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गोमती नदी का जल स्तर बढ़ा, मंदिर में घुसा पानी
Updated Fri, 01 Sep 2017 12:23 AM IST
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जौनपुर। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ाव पर है। पिछले 48 घंटे के भीतर जलस्तर करीब 75 सेंटीमीटर बढ़ा है। गोमती में उफान के चलते शाहीपुल के निकट गोपी घाटपर स्थित शिव मंदिर में पानी घुस गया। घाट की करीब पांच से अधिक सीढ़ियां भी डूब गई हैं। हालांकि खतरे के निशान से नदी का जल स्तर अभी काफी नीचे है। फिर भी नदी के जलस्तर में हो तेजी से हो रही बढ़ोतरी से नदी के किनारे रहने वाले लोग सतर्क हो गए हैं।
कम बारिश होने के बाद भी अचानक गोमती के जलस्तर में हुई वृद्धि पर जानकारों का कहना है कि यह पानी कहीं से छोड़ा गया है। हालांकि कुछ लोगों का यह भी मानना है कि गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद गोमती नदी में पानी का दबाव बढ़ने से ऐसा हो रहा है। गोमती नदी आगे जाकर गंगा नदी में ही मिलती है। जलस्तर में हुई इस वृद्धि के कारण शाही पुल के नीचे स्थित शिव मंदिर जहां डूब गया वहीं नगर के गोपीघाट, हनुमान घाट, गूलरघाट की सीढ़ियों पर पानी पहुंच गया है। जलस्तर में अचानक वृद्धि से नदी तट के लोग सतर्क हो गए हैं। गोमती नदी में बाढ़ आने की दशा में सबसे पहले खुटहन क्षेत्र के पिलकिछा, बीरमपुर, उदयीपुर दीपी, सुतौली, तिलवारी शाहपुर सानी आदि गांव प्रभावित होते हैं। केराकत इलाके में भी गोमती नदी के किनारे के गांवों में पानी डूब जाता है। नदी के जल स्तर में बढ़ोत्तरी को देखते हुए केराकत व आस पास नदी के किनारे के गांव के लोग सतर्क हो गए हैं। 24 घंटे पहले नदी का जल स्तर 180 सेंटी मीटर मापा गया था जो गुरुवार की शाम तक बढ़कर 255 सेंटीमीटर दर्ज किया गया। हालांकि खतरे का निशान 960 सेंटीमीटर पर है।
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कम बारिश होने के बाद भी अचानक गोमती के जलस्तर में हुई वृद्धि पर जानकारों का कहना है कि यह पानी कहीं से छोड़ा गया है। हालांकि कुछ लोगों का यह भी मानना है कि गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद गोमती नदी में पानी का दबाव बढ़ने से ऐसा हो रहा है। गोमती नदी आगे जाकर गंगा नदी में ही मिलती है। जलस्तर में हुई इस वृद्धि के कारण शाही पुल के नीचे स्थित शिव मंदिर जहां डूब गया वहीं नगर के गोपीघाट, हनुमान घाट, गूलरघाट की सीढ़ियों पर पानी पहुंच गया है। जलस्तर में अचानक वृद्धि से नदी तट के लोग सतर्क हो गए हैं। गोमती नदी में बाढ़ आने की दशा में सबसे पहले खुटहन क्षेत्र के पिलकिछा, बीरमपुर, उदयीपुर दीपी, सुतौली, तिलवारी शाहपुर सानी आदि गांव प्रभावित होते हैं। केराकत इलाके में भी गोमती नदी के किनारे के गांवों में पानी डूब जाता है। नदी के जल स्तर में बढ़ोत्तरी को देखते हुए केराकत व आस पास नदी के किनारे के गांव के लोग सतर्क हो गए हैं। 24 घंटे पहले नदी का जल स्तर 180 सेंटी मीटर मापा गया था जो गुरुवार की शाम तक बढ़कर 255 सेंटीमीटर दर्ज किया गया। हालांकि खतरे का निशान 960 सेंटीमीटर पर है।
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