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भारतीय किसान यूनियन ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन
Updated Wed, 06 Dec 2017 12:15 AM IST
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कलेक्ट्रेट पर किसानों का प्रदर्शन
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जौनपुर। बिजली की बढ़ी हुई दर वापस लेने समेत किसान समस्याओं को दूर करने की मांग लेकर भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव की अगुवाई में बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने अपनी मांग से संबंधित प्रधानमंत्री और मुख्य मंत्री को संबोधित पत्रक जिलाधिकारी को सौंपा। धरना सभा में यूनियन के जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव ने कहा कि बिजली का बिल बढ़ाने की घोषणा कर सरकार ने किसानों की परेशानी को बढ़ाने का काम किया है। किसान पहले से ही कर्ज में दबा है। फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। ऊपर से सरकार ने बिजली की दर बढ़ाने की घोषणा कर दी। सरकार को अपने इस फैसले पर फिर से विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार अपने इस फैसले को वापस नहीं लेती तो इसे लेकर प्रदेश व्यापी आंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि किसानों की बेहतरी के लिए फसल सब्जी और दूध को भी समर्थन मूल्य के अधीन लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आलू, गन्ना, धान, गेहूं उपजाने वाले किसानों बोनस दिया जाना चाहिए। पीएम को संबोधित पत्रक में किसानों पर लगाए गए मुकदमे वापस लेने, ठंड में निरस्त की गई एजे पैसेंजर ट्रेन चलाने, नहरों में पानी छोड़ने की मांग की गई है। इस मौके पर राजसबली, सीताराम, बाबूराम, अमरनाथ, शैलेश वर्मा, घनश्याम, बच्चू राम, राजेश, चंद्रबली, खलील, अखिलेश, जीतलाल, विनय, छोटेलाल, पुद्दनराम, राजेश यादव, श्रीराम, मेवाललाल, बच्चू रामा, निर्मला, प्रेमा, आशा, सबिता, लीलावती, सुनीता, रेखा, सीता, ऊषा, सरोजा, शांति देवी आदि मौजूद रहीं।
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भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव की अगुवाई में बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने अपनी मांग से संबंधित प्रधानमंत्री और मुख्य मंत्री को संबोधित पत्रक जिलाधिकारी को सौंपा। धरना सभा में यूनियन के जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव ने कहा कि बिजली का बिल बढ़ाने की घोषणा कर सरकार ने किसानों की परेशानी को बढ़ाने का काम किया है। किसान पहले से ही कर्ज में दबा है। फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। ऊपर से सरकार ने बिजली की दर बढ़ाने की घोषणा कर दी। सरकार को अपने इस फैसले पर फिर से विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार अपने इस फैसले को वापस नहीं लेती तो इसे लेकर प्रदेश व्यापी आंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि किसानों की बेहतरी के लिए फसल सब्जी और दूध को भी समर्थन मूल्य के अधीन लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आलू, गन्ना, धान, गेहूं उपजाने वाले किसानों बोनस दिया जाना चाहिए। पीएम को संबोधित पत्रक में किसानों पर लगाए गए मुकदमे वापस लेने, ठंड में निरस्त की गई एजे पैसेंजर ट्रेन चलाने, नहरों में पानी छोड़ने की मांग की गई है। इस मौके पर राजसबली, सीताराम, बाबूराम, अमरनाथ, शैलेश वर्मा, घनश्याम, बच्चू राम, राजेश, चंद्रबली, खलील, अखिलेश, जीतलाल, विनय, छोटेलाल, पुद्दनराम, राजेश यादव, श्रीराम, मेवाललाल, बच्चू रामा, निर्मला, प्रेमा, आशा, सबिता, लीलावती, सुनीता, रेखा, सीता, ऊषा, सरोजा, शांति देवी आदि मौजूद रहीं।
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