{"_id":"59b2e4694f1c1be27f8b522e","slug":"150489612312-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डायरिया से पीड़ितों का सीएचसी पर शुरू हुआ उपचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डायरिया से पीड़ितों का सीएचसी पर शुरू हुआ उपचार
Updated Sat, 09 Sep 2017 12:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खुटहन। क्षेत्र के बद्दोपुर गांव में डायरिया की चपेट में आए एक ही परिवार के पांच सदस्यों के उपचार के लिए शुक्रवार को जिला मुख्यालय से टीम गांव पहुंची। इस दौरान टीम ने गांव में आवश्यक दवाओं का वितरण एवं छिड़काव किया। इसके अलावा पीड़ित चल रहे पांचों सदस्यों को स्थानीय सीएचसी पर भर्ती कराकर उपचार शुरू किया।
बता दें कि गांव निवासी प्रदीप बेनवंशी ( 42) पुत्र सेतूराम गत बुधवार की शाम गांव में एक त्रयोदशाह के कार्यक्रम में भोजन कर घर लौटे। जहां रात में उनको उल्टी दस्त शुरू हो गया। कुछ देर बाद उसकी पत्नी सपना ( 40) की भी हालत बिगड़ने लगी। सुबह होने तक उसके पुत्र चंदन (10), कुन्दन (7) और पुत्री रोशनी (5) भी चपेट में आ गयी। ग्रामीणों के सहयोग से पीड़ितों को सीएचसी शाहगंज ले जाया गया। जहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी माली हालत पर भी गौर न कर उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। पीड़ित परिवार अत्यंत गरीब होने के नाते बीमारी की हालत में ही घर वापस लौट आया। जानकारी होने पर अखबारों में प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर दिया। जिसका असर शुक्रवार को देखने को मिला। जिले से डॉ. गजेन्द्र सिंह सहित चार लोगों की टीम पीड़ित के घर पहुंची । इसकी सूचना मिलते ही पीएचसी जमुनिया के चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार भी अपनी तीन लोगों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद पीड़ितों को स्थानीय सीएचसी लाया गया। जहां प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार वर्मा की देखरेख में उनका उपचार शुरू किया गया।
विज्ञापन
बता दें कि गांव निवासी प्रदीप बेनवंशी ( 42) पुत्र सेतूराम गत बुधवार की शाम गांव में एक त्रयोदशाह के कार्यक्रम में भोजन कर घर लौटे। जहां रात में उनको उल्टी दस्त शुरू हो गया। कुछ देर बाद उसकी पत्नी सपना ( 40) की भी हालत बिगड़ने लगी। सुबह होने तक उसके पुत्र चंदन (10), कुन्दन (7) और पुत्री रोशनी (5) भी चपेट में आ गयी। ग्रामीणों के सहयोग से पीड़ितों को सीएचसी शाहगंज ले जाया गया। जहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी माली हालत पर भी गौर न कर उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। पीड़ित परिवार अत्यंत गरीब होने के नाते बीमारी की हालत में ही घर वापस लौट आया। जानकारी होने पर अखबारों में प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर दिया। जिसका असर शुक्रवार को देखने को मिला। जिले से डॉ. गजेन्द्र सिंह सहित चार लोगों की टीम पीड़ित के घर पहुंची । इसकी सूचना मिलते ही पीएचसी जमुनिया के चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार भी अपनी तीन लोगों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद पीड़ितों को स्थानीय सीएचसी लाया गया। जहां प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार वर्मा की देखरेख में उनका उपचार शुरू किया गया।
विज्ञापन