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आगजनी, फायरिंग होती रही और देखते रहे अफसर
Updated Tue, 07 Nov 2017 12:37 AM IST
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खुटहन में ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास को लेकर हुए बवाल के बाद पुलिस अधिकारियों से बात करते पूर्व सांसद धनंजय सिंह
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जौनपुर। खुटहन ब्लाक प्रमुख सरयू देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में जिस तरीके से सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद लामबंद हुए थे उससे खुफिया एजेंसियों ने प्रशासन को अलर्ट कर दिया था। बावजूद इसके प्रशासन ने कोई खास इंतजाम नहीं किया। प्रतापगढ़ के सांसद के काफिले को सोमवार की सुबह 11 बजे तिघरा चौराहे और ब्लाक के बीच प्रमुख समर्थकों की ओर से मार्ग पर ट्रैक्टर खड़ा कर रोके जाने को लेकर बवाल हुआ। इस दौरान असलहों का प्रदर्शन किया गया। क्रुद्ध लोगों पथराव और हवाई फायरिंग की और प्रशासन तमाशबीन बना रहा। एक महिला सिपाही की मोबाइल छीन ली गई। दरोगाओं से धक्का मुक्की हुई और प्रशासनिक अधिकारी देखते रहे जबकि मौके पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी मौजूद रहे। अविश्वास प्रस्ताव के दौरान हुई घटना के बाद ब्लाक प्रमुख समर्थक और विरोधी गुट आमने-सामने आ गया है और एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाया जा रहा है। प्रशासन सात ग्रामीणों को हिरासत में लेकर वाहवाही लूटना चाहता है। अभी किसी भी नेता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
खुटहन प्रतिनिधि के अनुसार प्रतापगढ़ के सांसद हरिवंश सिंह उनके पुत्र पूर्व प्रमुख रमेश सिंह गाड़ियों का काफिला लेकर प्रतापगढ़ से चले। आरोप है कि इन गाड़ियों में बीडीसी सदस्य थे जिन्हें पहले से ही बुला लिया गया था। जैसे ही काफिला तिघरा चौराहे से आगे बढ़ा खुटहन ब्लाक से पहले ही ब्लाक प्रमुख सरयू देवी के समर्थकों ने सड़क पर ट्रैक्टर खड़ाकर रास्ता रोक दिया। ट्रैक्टर को हटवाने के लिए पुलिसकर्मियों ने प्रयास किया। इसी बीच किसी ने फायरिंग कर दी। फायरिंग होते ही प्रमुख समर्थक ग्रामीण टूट पड़े और बीडीसी सदस्यों, सांसद समर्थकों की पिटाई शुरू कर दी। पथराव भी हुआ जिसमें छह लोगों को चोटें आईं। आक्रोश इस बात से उपजा कि पुलिस सुरक्षा में अविश्वास के लिए सदस्यों को लाया जा रहा है जबकि ऐसा नियम नहीं है। किसी भी सदस्य ने प्रशासन से सुरक्षा नहीं मांगी लेकिन प्रशासन कुछ आगे बढ़कर नियमों को दरकिनार करते हुए काफिला की अगुवानी करने लगा जिसकी वजह से ही मारपीट, पथराव, आगजनी, फायरिंग की घटना हुई। यह अलग बात है कि इस घटना को अंजाम देने के लिए पहले से ही होमवर्क कर लिया गया था। दोनों गुटों ने अपने-अपने समर्थकों की जुटान की थी। प्रतापगढ़ सांसद के पक्ष में बाहुबली पूर्व सांसद उमाकांत यादव भी अपने समर्थकों के साथ आए थेे। उधर, ब्लाक प्रमुख खेमे में पूर्व मंत्री ललई यादव, पूर्व सांसद धनंजय सिंह, एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंशू, पूर्व प्रमुख प्रदीप सिंह भी जुटे थे। मल्हनी रोड पर जहां पूर्व सांसद धनंजय सिंह बैरियर के पास बैठे थे वहीं पूर्व मंत्री एवं विधायक शैलेंद्र यादव ललई भी अपने समर्थक अखंड प्रताप यादव, मिथिलेश यादव आदि के साथ डेरा जमाए थे। बदलापुर विधायक रमेश चंद्र मिश्र भी तीन किमी दूर प्रतापगढ़ के सांसद के पक्ष में एक पंप पर बैठे हुए थे। वहीं पर पूर्व सांसद उमाकांत यादव भी मौजूद थे। खुटहन ब्लाक पर हथियार लेकर लोग मंडरा रहे थे लेकिन कोई पूछने वाला नहीं था।
अविश्वास प्रस्ताव मतदान के दौरान जमकर हिंसा हुई। पूर्व सांसद धनंजय सिंह, पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई, एमएलसी बृजेश सिंह आदि ने अविश्वास प्रस्ताव पर मत देने जा रहे सदस्यों पर पथराव और फायरिंग कराई जिसमें छह से अधिक लोगों को चोटें आई हैं। लिखित रूप से इनके खिलाफ एसपी को तहरीर दी गई है।-हरिवंश सिंह, सांसद प्रतापगढ़
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प्रशासन ने बीडीसी को पहुंचाने का काम किया। बीडीसी को ले जा रहे लोग हथियारों से लैस थे। उनकी गाड़ियां घुसाई गई। प्रशासन की शह पर सांसद समर्थकों की ओर से किए जा रहे नंगा नाच पर जनता उग्र हुई। जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह गलत हैं। हम लोगों ने किसी को नहीं ललकारा और न ही कानून का उल्लंघन किया।-बृजेश सिंह प्रिंसू, एमएलसी
सांसद हरिवंश सिंह ने गुंडई की पराकाष्ठा को पार कर दी। अवैध असलहों के साथ बीडीसी को लेकर खुटहन पहुंचे। राजनीति की आबरू लूटने का काम किया। लोकतंत्र के मर्यादा को तार-तार कर दिया। खुद फायरिंग कराई। पुलिस की बैरियर तोड़ा और उल्टे आरोप लगा रहे हैं। - शैलेंद्र यादव ललई, पूर्व मंत्री व विधायक शाहगंज
डीएम के आदेश को एसपी ने किया दरकिनार
खुटहन/सुइथाकला। पश्चिमी गेट पर पूर्व मंत्री व शाहगंज के सपा विधायक शैलेंद्र यादव ललई अपने समर्थकों के साथ डटे थे। तब तक वहां वूमेन पावर लाइन 1090 की गाड़ी पर महिला कांस्टेबल पहुंचीं। उनकी गाड़ी में एक महिला बैठी थी। सपा समर्थकों ने उसे बीडीसी समझ कर गाड़ी रोक दी और गाड़ी की चाभी निकाल ली। एक महिला सिपाही का मोबाइल भी ले लिया गया। पश्चिमी गेट से बीडीसी को गाड़ी से ब्लाक मुख्यालय पर पहुंचने पर शैलेंद्र यादव ललई भी बैरिकेडंग तोड़ कर अपने समर्थकों के साथ ब्लाक मुख्यालय पर पहुंच गए। वहां आरोप लगाया कि गाड़ी ब्लाक के समीप कैसे पहुंची। जब सभी गाड़ियां बैरियर बनाकर रोकी जा रही है तो इन गाड़ियों का प्रवेश क्यों कराया जा रहा है। इसी बीच मौके पर डीएम और एसपी पहुंच गए। इनसे पूर्व सांसद धनंजय सिंह, एमएलसी प्रिंसू सिंह और ललई यादव की इसी बात को लेकर अलग-अलग नोक झोंक भी हुई। बाद दोनों पक्षों के सभी समर्थकों को बाहर कराया गया। मौके पर प्रतापगढ़ के सांसद हरिवंश सिंह भी पहुंच गए। यहां उनकी व ललई की बहस भी हुई। बाद में जिलाधिकारी ने दोनों को बाहर कराया। डीएम ने विधायक ललई व पूर्व सांसद धनंजय सिंह को गिरफ्तार करने का मौखिक आदेश दिया। बावजूद इसके पुलिस वाले खिसक गए।
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खुटहन प्रतिनिधि के अनुसार प्रतापगढ़ के सांसद हरिवंश सिंह उनके पुत्र पूर्व प्रमुख रमेश सिंह गाड़ियों का काफिला लेकर प्रतापगढ़ से चले। आरोप है कि इन गाड़ियों में बीडीसी सदस्य थे जिन्हें पहले से ही बुला लिया गया था। जैसे ही काफिला तिघरा चौराहे से आगे बढ़ा खुटहन ब्लाक से पहले ही ब्लाक प्रमुख सरयू देवी के समर्थकों ने सड़क पर ट्रैक्टर खड़ाकर रास्ता रोक दिया। ट्रैक्टर को हटवाने के लिए पुलिसकर्मियों ने प्रयास किया। इसी बीच किसी ने फायरिंग कर दी। फायरिंग होते ही प्रमुख समर्थक ग्रामीण टूट पड़े और बीडीसी सदस्यों, सांसद समर्थकों की पिटाई शुरू कर दी। पथराव भी हुआ जिसमें छह लोगों को चोटें आईं। आक्रोश इस बात से उपजा कि पुलिस सुरक्षा में अविश्वास के लिए सदस्यों को लाया जा रहा है जबकि ऐसा नियम नहीं है। किसी भी सदस्य ने प्रशासन से सुरक्षा नहीं मांगी लेकिन प्रशासन कुछ आगे बढ़कर नियमों को दरकिनार करते हुए काफिला की अगुवानी करने लगा जिसकी वजह से ही मारपीट, पथराव, आगजनी, फायरिंग की घटना हुई। यह अलग बात है कि इस घटना को अंजाम देने के लिए पहले से ही होमवर्क कर लिया गया था। दोनों गुटों ने अपने-अपने समर्थकों की जुटान की थी। प्रतापगढ़ सांसद के पक्ष में बाहुबली पूर्व सांसद उमाकांत यादव भी अपने समर्थकों के साथ आए थेे। उधर, ब्लाक प्रमुख खेमे में पूर्व मंत्री ललई यादव, पूर्व सांसद धनंजय सिंह, एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंशू, पूर्व प्रमुख प्रदीप सिंह भी जुटे थे। मल्हनी रोड पर जहां पूर्व सांसद धनंजय सिंह बैरियर के पास बैठे थे वहीं पूर्व मंत्री एवं विधायक शैलेंद्र यादव ललई भी अपने समर्थक अखंड प्रताप यादव, मिथिलेश यादव आदि के साथ डेरा जमाए थे। बदलापुर विधायक रमेश चंद्र मिश्र भी तीन किमी दूर प्रतापगढ़ के सांसद के पक्ष में एक पंप पर बैठे हुए थे। वहीं पर पूर्व सांसद उमाकांत यादव भी मौजूद थे। खुटहन ब्लाक पर हथियार लेकर लोग मंडरा रहे थे लेकिन कोई पूछने वाला नहीं था।
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अविश्वास प्रस्ताव मतदान के दौरान जमकर हिंसा हुई। पूर्व सांसद धनंजय सिंह, पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई, एमएलसी बृजेश सिंह आदि ने अविश्वास प्रस्ताव पर मत देने जा रहे सदस्यों पर पथराव और फायरिंग कराई जिसमें छह से अधिक लोगों को चोटें आई हैं। लिखित रूप से इनके खिलाफ एसपी को तहरीर दी गई है।-हरिवंश सिंह, सांसद प्रतापगढ़
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प्रशासन ने बीडीसी को पहुंचाने का काम किया। बीडीसी को ले जा रहे लोग हथियारों से लैस थे। उनकी गाड़ियां घुसाई गई। प्रशासन की शह पर सांसद समर्थकों की ओर से किए जा रहे नंगा नाच पर जनता उग्र हुई। जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह गलत हैं। हम लोगों ने किसी को नहीं ललकारा और न ही कानून का उल्लंघन किया।-बृजेश सिंह प्रिंसू, एमएलसी
सांसद हरिवंश सिंह ने गुंडई की पराकाष्ठा को पार कर दी। अवैध असलहों के साथ बीडीसी को लेकर खुटहन पहुंचे। राजनीति की आबरू लूटने का काम किया। लोकतंत्र के मर्यादा को तार-तार कर दिया। खुद फायरिंग कराई। पुलिस की बैरियर तोड़ा और उल्टे आरोप लगा रहे हैं। - शैलेंद्र यादव ललई, पूर्व मंत्री व विधायक शाहगंज
डीएम के आदेश को एसपी ने किया दरकिनार
खुटहन/सुइथाकला। पश्चिमी गेट पर पूर्व मंत्री व शाहगंज के सपा विधायक शैलेंद्र यादव ललई अपने समर्थकों के साथ डटे थे। तब तक वहां वूमेन पावर लाइन 1090 की गाड़ी पर महिला कांस्टेबल पहुंचीं। उनकी गाड़ी में एक महिला बैठी थी। सपा समर्थकों ने उसे बीडीसी समझ कर गाड़ी रोक दी और गाड़ी की चाभी निकाल ली। एक महिला सिपाही का मोबाइल भी ले लिया गया। पश्चिमी गेट से बीडीसी को गाड़ी से ब्लाक मुख्यालय पर पहुंचने पर शैलेंद्र यादव ललई भी बैरिकेडंग तोड़ कर अपने समर्थकों के साथ ब्लाक मुख्यालय पर पहुंच गए। वहां आरोप लगाया कि गाड़ी ब्लाक के समीप कैसे पहुंची। जब सभी गाड़ियां बैरियर बनाकर रोकी जा रही है तो इन गाड़ियों का प्रवेश क्यों कराया जा रहा है। इसी बीच मौके पर डीएम और एसपी पहुंच गए। इनसे पूर्व सांसद धनंजय सिंह, एमएलसी प्रिंसू सिंह और ललई यादव की इसी बात को लेकर अलग-अलग नोक झोंक भी हुई। बाद दोनों पक्षों के सभी समर्थकों को बाहर कराया गया। मौके पर प्रतापगढ़ के सांसद हरिवंश सिंह भी पहुंच गए। यहां उनकी व ललई की बहस भी हुई। बाद में जिलाधिकारी ने दोनों को बाहर कराया। डीएम ने विधायक ललई व पूर्व सांसद धनंजय सिंह को गिरफ्तार करने का मौखिक आदेश दिया। बावजूद इसके पुलिस वाले खिसक गए।