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एलईडी लाइट लगने से प्रति माह बचेगी 54 हजार यूनिट बिजली
Updated Sun, 18 Feb 2018 12:50 AM IST
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एलईडी
- फोटो : file
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जौनपुर। सोडियम लाइट की रोशनी में पीला नजर आने वाला जौनपुर अब एलईडी की दूधिया रोशनी से जगमग होगा। इससे हर महीने 54 हजार यूनिट बिजली की कम खपत होगी और नगर पालिका के पौने चार लाख रुपये बचेंगे।
शहर क्षेत्र में पांच हजार सोडियम लाइट लगाए गए हैं। ये सोडियम लाइट शहर की सड़कों व चौराहों सहित सभी मुहल्लों में लगाई गई हैं। सोडियम लाइट्स की रोशनी पीली होती है। उसकी जगह अब दूधिया रोशनी बिखेरने वाली एलईडी लाइट्स लगाई जाएंगी। इसके लिए नगर पालिका ने केंद्र सरकार की कंपनी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) से करार किया है। कंपनी पुरानी लाइट्स हटाकर उसकी जगह नई एलईडी लाइट्स लगाई जाएंगी। कंपनी ने काम करना शुरू कर दिया है। अब तक 1040 सोडियम लाइट्स हटाकर उसकी जगह पर एलईडी लाइट्स लगाई जा चुकी हैं। पहले जहां 400 वाट की सोडियम लाइट लगी थी, वहां 50 वाट की एलईडी लगाई जा रही है। कुल पांच हजार सोडियम लाइट को एलईडी में बदलने पर प्रति माह लगभग 54 हजार यूनिट बिजली की बचत होगी और नगर निगम को शहर को जगमग करने में हर महीने पहले की अपेक्षा तीन लाख 78 हजार रुपये कम खर्च करने होंगे।
सोडियम लाइट की रौशनी फैलते ही। इसके चलते औसतन 40 मीटर की दूरी पर स्थित दो खंभों के बीच दो लाइट से पर्याप्त रौशनी होती है लेकिन एलईडी की रौशनी नहीं फैलने के कारण दो खंभों के बीच अंधेरा हो जा रहा है। कंपनी पुरानी लाइट्स ही बदल रही है, उससे ज्यादा एलईडी नहीं लगा रही है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी कृष्णचंद्र इस बात को खारिज करते हुए कहते हैं कि दो एलईडी लाइट से दो खंभों के बीच की 40 मीटर दूरी में पर्याप्त रौशनी होगी। कहीं अंधेरा नहीं रहेगा। शासन ने बिजली बचत के लिए एलईडी लाइट्स लगवाने का अनुबंध ईईएसएल से किया है। उन्होंने बताया कि नया सवेरा योजना के तहत 400 वाट की 1040 सोडियम लाइट हटाकर उनकी जगह 50 वाट की एलईडी लाइट लगाई जा रही है। एनर्जी इफीशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड दो हजार लाइट और लाइट्स जल्द लगाएगी।
शहर क्षेत्र में पांच हजार सोडियम लाइट लगाए गए हैं। ये सोडियम लाइट शहर की सड़कों व चौराहों सहित सभी मुहल्लों में लगाई गई हैं। सोडियम लाइट्स की रोशनी पीली होती है। उसकी जगह अब दूधिया रोशनी बिखेरने वाली एलईडी लाइट्स लगाई जाएंगी। इसके लिए नगर पालिका ने केंद्र सरकार की कंपनी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) से करार किया है। कंपनी पुरानी लाइट्स हटाकर उसकी जगह नई एलईडी लाइट्स लगाई जाएंगी। कंपनी ने काम करना शुरू कर दिया है। अब तक 1040 सोडियम लाइट्स हटाकर उसकी जगह पर एलईडी लाइट्स लगाई जा चुकी हैं। पहले जहां 400 वाट की सोडियम लाइट लगी थी, वहां 50 वाट की एलईडी लगाई जा रही है। कुल पांच हजार सोडियम लाइट को एलईडी में बदलने पर प्रति माह लगभग 54 हजार यूनिट बिजली की बचत होगी और नगर निगम को शहर को जगमग करने में हर महीने पहले की अपेक्षा तीन लाख 78 हजार रुपये कम खर्च करने होंगे।
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सोडियम लाइट की रौशनी फैलते ही। इसके चलते औसतन 40 मीटर की दूरी पर स्थित दो खंभों के बीच दो लाइट से पर्याप्त रौशनी होती है लेकिन एलईडी की रौशनी नहीं फैलने के कारण दो खंभों के बीच अंधेरा हो जा रहा है। कंपनी पुरानी लाइट्स ही बदल रही है, उससे ज्यादा एलईडी नहीं लगा रही है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी कृष्णचंद्र इस बात को खारिज करते हुए कहते हैं कि दो एलईडी लाइट से दो खंभों के बीच की 40 मीटर दूरी में पर्याप्त रौशनी होगी। कहीं अंधेरा नहीं रहेगा। शासन ने बिजली बचत के लिए एलईडी लाइट्स लगवाने का अनुबंध ईईएसएल से किया है। उन्होंने बताया कि नया सवेरा योजना के तहत 400 वाट की 1040 सोडियम लाइट हटाकर उनकी जगह 50 वाट की एलईडी लाइट लगाई जा रही है। एनर्जी इफीशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड दो हजार लाइट और लाइट्स जल्द लगाएगी।
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