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वैज्ञानिक और शिक्षक बनना चाहते हैं मेधावी
Updated Tue, 23 Jan 2018 12:48 AM IST
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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मेधावी वैज्ञानिक, शिक्षक और डाक्टर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। सोमवार को विश्वविद्यालय के 21 वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल के हाथों मेडल पाकर मेधा चहक उठे। मेडल पाने के बाद उनका उत्साह और बढ़ गया। कोई कृषि वैज्ञानिक बनकर किसानों की मदत करना चाहता है तो कोई शिक्षक बनक शिक्षक बनकर देश की शिक्षा को सुधारने का सपना देख रहा है। टापर अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों दिया।
छात्रा प्रिया त्रिपाठी, शाबिस्ता नाज, अंशू मित्रा और शालिनी पांडेय का कहना है कि वह प्रोफेसर बनकर देश की शिक्षा व्यवस्था में अपना योगदान करना चाहती है। हेमा विश्वास का कहना है कि कुशल चिकित्सक बनकर समाज के गरीब लोगों की सेवा करना चा हती है। राहुल सिंह का सपना है कि वह सिविल परीक्षा की तैयारी कर आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहते हैं। इसके लिए वह तैयारी में जुट गए हैं। धनंजय तिवारी और अनीश कुमार सिंह का कहना है कि वह कृषि वैज्ञानिक बनकर देश के किसानों की खेती में मदत करना चाहते हैं। साथ ही प्रधानमंत्री की योजना को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे। मिथिलेश पांडेय का कहना है कि शिक्षा में उनकी विशेष रूचि है। वह पढ़ाई कर शिक्षक बनना चाहते हैं। सौरभमणि का कहना है कि सिविल परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। आईएस बनना उनका सपना है। इसके लिए वह अभी से पूरी लगन से मेहनत कर रहे हैं।
छात्राओं ने मारी बाजी
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में गोल्ड पाने में छात्राएं आगे रही। स्नातक और परास्नातक दोनों में छात्राओं ने छात्रों को पीछे छोड़ दिया। स्नातक स्तर पर 17 छात्रों को मेडल दिया गया। जिसमें नौ छात्राएं और आठ छात्र शामिल थे। इसी प्रकार परास्नातक स्तर पर 41 छात्रों को राज्यपाल ने मेडल दिया। जिसमें 29 छात्राएं और 12 छात्र शामिल थे। जिसके लिए राज्यपाल राम नाईक ने जहां छात्रों को मेहनत के लिए प्रेरित किया वहीं छात्राओं की भागादारी अधिक होने पर उनकी सराहना की।
छात्रा प्रिया त्रिपाठी, शाबिस्ता नाज, अंशू मित्रा और शालिनी पांडेय का कहना है कि वह प्रोफेसर बनकर देश की शिक्षा व्यवस्था में अपना योगदान करना चाहती है। हेमा विश्वास का कहना है कि कुशल चिकित्सक बनकर समाज के गरीब लोगों की सेवा करना चा हती है। राहुल सिंह का सपना है कि वह सिविल परीक्षा की तैयारी कर आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहते हैं। इसके लिए वह तैयारी में जुट गए हैं। धनंजय तिवारी और अनीश कुमार सिंह का कहना है कि वह कृषि वैज्ञानिक बनकर देश के किसानों की खेती में मदत करना चाहते हैं। साथ ही प्रधानमंत्री की योजना को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे। मिथिलेश पांडेय का कहना है कि शिक्षा में उनकी विशेष रूचि है। वह पढ़ाई कर शिक्षक बनना चाहते हैं। सौरभमणि का कहना है कि सिविल परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। आईएस बनना उनका सपना है। इसके लिए वह अभी से पूरी लगन से मेहनत कर रहे हैं।
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छात्राओं ने मारी बाजी
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में गोल्ड पाने में छात्राएं आगे रही। स्नातक और परास्नातक दोनों में छात्राओं ने छात्रों को पीछे छोड़ दिया। स्नातक स्तर पर 17 छात्रों को मेडल दिया गया। जिसमें नौ छात्राएं और आठ छात्र शामिल थे। इसी प्रकार परास्नातक स्तर पर 41 छात्रों को राज्यपाल ने मेडल दिया। जिसमें 29 छात्राएं और 12 छात्र शामिल थे। जिसके लिए राज्यपाल राम नाईक ने जहां छात्रों को मेहनत के लिए प्रेरित किया वहीं छात्राओं की भागादारी अधिक होने पर उनकी सराहना की।
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