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पुल को बचाने के लिए डाली जा रही मिट्टी
Updated Tue, 20 Feb 2018 12:52 AM IST
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मीरगंज। भारी वाहनों की आवाजाही से मछलीशहर- जंघई मार्ग पर बंधवाबाजार के पास सौ साल पुराना जर्जर पुल के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है। लोक निर्माण विभाग ने 10 दिन पहले मीरगंज पुलिस को भारी वाहनों को डायवर्ट करने के लिए पत्र लिखा था लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। अब पीडब्ल्यूडी ने पुल बचाने की जुगत शुरू कर दी है। उसके नीचे मिट्टी डाली जा रही है।
फुलपुर में रेल ओवरब्रिज के निर्माण के चलते जौनपुर से इलाहाबाद जाने वाले भारी वाहनों को एक महीने से मछलीशहर-जंघई मार्ग से भेजा जा रहा है। भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क तो टूट ही रही है बसुही नदी पर बने लगभग सौ साल पुराने पुल का अस्तित्व भी संकट में पड़ गया है। आठ फरवरी को मीरगंज पुलिस से भारी वाहनों की आवाजाही रोकने को कहा था लेकिन पुलसि ने कुछ नहीं किया। शनिवार को पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता वीपी सिंह ने पुल की जांच की और पुल को बचाने के लिए एक वाटरवे को मिट्टी की बोरियों से भरा जा रहा है।
पुलिस द्वारा वाहनों को मुगराबादशाहपुर के रास्ते डायवर्ट नहीं किया गया। जिससे पुल को बचाने के लिए नीचे मिट्टी डाला जा रहा है।-एसएन यादव
अवर अभियंता, पीडब्ल्यूडी
फुलपुर में रेल ओवरब्रिज के निर्माण के चलते जौनपुर से इलाहाबाद जाने वाले भारी वाहनों को एक महीने से मछलीशहर-जंघई मार्ग से भेजा जा रहा है। भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क तो टूट ही रही है बसुही नदी पर बने लगभग सौ साल पुराने पुल का अस्तित्व भी संकट में पड़ गया है। आठ फरवरी को मीरगंज पुलिस से भारी वाहनों की आवाजाही रोकने को कहा था लेकिन पुलसि ने कुछ नहीं किया। शनिवार को पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता वीपी सिंह ने पुल की जांच की और पुल को बचाने के लिए एक वाटरवे को मिट्टी की बोरियों से भरा जा रहा है।
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पुलिस द्वारा वाहनों को मुगराबादशाहपुर के रास्ते डायवर्ट नहीं किया गया। जिससे पुल को बचाने के लिए नीचे मिट्टी डाला जा रहा है।-एसएन यादव
अवर अभियंता, पीडब्ल्यूडी