{"_id":"5a2c2a4a4f1c1bbd208b5b8a","slug":"151284398610-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली की बढ़ी दरों को कम करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली की बढ़ी दरों को कम करने की मांग
Updated Sun, 10 Dec 2017 12:40 AM IST
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट पर अपना दल का धरना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौनपुर। बिजली के बढ़ दरों को घटाने और विभिन्न जन समस्याओं को लेकर अपना दल द्वारा शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाध्यक्ष सुनील पटेल की अध्यक्षता में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान जन समस्याओं का निस्तारण करने और बिजली के बढ़े दरों को कम करने की आवाज बुलंद की। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। साथ ही राज्यपाल को संबोधित पांच सूत्रीय मांग पत्र जिलाकारी को सौपा।
जिलाध्यक्ष सुनील पटेल ने कहा कि सरकार द्वारा बिजली का दर बढ़ना न्याय संगत नहीं है। यह किसानों के साथ धोखा है। साथ ही सरकार के किसानों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार किसानों विरोधी है। पूर्व की सरकारों में बिजली उत्पादन आठ हजार से पांच सौ मेगावाट और इसके बाद 16 हजार मेगावाट उत्पादन किया गया। वहीं भाजपा के केंद्र व प्रदेश सरकार में उत्पादन में गिरावट आई है। ग्रामीण मीटर्स उपभोक्ता पहले 50 रुपये प्रति किलोवाट फिक्स चार्ज व दो रुपया 20 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिल चुकाते थे। लेकिन अब उन्हें 80 रुपये प्रति किलोवाट फिक्स चार्ज और तीन से साढ़े पांच रुपया प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना होगा। उन्होंने बढ़ी हुई बिजली दरों को कम करने, कृषि संबंधि यंत्रों पर जीएसटी समाप्त करने, किसानोों को बिजली व डीजल में अतिरिक्त सब्सिडी देने आदि की मांग पूरा करने की माग की। धरना देने वालों में चितबहाल पटेल, अनिल पटेल, श्यामधारी पटेल, डा.अरविंद पटेल, बसंता पटेल, डा.प्रदीप पटेल व जिलाजीत पटेल आदि रहे।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष सुनील पटेल ने कहा कि सरकार द्वारा बिजली का दर बढ़ना न्याय संगत नहीं है। यह किसानों के साथ धोखा है। साथ ही सरकार के किसानों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार किसानों विरोधी है। पूर्व की सरकारों में बिजली उत्पादन आठ हजार से पांच सौ मेगावाट और इसके बाद 16 हजार मेगावाट उत्पादन किया गया। वहीं भाजपा के केंद्र व प्रदेश सरकार में उत्पादन में गिरावट आई है। ग्रामीण मीटर्स उपभोक्ता पहले 50 रुपये प्रति किलोवाट फिक्स चार्ज व दो रुपया 20 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिल चुकाते थे। लेकिन अब उन्हें 80 रुपये प्रति किलोवाट फिक्स चार्ज और तीन से साढ़े पांच रुपया प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना होगा। उन्होंने बढ़ी हुई बिजली दरों को कम करने, कृषि संबंधि यंत्रों पर जीएसटी समाप्त करने, किसानोों को बिजली व डीजल में अतिरिक्त सब्सिडी देने आदि की मांग पूरा करने की माग की। धरना देने वालों में चितबहाल पटेल, अनिल पटेल, श्यामधारी पटेल, डा.अरविंद पटेल, बसंता पटेल, डा.प्रदीप पटेल व जिलाजीत पटेल आदि रहे।
विज्ञापन