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आज युवाओं की पहली पसन्द बन गयी है खादी: सुशील दुबे
Updated Sun, 17 Dec 2017 12:33 AM IST
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खादी प्रदर्शनी में चरखे का लगा स्टाल
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जौनपुर। खादी अब युवाओं की पहली पसंद बन गई है। खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने युवाओं की पसंद के कपड़े तैयार करने शुरू कर दिए हैं। ये बातें नगर के राज कालेज के मैदान पर लगी खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी के मंत्री सुशील दुबे ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहीं।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार खादी को बढ़ावा देने के साथ हथकरघा कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के प्रति भी निरंतर सचेष्ट है। इसी कड़ी में देश के विभिन्न राज्यों में समय-समय पर खादी प्रदर्शनी लगाई जाती हैं। इसी क्रम में जौनपुर में लगी प्रदर्शनी में जहां सूटिंग-शर्टिंग, दरी, जाजम, खेस, कम्बल, साड़ियां, सलवार सूट की प्रदर्शनी लगी है, वहीं ऊनी शाल, कार्डिगन, देशी कम्बल सहित लेदर के सामान, मसाले आदि की दुकानें सजी हैं। साथ ही विभिन्न प्रकार की लकड़ी से बने फर्नीचर तो जनपदवासियों के लिये आकर्षण के केन्द्र बने हुए हैं जहां खरीददारों की भीड़ कम होने की नाम ही नहीं ले रही हैं। उन्होंने बताया कि खादी विभाग ने यह तय किया है कि वह वर्तमान युवा पीढ़ी की सोच बदलेगा, ताकि वे इसे आउट डेटेड न मानें। इसी सोच से सरकार ने अब खादी को भी माडर्न कर दिया है। जनपद के युवा यदि खादी सिर्फ इसलिये नहीं पहनते हैं कि वे माडर्न नहीं हैं तो उनके लिये यह अच्छा मौका है। नगर में आयोजित 20 दिवसीय प्रदर्शनी के शनिवार को 11वें दिन श्री दुबे ने बताया कि प्रदर्शनी में युवाओं के लिये परिधान के खास कलेक्शन हैं। इसमें नये फैशन के रेडिमेड कपड़ों के साथ ही तमाम चीजों के स्टाल लगाये गये हैं। अन्त में श्री दुबे ने कहा कि खादी आजादी का प्रतीक है जिसकी उत्पति राष्ट्रपिता महत्मा गांधी के विचारधारा से हुई है।
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उन्होंने कहा कि भारत सरकार खादी को बढ़ावा देने के साथ हथकरघा कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के प्रति भी निरंतर सचेष्ट है। इसी कड़ी में देश के विभिन्न राज्यों में समय-समय पर खादी प्रदर्शनी लगाई जाती हैं। इसी क्रम में जौनपुर में लगी प्रदर्शनी में जहां सूटिंग-शर्टिंग, दरी, जाजम, खेस, कम्बल, साड़ियां, सलवार सूट की प्रदर्शनी लगी है, वहीं ऊनी शाल, कार्डिगन, देशी कम्बल सहित लेदर के सामान, मसाले आदि की दुकानें सजी हैं। साथ ही विभिन्न प्रकार की लकड़ी से बने फर्नीचर तो जनपदवासियों के लिये आकर्षण के केन्द्र बने हुए हैं जहां खरीददारों की भीड़ कम होने की नाम ही नहीं ले रही हैं। उन्होंने बताया कि खादी विभाग ने यह तय किया है कि वह वर्तमान युवा पीढ़ी की सोच बदलेगा, ताकि वे इसे आउट डेटेड न मानें। इसी सोच से सरकार ने अब खादी को भी माडर्न कर दिया है। जनपद के युवा यदि खादी सिर्फ इसलिये नहीं पहनते हैं कि वे माडर्न नहीं हैं तो उनके लिये यह अच्छा मौका है। नगर में आयोजित 20 दिवसीय प्रदर्शनी के शनिवार को 11वें दिन श्री दुबे ने बताया कि प्रदर्शनी में युवाओं के लिये परिधान के खास कलेक्शन हैं। इसमें नये फैशन के रेडिमेड कपड़ों के साथ ही तमाम चीजों के स्टाल लगाये गये हैं। अन्त में श्री दुबे ने कहा कि खादी आजादी का प्रतीक है जिसकी उत्पति राष्ट्रपिता महत्मा गांधी के विचारधारा से हुई है।
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