{"_id":"6313a38380fe717d7641f9d7","slug":"15-roadways-buses-should-be-parked-in-the-workshop-increased-trouble-jaunpur-news-vns6724281174","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्यशाला में खड़ी हो रोडवेज की 15 बसें, बढ़ी परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्यशाला में खड़ी हो रोडवेज की 15 बसें, बढ़ी परेशानी
विज्ञापन
रोडवेज परिसर के वर्कशॉप में खड़ी बसें। संवाद
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के जौनपुर डिपो के बेड़े की 15 बसें खराब हो गई हैं। उनकी मरम्मत नहीं हो पा रही है। इसके अलावा चालकों की कमी है। इसके चलते कई मार्गों पर बसों के फेरे कम हो गए हैं और यात्रियों को परेशानी हो रही है। डिपो से प्रशासन को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है।
जौनपुर डिपो के पास 83 बसे हैं, जिनमें से रोजाना 40 से 45 बसों का ही संचालन हो पा रहा है। डिपो की 15 बसें खराब हैं और कार्यशाला में मरम्मत के लिए पड़ी हैं। पुर्जे समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण मरम्मत में देर हो रही है। निगम के 55 चालक हैं। इसके अलावा 75 संविदा चालक हैं। डिपो की सभी बसों के नियमित संचालन के लिए 40 और चालकों की जरूरत है। चालकों की कमी के चलते आए दिन बसें खड़ी हो जा रही हैं।
डिपो की 15-16 बसें खराब हैं और इतनी ही बसें रोजाना चालकों के अभाव में खड़ी हो जाती हैं। इससे रोडवेज को रोजाना एक लाख रुपये की चपत लग रही है। यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को जब रोडवेज की बस नहीं मिलती है तो उनको डग्गामार वाहनों का सहारा लेना होता है।
विज्ञापन
चालक व परिचालक की कमी है, जिसके चलते कुछ दिक्कत आ रही है। संविदा पर चालकों की नियुक्त की प्रक्रिया चल रही शीध्र ही परिचालकों और यात्रियों की समस्या दूर कर दी जाएगी। जो बसें बिगड़ रही है उसे मरम्मत कर निकाला जा रहा है।
- विश्राम, एआरएम
विज्ञापन
जौनपुर डिपो के पास 83 बसे हैं, जिनमें से रोजाना 40 से 45 बसों का ही संचालन हो पा रहा है। डिपो की 15 बसें खराब हैं और कार्यशाला में मरम्मत के लिए पड़ी हैं। पुर्जे समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण मरम्मत में देर हो रही है। निगम के 55 चालक हैं। इसके अलावा 75 संविदा चालक हैं। डिपो की सभी बसों के नियमित संचालन के लिए 40 और चालकों की जरूरत है। चालकों की कमी के चलते आए दिन बसें खड़ी हो जा रही हैं।
विज्ञापन
डिपो की 15-16 बसें खराब हैं और इतनी ही बसें रोजाना चालकों के अभाव में खड़ी हो जाती हैं। इससे रोडवेज को रोजाना एक लाख रुपये की चपत लग रही है। यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को जब रोडवेज की बस नहीं मिलती है तो उनको डग्गामार वाहनों का सहारा लेना होता है।
विज्ञापन
चालक व परिचालक की कमी है, जिसके चलते कुछ दिक्कत आ रही है। संविदा पर चालकों की नियुक्त की प्रक्रिया चल रही शीध्र ही परिचालकों और यात्रियों की समस्या दूर कर दी जाएगी। जो बसें बिगड़ रही है उसे मरम्मत कर निकाला जा रहा है।
- विश्राम, एआरएम