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श्री राम किसी धर्म विशेष के नहीं
Updated Fri, 06 Oct 2017 12:36 AM IST
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पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में श्रीराम कथा सुनाते शांतनु जी महाराज
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जौनपुर। प्रभु श्रीराम किसी धर्म विशेष के नहीं हैं। वे स्वयं धर्म हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। वे सभी भावों, विचारों से बढ़ कर हैं। राम कथा देश की संस्कृति की कथा है। यह कथा सुनने से मानव पूर्णता प्राप्त करता है। ये बातें वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संगोष्ठी भवन में गुरुवार को श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथा व्यास शांतनु जी महाराज ने कहीं।
शिव विवाह का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि काम और क्रोध को दूर करने के लिए शिव भजन सर्वोत्तम है। इसीलिए रामचरित मानस में गोस्वामी तुलसी दास ने शिव विवाह का आनंदमय वर्णन किया है। सदाशिव से पार्वती ने सवाल किया कि प्रभु राम ब्रह्म क्यों हैं। शिव ने जवाब दिया कि सगुन और निर्गुण में अपने आप को मत बांधो। भक्त जिस रूप में श्री राम को चाहते हैं। श्रीराम, उसी रूप में सभी भक्त को प्राप्त होते हैं। प्रवचन के पूर्व व्यास पीठ का पूजन कुलपति डॉ. राजाराम यादव, एनएसएस समन्वयक राकेश कुमार यादव, डॉ एके श्रीवास्तव, हिमाचल सिंह, राम सूरत यादव तथा श्रीमती ममता भट्ट ने किया। पूर्व प्रचारक एवं राम कथा समिति के समन्वयक शतरुद्र प्रताप, डॉ वीडी शर्मा ,डॉ अजय दिवेदी ,डॉ अविनाश पाथर्डीकर ,डॉ दिनेश कुमार सिंह, डॉ अवधविहारी सिंह ,डॉ सुनील कुमार ,श्याम त्रिपाठी ने शांतनु जी महाराज का माल्यार्पण कर स्वागत किया। संचालन डॉ मनोज मिश्र ने किया। इस मौके पर काशी प्रांत के कार्यवाह बांकेलाल यादव, डॉ राजीव प्रकाश सिंह ,डॉ समर बहादुर सिंह ,डॉ विजय कुमार सिंह ,प्रो बीबी तिवारी, डॉ अजय प्रताप सिंह, डॉ.रामनारायण ,वित्त अधिकारी एमके सिंह, कार्यवाहक कुलसचिव संजीव सिंह, डॉ राजकुमार सोनी , डॉ संतोष कुमार, डॉ राजेश शर्मा ,डॉ अमरेंद्र सिंह, अमल दार यादव, डॉ संजय श्रीवास्तव मौजूद रहे।
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शिव विवाह का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि काम और क्रोध को दूर करने के लिए शिव भजन सर्वोत्तम है। इसीलिए रामचरित मानस में गोस्वामी तुलसी दास ने शिव विवाह का आनंदमय वर्णन किया है। सदाशिव से पार्वती ने सवाल किया कि प्रभु राम ब्रह्म क्यों हैं। शिव ने जवाब दिया कि सगुन और निर्गुण में अपने आप को मत बांधो। भक्त जिस रूप में श्री राम को चाहते हैं। श्रीराम, उसी रूप में सभी भक्त को प्राप्त होते हैं। प्रवचन के पूर्व व्यास पीठ का पूजन कुलपति डॉ. राजाराम यादव, एनएसएस समन्वयक राकेश कुमार यादव, डॉ एके श्रीवास्तव, हिमाचल सिंह, राम सूरत यादव तथा श्रीमती ममता भट्ट ने किया। पूर्व प्रचारक एवं राम कथा समिति के समन्वयक शतरुद्र प्रताप, डॉ वीडी शर्मा ,डॉ अजय दिवेदी ,डॉ अविनाश पाथर्डीकर ,डॉ दिनेश कुमार सिंह, डॉ अवधविहारी सिंह ,डॉ सुनील कुमार ,श्याम त्रिपाठी ने शांतनु जी महाराज का माल्यार्पण कर स्वागत किया। संचालन डॉ मनोज मिश्र ने किया। इस मौके पर काशी प्रांत के कार्यवाह बांकेलाल यादव, डॉ राजीव प्रकाश सिंह ,डॉ समर बहादुर सिंह ,डॉ विजय कुमार सिंह ,प्रो बीबी तिवारी, डॉ अजय प्रताप सिंह, डॉ.रामनारायण ,वित्त अधिकारी एमके सिंह, कार्यवाहक कुलसचिव संजीव सिंह, डॉ राजकुमार सोनी , डॉ संतोष कुमार, डॉ राजेश शर्मा ,डॉ अमरेंद्र सिंह, अमल दार यादव, डॉ संजय श्रीवास्तव मौजूद रहे।
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