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दवाओं की जांच नहीं कराने पर जताई नाराजगी
Updated Fri, 06 Oct 2017 12:27 AM IST
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जिला अस्पताल के दवा स्टोर का निरीक्षण करते प्रमुख सचिव दुग्ध सुधीर एम बोबड़े
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दवाओं की जांच नहीं कराने पर खफा हुए प्रमुख सचिव
जौनपुर। प्रमुख सचिव दुग्ध विकास डा. सुधीर एम बोबडे़े ने गुरुवार को जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस दौरान दवा समेत अन्य मिलने वाली सुविधाओं के बारे में मरीजों से पूछताछ की। दवाओं की सेंपुलिंग की जांच नहीं कराने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने प्रति माह जांच कराने का निर्देश दिया। डा. बोबडे़े ने जिला अस्पताल में बने पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। इसमें मात्र एक कुपोषित बच्चे को भर्ती देख वह दंग रह गए। बच्चे की मुरकी निवासी अनीता से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूछा। प्रमुख सचिव को बताया गया कि चार बच्चे भर्ती थे जिसमें तीन डिस्चार्ज हो गए। इमरजेंसी वार्ड के निरीक्षण में फटी चादर देख उसे बदलने का निर्देश दिया। ओपीडी और दवा स्टोर का निरीक्षण किया। एंटी रैबीज, एंटी वेनम इंजेक्शन की जांच की। उन्होंने हरिहरपुर निवासी परमशीला, बड़ी मस्जिद निवासी शाहिद व सोंग निवासी इजहार से सुविधाओं के बारे में पूछा। इस अवसर पर डीएम सर्वज्ञराम मिश्र, सीडीओ आलोक सिंह, सीएमओ डा.ओपी सिंह, सीएमएस डा.एसके पांडेय व डीडीओ दयाराम मौजूद रहे। दुग्ध विकास के प्रमुख सचिव डा. सुधीर एम बोबडे़े ने गुरुवार को जलकल स्थित पानी की टंकी की जांच की। इस दौरान बिना ब्लीचिंग पाउडर डाले ही शहर में पेय जल आपूर्ति होना पाया। इसपर नाराजगी जताते हुए अवर अभियंता सुरेंद्र प्रताप यादव के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डीएम को नगर मजिस्ट्रेट से जांच कराने का निर्देश दिया। डीएम ने एक्सईएन जलनिगम को ग्रामीण क्षेत्रों में भी जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
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जौनपुर। प्रमुख सचिव दुग्ध विकास डा. सुधीर एम बोबडे़े ने गुरुवार को जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस दौरान दवा समेत अन्य मिलने वाली सुविधाओं के बारे में मरीजों से पूछताछ की। दवाओं की सेंपुलिंग की जांच नहीं कराने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने प्रति माह जांच कराने का निर्देश दिया। डा. बोबडे़े ने जिला अस्पताल में बने पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। इसमें मात्र एक कुपोषित बच्चे को भर्ती देख वह दंग रह गए। बच्चे की मुरकी निवासी अनीता से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूछा। प्रमुख सचिव को बताया गया कि चार बच्चे भर्ती थे जिसमें तीन डिस्चार्ज हो गए। इमरजेंसी वार्ड के निरीक्षण में फटी चादर देख उसे बदलने का निर्देश दिया। ओपीडी और दवा स्टोर का निरीक्षण किया। एंटी रैबीज, एंटी वेनम इंजेक्शन की जांच की। उन्होंने हरिहरपुर निवासी परमशीला, बड़ी मस्जिद निवासी शाहिद व सोंग निवासी इजहार से सुविधाओं के बारे में पूछा। इस अवसर पर डीएम सर्वज्ञराम मिश्र, सीडीओ आलोक सिंह, सीएमओ डा.ओपी सिंह, सीएमएस डा.एसके पांडेय व डीडीओ दयाराम मौजूद रहे। दुग्ध विकास के प्रमुख सचिव डा. सुधीर एम बोबडे़े ने गुरुवार को जलकल स्थित पानी की टंकी की जांच की। इस दौरान बिना ब्लीचिंग पाउडर डाले ही शहर में पेय जल आपूर्ति होना पाया। इसपर नाराजगी जताते हुए अवर अभियंता सुरेंद्र प्रताप यादव के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डीएम को नगर मजिस्ट्रेट से जांच कराने का निर्देश दिया। डीएम ने एक्सईएन जलनिगम को ग्रामीण क्षेत्रों में भी जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।