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बेमिसाल है कृष्ण और सुदामा की मित्रता
Updated Sat, 03 Feb 2018 12:36 AM IST
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डोभी। कथा वाचक पं रामआश्रय शुक्ल ने कहा कि कृष्ण और सुदामा की दोस्ती बेमिसाल है। जिस तरह भगवान ने दीन सुदामा को अपनाया वह लोक जीवन के लिए अनुकरणीय है। वह हरिहरपुर स्थित बाबा बेल नाथ मन्दिर में श्रीमद्भागवत सप्ताह के समापन पर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि कृष्ण-सुदामा कथा को सुनकर लोग द्रवित जरूर होते हैं लेकिन अनुकरण करने की कोशिश नहीं करते हैं। इसका कारण यह है कि श्रीकृष्ण जैसा त्रिलोक का स्वामी दूसरा नहीं हुआ जबकि सुदामा जैसे याचक तमाम हैं। कथा के समापन पर मंगल आरती हुई। इस मौके पर आयोजक रमेश दूबे, वारीन्द्र पाण्डेय, शिवबालक यादव, जयती पाण्डेय, डब्बू लाल श्रीवास्तव, आलोक दुबे, अनिल, अशोक आदि मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि कृष्ण-सुदामा कथा को सुनकर लोग द्रवित जरूर होते हैं लेकिन अनुकरण करने की कोशिश नहीं करते हैं। इसका कारण यह है कि श्रीकृष्ण जैसा त्रिलोक का स्वामी दूसरा नहीं हुआ जबकि सुदामा जैसे याचक तमाम हैं। कथा के समापन पर मंगल आरती हुई। इस मौके पर आयोजक रमेश दूबे, वारीन्द्र पाण्डेय, शिवबालक यादव, जयती पाण्डेय, डब्बू लाल श्रीवास्तव, आलोक दुबे, अनिल, अशोक आदि मौजूद थे।
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