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प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी किसी भी सूरत में न करें
Updated Sun, 20 Aug 2017 12:55 AM IST
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शाहगंज। बकरीद पर प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी किसी भी सूरत में न करें। यह मुल्क हमारा है और अपने वतन के कायदे कानून का पालन करना सबका फर्ज है। ये बातें मदरसा बदरुल इस्लाम जामा मस्जिद के नाजिम पेश इमाम मौलाना हमजा खान कासिमी ने ईद-उल-अजहा (बकरीद) के त्योहार के मद्देनजर मदरसा बदरुल इस्लाम जामा मस्जिद में शनिवार को आयोजित बैठक में कहीं।
उन्होंने कहा कि बकरीद के मौके पर कुर्बानी शौक के साथ की जाए लेकिन प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी किसी भी सूरत में न करें। जिस काम से हमारे पड़ोसी को तकलीफ हो उस काम को करने से रब कभी खुश नहीं हो सकता। उन्होंने कुर्बानी में निकलने वाले मलबे को जमीन में दफनाने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए हरसंभव प्रयास कर की बात कही। मौलाना ने कहा कि सरकार की मंशा को ध्यान में रखते हुए कायदे कानून का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। वहीं अराजकतत्वों से अपनी सुरक्षा के लिए प्रशासन से मांग की। बैठक में फैसला लिया गया कि जिम्मेदार अफसरों से मिलकर उन्हें पत्रक देकर त्योहार को आपसी भाईचारा के साथ पूरी अकीदत से मनाने में सहयोग की अपील की जाएगी। बैठक में जमीयत उल्माए हिंद के अध्यक्ष अशहद रशीदी, डा. अमजद अंसारी, डा. औन मोहम्मद, शमसुद्दीन खान, जहीर खान, डा. नदीम खान, मौलाना वहीद, सभासद मकसूद हसन, असलम कुरैशी, मौलाना गाजी शकील आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि बकरीद के मौके पर कुर्बानी शौक के साथ की जाए लेकिन प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी किसी भी सूरत में न करें। जिस काम से हमारे पड़ोसी को तकलीफ हो उस काम को करने से रब कभी खुश नहीं हो सकता। उन्होंने कुर्बानी में निकलने वाले मलबे को जमीन में दफनाने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए हरसंभव प्रयास कर की बात कही। मौलाना ने कहा कि सरकार की मंशा को ध्यान में रखते हुए कायदे कानून का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। वहीं अराजकतत्वों से अपनी सुरक्षा के लिए प्रशासन से मांग की। बैठक में फैसला लिया गया कि जिम्मेदार अफसरों से मिलकर उन्हें पत्रक देकर त्योहार को आपसी भाईचारा के साथ पूरी अकीदत से मनाने में सहयोग की अपील की जाएगी। बैठक में जमीयत उल्माए हिंद के अध्यक्ष अशहद रशीदी, डा. अमजद अंसारी, डा. औन मोहम्मद, शमसुद्दीन खान, जहीर खान, डा. नदीम खान, मौलाना वहीद, सभासद मकसूद हसन, असलम कुरैशी, मौलाना गाजी शकील आदि मौजूद रहे।
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