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मुआवजा न मिलने पर किसानों ने रोका कार्य, हुई नोकझोंक
Updated Tue, 19 Dec 2017 12:13 AM IST
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जलालपुर। हाईवे पर त्रिलोचन में बाईपास के निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का मुआवजा नहीं मिलने पर नाराज किसानों ने सोमवार को निर्माण कार्य रोक दिया। किसानों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार पर जमीन हड़पने की साजिश करने का आरोप लगाया।
क्षेत्र के बीबनमऊ, रेहटी, असबरनपूर, महिमापुर समेत छह गांवों के किसान सोमवार को त्रिलोचन में बन रहे बाईपास पर पहुंचे और मुआवजे का भुगतान करने की मांग की। किसानों ने प्रदर्शन करते हुए निर्माण कार्य रोक दिया। इस दौरान हाईवे के कर्मचारी और पुलिसकर्मियों से किसानों की नोकझोंक भी हुई। अधिकारियों ने जबरदस्ती कार्य कराना चाहा तो किसानों ने मशीन के आगे खड़े होकर कार्य को रुकवा दिया। किसानों का कहना था जब तक जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक कार्य नहीं करने दिया जाएगा। काम रुका देख वहां कार्य करवा रहे अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उनकी किसानों से नोंकझोंक हो गई। इसके बाद अधिकारियों ने जैसे ही दोबारा कार्य शुरू कराया तो किसानों के साथ आए लोगों ने मशीन के सामने खड़े हो गए। बवाल बढ़ता देख अधिकारियों को कार्य बंद करना पड़ा। किसानों का कहना है प्रभावित किसानों व व्यापारियों एवं परिवार वालों को धारा (31)1
अधिनियम 2013 के तहत पांच लाख का तत्काल राहत पैकेज दिया जाए। भूमि का सीमांकन किया जाए। किसान न्याय मोर्चा के अध्यक्ष पंडित राजेश मिश्रा ने कहा कि कई बार जिलाधिकारी को लिखित रूप से अवगत कराया गया लेकिन मुआवजा भुगतान के लिए कोई कार्यवाही नहीं की गई। किसानों ने बताया कि मुआवजे के नाम पर अधिकारी उनसे ठीक से बात तक नहीं करते हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारी जबरन उनकी जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं। इस मौके पर आशीष, प्रदीप, योगेश, वीरेंद्र, शुभम, कमलेश, रमेश, आकाश, चंद्रेश आदि किसान मौजूद रहे।
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क्षेत्र के बीबनमऊ, रेहटी, असबरनपूर, महिमापुर समेत छह गांवों के किसान सोमवार को त्रिलोचन में बन रहे बाईपास पर पहुंचे और मुआवजे का भुगतान करने की मांग की। किसानों ने प्रदर्शन करते हुए निर्माण कार्य रोक दिया। इस दौरान हाईवे के कर्मचारी और पुलिसकर्मियों से किसानों की नोकझोंक भी हुई। अधिकारियों ने जबरदस्ती कार्य कराना चाहा तो किसानों ने मशीन के आगे खड़े होकर कार्य को रुकवा दिया। किसानों का कहना था जब तक जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक कार्य नहीं करने दिया जाएगा। काम रुका देख वहां कार्य करवा रहे अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उनकी किसानों से नोंकझोंक हो गई। इसके बाद अधिकारियों ने जैसे ही दोबारा कार्य शुरू कराया तो किसानों के साथ आए लोगों ने मशीन के सामने खड़े हो गए। बवाल बढ़ता देख अधिकारियों को कार्य बंद करना पड़ा। किसानों का कहना है प्रभावित किसानों व व्यापारियों एवं परिवार वालों को धारा (31)1
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अधिनियम 2013 के तहत पांच लाख का तत्काल राहत पैकेज दिया जाए। भूमि का सीमांकन किया जाए। किसान न्याय मोर्चा के अध्यक्ष पंडित राजेश मिश्रा ने कहा कि कई बार जिलाधिकारी को लिखित रूप से अवगत कराया गया लेकिन मुआवजा भुगतान के लिए कोई कार्यवाही नहीं की गई। किसानों ने बताया कि मुआवजे के नाम पर अधिकारी उनसे ठीक से बात तक नहीं करते हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारी जबरन उनकी जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं। इस मौके पर आशीष, प्रदीप, योगेश, वीरेंद्र, शुभम, कमलेश, रमेश, आकाश, चंद्रेश आदि किसान मौजूद रहे।
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