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धीरे-धीरे तीन ब्लाक प्रमुखों की चली गई कुर्सी
Updated Tue, 06 Feb 2018 12:56 AM IST
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जौनपुर। एक मत से चुनाव जीते ब्लाक प्रमुख रंजीत यादव की कुर्सी सोमवार को चली गई। 56 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। जिले में धीरे-धीरे तीन ब्लाक प्रमुखों की कुर्सी चली गई। डोभी विकासखंड में भी अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक होनी है लेकिन अभी कोई तिथि डीएम की तरफ से निर्धारित नहीं की गई है।
जिले 21 विकासखंडों में मार्च 2016 में ब्लाक प्रमुखों के चुनाव हुए। सत्ताधारी दल समाजवादी पार्टी से टिकट लेने के लिए होड़ थी। कुछ विकासखंडों को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर ब्लाक प्रमुख सपा के ही चुने गए। इसमें सपा की खुटहन ब्लाक प्रमुख सरयूदेई के अविश्वास प्रस्ताव में जमकर बवाल हुआ। उसके बाद उनकी कुर्सी चली गई। इसके बाद सिकरारा ब्लाक प्रमुख विजय यादव की कुर्सी चली गई। विजय यादव को निर्दल ब्लाक प्रमुख बनाने का श्रेय पूर्व सांसद धनंजय सिंह को जाता है। बक्शा ब्लाक प्रमुख के चुनाव में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव ने रंजीत यादव के लिए और पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने सजल सिंह के लिए अपनी ताकत लगाई थी। एक मत से रंजीत जीत गए। वैसे सजल सिंह ने जबरन जीताने का आरोप लगाते हुए कोर्ट में केस भी दायर किया है। जिसका निर्णय अभी नहीं हो सका है। रंजीत यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में सपा ने पक्ष में और भाजपा के लोगों ने विपक्ष में अपनी-अपनी ताकत लगाई थी। सजल सिंह वाराणसी के एक बाहुबली विधायक के करीबी बताए जाते हैं। जो भी हो अविश्वास प्रस्ताव में 101 सदस्यों में 57 आए। जिसमें 56 ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया।
जिले 21 विकासखंडों में मार्च 2016 में ब्लाक प्रमुखों के चुनाव हुए। सत्ताधारी दल समाजवादी पार्टी से टिकट लेने के लिए होड़ थी। कुछ विकासखंडों को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर ब्लाक प्रमुख सपा के ही चुने गए। इसमें सपा की खुटहन ब्लाक प्रमुख सरयूदेई के अविश्वास प्रस्ताव में जमकर बवाल हुआ। उसके बाद उनकी कुर्सी चली गई। इसके बाद सिकरारा ब्लाक प्रमुख विजय यादव की कुर्सी चली गई। विजय यादव को निर्दल ब्लाक प्रमुख बनाने का श्रेय पूर्व सांसद धनंजय सिंह को जाता है। बक्शा ब्लाक प्रमुख के चुनाव में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव ने रंजीत यादव के लिए और पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने सजल सिंह के लिए अपनी ताकत लगाई थी। एक मत से रंजीत जीत गए। वैसे सजल सिंह ने जबरन जीताने का आरोप लगाते हुए कोर्ट में केस भी दायर किया है। जिसका निर्णय अभी नहीं हो सका है। रंजीत यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में सपा ने पक्ष में और भाजपा के लोगों ने विपक्ष में अपनी-अपनी ताकत लगाई थी। सजल सिंह वाराणसी के एक बाहुबली विधायक के करीबी बताए जाते हैं। जो भी हो अविश्वास प्रस्ताव में 101 सदस्यों में 57 आए। जिसमें 56 ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया।
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