट तक रोककर अपना विरोध जताया। रेल प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। ट्रेन रोकने के साथ लोगों ने जघई और मडियाहूं स्टेशन के बीच आने वाले पांच स्टेशनों पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव एवं यात्री सुविधाओं की मांग की। जंघई से मडियाहूं के बीच सभी स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव के लिए प्रदर्शन किया गया। पहले से ही आंदोलन की जानकारी होने के कारण रेलवे पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। इस रूट पर कई एक्सप्रेस ट्रेन गोदान, आजमगढ फैजाबाद एक्सप्रेस के साथ दिल्ली जाने के लिए सुहेलदेव एक्सप्रेस चलती है लेकिन मडियाहूं के बाद ट्रेनों का ठहराव जंघई स्टेशन पर ही होता है। बीच के बारीगाव, भन्नौर, बरसठी, कटवार, जरौना स्टेशन पर न तो कोई ट्रेन खड़ी होती है न ही इनको स्टेशन का दर्जा दिया गया है। अब यह स्टेशन महज हाल्ट स्टेशन के रूप में है। शाम को स्टेशन पर अंधेरा होने के बाद लाइट की व्यवस्था नहीं है। दूर से आए यात्रियों खासकर महिलाओं तक के लिए शौचालय पानी की व्यवस्था नहीं है। जैसे ही इण्टरसीटी एक्सप्रेस बरसठी स्टेशन पर पहुंची ट्रेन के साथ चल रहे जज सिंह ट्रेन से उतरे स्टेशन पर पहले से मौजूद लोगों ने ट्रेन के आगे आकर रेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दिया। मांगे पूरी करने की बात कहे लेकिन आरपीएफ जवानों के मुस्तैद रहने से सात मिनट तक ही ट्रेन रूक सकी। इसके पूर्व भी 16 नवंबर एवं आठ जनवरी को लोग ट्रेन रोककर अपना बिरोध जता चुके है। रेल रोको आंदोलन में केशव मिश्रा, सुरेश कुमार, विमलेश, मनोज सिंह, कमलेश मिश्र, अरविंद कुमार, रमेश,संजय कुमार, विनोद कन्नौजिया, शमशेर सरोज,शेखन विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
अन्ना हजारे ने समर्थकों के साथ रायबरेली-जौनपुर इंटरसिटी ट्रेन को सात मिनट तक रोककर अपना विरोध जताया। रेल प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। ट्रेन रोकने के साथ लोगों ने जघई और मडियाहूं स्टेशन के बीच आने वाले पांच स्टेशनों पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव एवं यात्री सुविधाओं की मांग की। जंघई से मडियाहूं के बीच सभी स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव के लिए प्रदर्शन किया गया। पहले से ही आंदोलन की जानकारी होने के कारण रेलवे पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। इस रूट पर कई एक्सप्रेस ट्रेन गोदान, आजमगढ फैजाबाद एक्सप्रेस के साथ दिल्ली जाने के लिए सुहेलदेव एक्सप्रेस चलती है लेकिन मडियाहूं के बाद ट्रेनों का ठहराव जंघई स्टेशन पर ही होता है। बीच के बारीगाव, भन्नौर, बरसठी, कटवार, जरौना स्टेशन पर न तो कोई ट्रेन खड़ी होती है न ही इनको स्टेशन का दर्जा दिया गया है। अब यह स्टेशन महज हाल्ट स्टेशन के रूप में है। शाम को स्टेशन पर अंधेरा होने के बाद लाइट की व्यवस्था नहीं है। दूर से आए यात्रियों खासकर महिलाओं तक के लिए शौचालय पानी की व्यवस्था नहीं है। जैसे ही इण्टरसीटी एक्सप्रेस बरसठी स्टेशन पर पहुंची ट्रेन के साथ चल रहे जज सिंह ट्रेन से उतरे स्टेशन पर पहले से मौजूद लोगों ने ट्रेन के आगे आकर रेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दिया। मांगे पूरी करने की बात कहे लेकिन आरपीएफ जवानों के मुस्तैद रहने से सात मिनट तक ही ट्रेन रूक सकी। इसके पूर्व भी 16 नवंबर एवं आठ जनवरी को लोग ट्रेन रोककर अपना बिरोध जता चुके है। रेल रोको आंदोलन में केशव मिश्रा, सुरेश कुमार, विमलेश, मनोज सिंह, कमलेश मिश्र, अरविंद कुमार, रमेश,संजय कुमार, विनोद कन्नौजिया, शमशेर सरोज,शेखन विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
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