{"_id":"5c759527bdec225eb65e0463","slug":"151551209767-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरिकथा व ज्ञान मोक्ष का दरवाजा खोलने में है कारगर मंत्र है- अंकिता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरिकथा व ज्ञान मोक्ष का दरवाजा खोलने में है कारगर मंत्र है- अंकिता
विज्ञापन
विज्ञापन
सतहरिया। श्रीमद्भागवत कथा सभी कथाओं का सार है। कथा केवल सुनने की वस्तु नहीं है। उसे हृदयंगम तथा आचरण में उतारने की आवश्यकता है। यही जीवन की सार्थकता है। यह बात वृंदावन धाम से आए संत अंकिता महराज ने मुंगराबादशाहपुर कस्बे में स्थित शक्ति पीठ मां काली मंदिर में मंगलवार को पहले दिन श्रीमद्भागवत कथा का महत्व बताते हुए कही।
उन्होंने कहा कि ज्ञान के भेद को सत्संग से जाना जा सकता है। हृदय का अंधकार सिर्फ ज्ञान के प्रकाश से दूर होता है। उन्होंने कहा कि संसार में ऐसा कोई नहीं है जो दुख से ग्रसित न हो। इसका कारण प्रभू सत्ता से दूर होना है। मन की पीड़ा का हरण सिर्फ नाम जप से होता है। अजामिल दुष्ट प्रवृत्ति का था। अपने पुत्र का नाम नारायण का नाम लेने से उसका उद्धार हो गया। हरि कथा की महत्ता बताते हुए कहा कि राजा परीक्षित को हरि कथा पान से बैकुंठ की प्राप्ति हुई ती। हरि कथा मोक्ष का दरवाजा खोलने में कारगर मंत्र है। विमला जायसवाल, मनोज कुमार जायसवाल, सुनील, अनिल, गामा आदि श्रद्घालु उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि ज्ञान के भेद को सत्संग से जाना जा सकता है। हृदय का अंधकार सिर्फ ज्ञान के प्रकाश से दूर होता है। उन्होंने कहा कि संसार में ऐसा कोई नहीं है जो दुख से ग्रसित न हो। इसका कारण प्रभू सत्ता से दूर होना है। मन की पीड़ा का हरण सिर्फ नाम जप से होता है। अजामिल दुष्ट प्रवृत्ति का था। अपने पुत्र का नाम नारायण का नाम लेने से उसका उद्धार हो गया। हरि कथा की महत्ता बताते हुए कहा कि राजा परीक्षित को हरि कथा पान से बैकुंठ की प्राप्ति हुई ती। हरि कथा मोक्ष का दरवाजा खोलने में कारगर मंत्र है। विमला जायसवाल, मनोज कुमार जायसवाल, सुनील, अनिल, गामा आदि श्रद्घालु उपस्थित रहे।
विज्ञापन