{"_id":"59ece81a4f1c1bd9798b7cd5","slug":"15086982141-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईटेंशन तारों का मकडजाल से हो सकता है बड़ा हादसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईटेंशन तारों का मकडजाल से हो सकता है बड़ा हादसा
Updated Mon, 23 Oct 2017 12:33 AM IST
विज्ञापन
मकान की छत पर लटके बिजली के तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौनपुर। शहर के सघन आबादी वाले स्थानों पर मकान के ऊपर से गुजरे हाईटेंशन के तार खतरनाक साबित हो रहे हैं। इन तारों के चलते बड़े हादसे की आशंका जताई जा रही है। इसको लेकर लोग शिकायत कर चुके हैं लेकिन तार नहीं हटाए जा सके। इसके अलावा गलियों में जगह-जगह तारों के जंजाल के चलते दुर्घटना की आशंका रहती है। हवा चलने पर दो तारों के आपस में टकराने से स्पार्किंग होती है जिससे हादसे का डर बना रहता है। साथ ही बिजली गुल होती रहती है।
शहर क्षेत्र की आबादी लगभग दो लाख 71 हजार है। वैसे तो शहर के सभी मुहल्लों में कहीं तार ढीले हैं तो कहीं तारों का जंजाल है। कहीं-कहीं कई घरों में लगे पुराने केबिल जगह-जगह नंगे हो गए हैं। तारों को बदलने को कौन कहे, पुराने तारों की देखरेख नहीं की जाती है। कुछ स्थानों पर ढीले तार नहीं कसे गए हैं। शहर के ककोरगहना, रुहट्टा, भगवती कालोनी, ओलंदगंज, शकरमंडी, मियांपुर, ताड़तला आदि मोहल्लों में स्थित मकानों के ऊपर से गुजरे हाईटेंशन तारों और गलियों में तारों के जंजाल को देखा जा सकता है। कई मकानों की छतों के महज तीन से चार फीट की ऊंचाई पर हाईटेंशन तार गुजरे हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा होने का डर बना रहता है। हालांकि इन तारों से दुर्घटना न हो, इसके लिए लोग अपने मकानों की छतों के ऊपर से गुजरे तारों को बांस व बल्ली के सहारे ऊपर किए हुए हैं लेकिन लोगों के अंदर इन तारों से दुर्घटना होने का डर हर समय बना हुआ है। विद्युत विभाग के अधिकारियों की मानें तो कई लोगों ने तारों के नीचे बाद में मकान बनवा लिया। तार के नीचे मकान बनवाने से पहले इसकी सूचना विभाग को देनी चाहिए।
विद्युत विभाग के अधिकारियों की मानें तो मकान बनवाते समय यदि हाई टेंशन तार रुकावट पैदा करता है तो उसे पूर्ण जमा योजना के तहत हटाने का प्राविधान है। इसके लिए मकान स्वामी को मकान बनवाने से पहले विभाग को प्रार्थना पत्र देना होगा। इसके बाद विभाग की ओर से तार हटाया जाता है लेकिन इसका खर्च को खुद मकान स्वामी को वहन करना पड़ता है। अधीक्षण अभियंता एके मिश्र ने बताया कि पूर्ण जमा योजना के तहत तार हटाने का प्राविधान है लेकिन इसके लिए मकान बनवाते समय मकान स्वामी की ओर से तार हटाने के लिए प्रार्थना पत्र देना जरूरी है। लोग बिना बिना प्रार्थना पत्र दिए ही तारों के नीचे मकान बनवा लेते हैं जिसके कारण तार नहीं हट पाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर क्षेत्र की आबादी लगभग दो लाख 71 हजार है। वैसे तो शहर के सभी मुहल्लों में कहीं तार ढीले हैं तो कहीं तारों का जंजाल है। कहीं-कहीं कई घरों में लगे पुराने केबिल जगह-जगह नंगे हो गए हैं। तारों को बदलने को कौन कहे, पुराने तारों की देखरेख नहीं की जाती है। कुछ स्थानों पर ढीले तार नहीं कसे गए हैं। शहर के ककोरगहना, रुहट्टा, भगवती कालोनी, ओलंदगंज, शकरमंडी, मियांपुर, ताड़तला आदि मोहल्लों में स्थित मकानों के ऊपर से गुजरे हाईटेंशन तारों और गलियों में तारों के जंजाल को देखा जा सकता है। कई मकानों की छतों के महज तीन से चार फीट की ऊंचाई पर हाईटेंशन तार गुजरे हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा होने का डर बना रहता है। हालांकि इन तारों से दुर्घटना न हो, इसके लिए लोग अपने मकानों की छतों के ऊपर से गुजरे तारों को बांस व बल्ली के सहारे ऊपर किए हुए हैं लेकिन लोगों के अंदर इन तारों से दुर्घटना होने का डर हर समय बना हुआ है। विद्युत विभाग के अधिकारियों की मानें तो कई लोगों ने तारों के नीचे बाद में मकान बनवा लिया। तार के नीचे मकान बनवाने से पहले इसकी सूचना विभाग को देनी चाहिए।
विज्ञापन
विद्युत विभाग के अधिकारियों की मानें तो मकान बनवाते समय यदि हाई टेंशन तार रुकावट पैदा करता है तो उसे पूर्ण जमा योजना के तहत हटाने का प्राविधान है। इसके लिए मकान स्वामी को मकान बनवाने से पहले विभाग को प्रार्थना पत्र देना होगा। इसके बाद विभाग की ओर से तार हटाया जाता है लेकिन इसका खर्च को खुद मकान स्वामी को वहन करना पड़ता है। अधीक्षण अभियंता एके मिश्र ने बताया कि पूर्ण जमा योजना के तहत तार हटाने का प्राविधान है लेकिन इसके लिए मकान बनवाते समय मकान स्वामी की ओर से तार हटाने के लिए प्रार्थना पत्र देना जरूरी है। लोग बिना बिना प्रार्थना पत्र दिए ही तारों के नीचे मकान बनवा लेते हैं जिसके कारण तार नहीं हट पाता है।
विज्ञापन