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जैव प्रौद्योगिकी से सुलझेगी खाद्यान और स्वास्थ्य की समस्या
Updated Fri, 10 Nov 2017 12:38 AM IST
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जौनपुर। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रो. एमपी सिंह ने कहा कि देश की 125 करोड़ आबादी को खाद्यान्न और स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना चुनौती है। जैव प्रौद्योगिकी इस चुनौती से निबटने में मददगार साबित हो सकता है।
मोहम्मद हसन पीजी कालेज में आयोजित गोष्ठी में उन्होंने कहा कि जैव प्रौद्योगिकी पर छात्र देश के अलावा विदेशों में शोध कर सकते हैं। उन्होंने डीएनए डैमेज एंड रिपेयर के बारे में विस्तार से बताया। डीएनए में होने वाली गड़बड़ियों, डैमेज होनी वाली कोशिकाओं को कोशिका कैसे ठीक करती है, इस पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि डीएनए में गड़बड़ी की वजह से कैंसर तथा दूसरी आनुवंशिक बीमारियों की आशंका रहती है। मशरूम के उत्पादन और उसका महत्व बताया। कालेज के प्राचार्य डा. अब्दुल कादिर ने जैव प्रौद्योगिकी की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम संयोजक अभिषेक कुमार श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत किया। विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम में विजेता छात्रों को पुरस्कृत किया गया। सम्मानित होने वाले छात्रों में ऐमन जाफरी, तेजस्वी, विक्रम कुमार, सिद्धार्थ, अंशुल यादव, यशस्वी, आभा मिश्रा, दीक्षा मिश्रा को प्रमाण पत्र दिया गया। इस मौके पर डा. अभय कुमार गुप्त, डा. संजय कुमार, करुणानिधि सिंह, डा. चंद्रशेखर सिंह, प्रतिभा श्रीवास्तव, डा. अर्चना वर्मा, डा. स्मृति शुक्ल आदि मौजूद रहीं।
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मोहम्मद हसन पीजी कालेज में आयोजित गोष्ठी में उन्होंने कहा कि जैव प्रौद्योगिकी पर छात्र देश के अलावा विदेशों में शोध कर सकते हैं। उन्होंने डीएनए डैमेज एंड रिपेयर के बारे में विस्तार से बताया। डीएनए में होने वाली गड़बड़ियों, डैमेज होनी वाली कोशिकाओं को कोशिका कैसे ठीक करती है, इस पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि डीएनए में गड़बड़ी की वजह से कैंसर तथा दूसरी आनुवंशिक बीमारियों की आशंका रहती है। मशरूम के उत्पादन और उसका महत्व बताया। कालेज के प्राचार्य डा. अब्दुल कादिर ने जैव प्रौद्योगिकी की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम संयोजक अभिषेक कुमार श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत किया। विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम में विजेता छात्रों को पुरस्कृत किया गया। सम्मानित होने वाले छात्रों में ऐमन जाफरी, तेजस्वी, विक्रम कुमार, सिद्धार्थ, अंशुल यादव, यशस्वी, आभा मिश्रा, दीक्षा मिश्रा को प्रमाण पत्र दिया गया। इस मौके पर डा. अभय कुमार गुप्त, डा. संजय कुमार, करुणानिधि सिंह, डा. चंद्रशेखर सिंह, प्रतिभा श्रीवास्तव, डा. अर्चना वर्मा, डा. स्मृति शुक्ल आदि मौजूद रहीं।
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