{"_id":"5cc748f8bdec22078f24b76d","slug":"151556564216-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलियांवाला बाग के बलिदानियों से प्रेरणा लेने की जरूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जलियांवाला बाग के बलिदानियों से प्रेरणा लेने की जरूरत
Tue, 30 Apr 2019 10:37 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जौनपुर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जौनपुर
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 30 Apr 2019 10:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रख्यात राष्ट्रीय चिंतक और विचारक गंगा समग्र के केंद्रीय सचिव मिथिलेश नारायण ने कहा कि भारत के स्वाधीनता संघर्ष के इतिहास में वैशाखी के पवित्र दिन 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर का जलियांवाला बाग नरसंहार क्रूर ,वीभत्स तथा उत्तेजना पूर्ण घटना थी जिससे न केवल भारत के जनमानस को उद्वेलित ,कुपित तथा आंदोलित किया अपितु ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी।
वह सोमवार को राष्ट्रीय सिख संगत जौनपुर के तत्वाधान में आयोजित जलियांवाला बाग के प्रेरणादायी बलिदानियों की स्मृति में आयोजित ‘प्रणाम शहीदा नू’ श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्य वक्ता गुरु तेग बहादुर बाल विद्यालय रास मंडल के सभागार में कहीं। इसके पूर्व मुख्य वक्ता द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व पुष्पांजलि किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में डा. सुभाष बिश्नोई ने वंदे मातरम गीत प्रस्तुत किया।
प्रज्ञा प्रवाह के जिला संयोजक संतोष त्रिपाठी ने अतिथियों का परिचय कराया। प्रणाम शहीदा ने कार्यक्रम के संयोजक सरदार मनमोहन सिंह रिंकू, सहसंयोजक सरदार सतवंत सिंह, दिनेश सेठी ने अतिथियों को स्मृति चिह्न व सरदार तेजा सिंह ने अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं समाजसेवी व पूर्व उप निरीक्षक नरेंद्र कौर भाटिया ने कहा कि जलियांवाला बाग सभी देशभक्तों के लिए एक प्रेरणादायी तीर्थ बन गया है।
विज्ञापन
‘प्रणाम शहीदा नू’ कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ता के तौर पर उपस्थित प्रांत कार्यवाह बांकेलाल यादव ने कहा कि जालियांवाला बाग की ऐतिहासिक घटना का यह शताब्दी वर्ष है। हम सब का यह कर्तव्य है बलिदान की अमर गाथा देश के हर कोने तक पहुंचे। वरिष्ठ समाजसेवी दीपक चिटकारिया व प्रीति गुप्ता ने विस्तार से जालियांवाला बाग की भयावहता को बताते हुए कहा कि देश में ऐसी ऐतिहासिक घटनाओं से सबक लेते हुए उन्हें ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए हमें निरंतर सक्रिय रहना चाहिए। कार्यक्रम संयोजक सरदार मनमोहन सिंह रिंकू ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन उत्तर प्रदेश पंजाबी अकेडमी के सदस्य सरदार जसविंदर सिंह ने किया।
विज्ञापन
वह सोमवार को राष्ट्रीय सिख संगत जौनपुर के तत्वाधान में आयोजित जलियांवाला बाग के प्रेरणादायी बलिदानियों की स्मृति में आयोजित ‘प्रणाम शहीदा नू’ श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्य वक्ता गुरु तेग बहादुर बाल विद्यालय रास मंडल के सभागार में कहीं। इसके पूर्व मुख्य वक्ता द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व पुष्पांजलि किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में डा. सुभाष बिश्नोई ने वंदे मातरम गीत प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
प्रज्ञा प्रवाह के जिला संयोजक संतोष त्रिपाठी ने अतिथियों का परिचय कराया। प्रणाम शहीदा ने कार्यक्रम के संयोजक सरदार मनमोहन सिंह रिंकू, सहसंयोजक सरदार सतवंत सिंह, दिनेश सेठी ने अतिथियों को स्मृति चिह्न व सरदार तेजा सिंह ने अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं समाजसेवी व पूर्व उप निरीक्षक नरेंद्र कौर भाटिया ने कहा कि जलियांवाला बाग सभी देशभक्तों के लिए एक प्रेरणादायी तीर्थ बन गया है।
विज्ञापन
‘प्रणाम शहीदा नू’ कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ता के तौर पर उपस्थित प्रांत कार्यवाह बांकेलाल यादव ने कहा कि जालियांवाला बाग की ऐतिहासिक घटना का यह शताब्दी वर्ष है। हम सब का यह कर्तव्य है बलिदान की अमर गाथा देश के हर कोने तक पहुंचे। वरिष्ठ समाजसेवी दीपक चिटकारिया व प्रीति गुप्ता ने विस्तार से जालियांवाला बाग की भयावहता को बताते हुए कहा कि देश में ऐसी ऐतिहासिक घटनाओं से सबक लेते हुए उन्हें ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए हमें निरंतर सक्रिय रहना चाहिए। कार्यक्रम संयोजक सरदार मनमोहन सिंह रिंकू ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन उत्तर प्रदेश पंजाबी अकेडमी के सदस्य सरदार जसविंदर सिंह ने किया।