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नैतिक शिक्षा अर्निवार्य
Updated Mon, 30 Oct 2017 12:44 AM IST
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पूर्वांचल विश्वद्यालय में आयोजित गोष्ठी में भाजपा नेता सुनील भराला को स्मृतिचिह्न देते कुलपति प्रो. राजाराम यादव
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जौनपुर। उच्च शिक्षण संस्थाओं में पाठ्यक्रम के अलावा सामाजिक और नैतिक शिक्षा को भी अनिवार्य किया जाना चाहिए। शिक्षा पद्धति के मामले में भारत विश्व में तीसरा स्थान रखता है। ये बातेें भाजपा झुग्गी झोपड़ी जीवन उत्थान मिशन के अध्यक्ष पं. सुनील भराला ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय भारतीय विश्वविद्यालय शिक्षा पद्धति विषयक संगोष्ठी में दूसरे दिन रविवार को में कहीं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा पद्धति के मामले में अमेरिका और चीन के बाद भारत का नंबर आता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा में सुधार की आवश्यकता है। अभी भी शिक्षा व्यवस्था अंग्रेजों की ओर से विकसित की गई पद्धति पर चल रही है। भराला ने कहा कि विश्वविद्यालय और उद्योग जगत में पारस्परिक आदान-प्रदान का नितांत अभाव है। उसे भी ठीक करना जरूरी है। कहा कि देश में 39 करोड़ लोग गरीब झुग्गी झोपड़ियों में परिवार के साथ रहते हैं जिनके बच्चे प्राथमिक शिक्षा के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाते हैं। उन्होंने कहा कि कुलपति इस बात के लिए बधाई के पात्र हैं कि उन्होंने अनादिकाल काल की परंपरा को तोड़कर विश्वविद्यालय परिसर में रामकथा का आयोजन कराया और छात्र-छात्राओं को धर्म व हिंदुत्व के प्रति जागरूक किया। यह सराहनीय है। कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने भराला को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
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उन्होंने कहा कि शिक्षा पद्धति के मामले में अमेरिका और चीन के बाद भारत का नंबर आता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा में सुधार की आवश्यकता है। अभी भी शिक्षा व्यवस्था अंग्रेजों की ओर से विकसित की गई पद्धति पर चल रही है। भराला ने कहा कि विश्वविद्यालय और उद्योग जगत में पारस्परिक आदान-प्रदान का नितांत अभाव है। उसे भी ठीक करना जरूरी है। कहा कि देश में 39 करोड़ लोग गरीब झुग्गी झोपड़ियों में परिवार के साथ रहते हैं जिनके बच्चे प्राथमिक शिक्षा के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाते हैं। उन्होंने कहा कि कुलपति इस बात के लिए बधाई के पात्र हैं कि उन्होंने अनादिकाल काल की परंपरा को तोड़कर विश्वविद्यालय परिसर में रामकथा का आयोजन कराया और छात्र-छात्राओं को धर्म व हिंदुत्व के प्रति जागरूक किया। यह सराहनीय है। कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने भराला को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
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