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फरियादी ने केरोसीन छिड़ककर तहसील परिसर में लगाई आग
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मछलीशहर। मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के लौंह ग्राम निवासी एक फरियादी ने मंगलवार को मछलीशहर तहसील परिसर में अपने ऊपर केरोसिन तेल छिड़ककर आग लगा ली। वहां मौजूद अधिवक्ताओं ने सक्रियता दिखाते हुए आग बुझाकर उसकी जान बचाई। वह तीस प्रतिशत जल गया है। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने उसे सीएचसी मे भर्ती कराया, जहां स्थिति गम्भीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
लौंह (अचनका) ग्राम निवासी अच्छेलाल पटेल(50) मंगलवार को गिलास में मिट्टी का तेल लेकर तहसील परिसर पहुंचा। पहले वह ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सत्य प्रकाश के कार्यालय में गया। वह अपने कार्यालय में नहीं थे तो वहां चला गया। दिन में 11 बजे के उसने तहसील परिसर में स्थित आपूर्ति कार्यालय के सामने अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। उसे जलता देख अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष दिनेश चंद्र सिन्हा, विनय प्रिय पांडेय व ललित मोहन तिवारी आदि अधिवक्ता और वादकारी पहुंच गए। अधिवक्ताओं के प्रयास से आग बुझा ली गई लेकिन तब तक वह तीस प्रतिशत तक जल गया था। लोगों के पूछने पर फरियादी ने बताया कि उसके पट्टीदारों व भूमाफिया ने फर्जी ढंग से बैनामा कराकर उसकी जमीन हड़प ली है। कई बार शासन, जिला प्रशासन, तहसील व पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हारकर वह ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के सामने आत्मदाह करने आया था। उनके न मिलने पर बाहर गया। प्रार्थनापत्र देने के लिए भी उसके पास पैसे नहीं थे। ऐसे में उसने आत्मदाह करना ही बेहतर समझा। अधिवक्ताओं की सूचना पर मौके पर पहुंचे कोतवाल पर्व कुमार सिंह उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराए, जहां स्थिति गम्भीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूचना मिलने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट उसकी हालत की जानकारी लेने चिकित्सालय पहुंचे।
लौंह (अचनका) ग्राम निवासी अच्छेलाल पटेल(50) मंगलवार को गिलास में मिट्टी का तेल लेकर तहसील परिसर पहुंचा। पहले वह ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सत्य प्रकाश के कार्यालय में गया। वह अपने कार्यालय में नहीं थे तो वहां चला गया। दिन में 11 बजे के उसने तहसील परिसर में स्थित आपूर्ति कार्यालय के सामने अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। उसे जलता देख अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष दिनेश चंद्र सिन्हा, विनय प्रिय पांडेय व ललित मोहन तिवारी आदि अधिवक्ता और वादकारी पहुंच गए। अधिवक्ताओं के प्रयास से आग बुझा ली गई लेकिन तब तक वह तीस प्रतिशत तक जल गया था। लोगों के पूछने पर फरियादी ने बताया कि उसके पट्टीदारों व भूमाफिया ने फर्जी ढंग से बैनामा कराकर उसकी जमीन हड़प ली है। कई बार शासन, जिला प्रशासन, तहसील व पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हारकर वह ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के सामने आत्मदाह करने आया था। उनके न मिलने पर बाहर गया। प्रार्थनापत्र देने के लिए भी उसके पास पैसे नहीं थे। ऐसे में उसने आत्मदाह करना ही बेहतर समझा। अधिवक्ताओं की सूचना पर मौके पर पहुंचे कोतवाल पर्व कुमार सिंह उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराए, जहां स्थिति गम्भीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूचना मिलने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट उसकी हालत की जानकारी लेने चिकित्सालय पहुंचे।
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