जौनपुरः नहर टूटने से 15 बीघा फसल जलमग्न, गांव में घुसा पानी
धान और मक्के की फसल में जल भराव होने के कारण फसल चौपट होने की कगार पर है। वहीं गांव के राजभर बस्ती में पानी घुसने से लोगों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया।
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जौनपुर जिले जलालपुर क्षेत्र के मोजरा गांव में शनिवार सुबह आठ बजे नहर टूटने से 15 बीघा लगी फसल जलमग्न हो गई। धान और मक्के की फसल में जल भराव होने के कारण फसल चौपट होने की कगार पर है। वहीं गांव के राजभर बस्ती में पानी घुसने से लोगों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया। हालांकि ग्रामीणों की सूचना पर तीन घंटा बाद नहर/सिंचाई विभाग ने नहर का पानी बंद किया तब जाकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
नहर टूटने से गांव के किसानों की धान और मक्का आदि करीब 15 बीघा फसल पानी मे डूब गई। ग्रामीणों का आरोप है गांव के करीब में विभाग का कार्यालय है। इसके बाद भी सूचना देने के तीन घंटा बाद नहर बंद किया गया। अगर सूचना के बाद पानी बंद किया गया होता तो फसल का कम नुकसान होता और बस्ती में पानी नहीं प्रवेश करता। बस्ती में पानी घुसने से ग्रामीणों को घर से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है।
बारिश से बह गई करोड़ों की सड़क, बेखबर जिम्मेदार
जौनपुर में पिछले दिनों हुई बारिश से बक्शा-तेजीबाजार और मछलीशहर-जंघई मार्ग समेत जिले की कई प्रमुख सड़कों की हालत खराब है। करोड़ों की लागत से बनी सड़क इस बारिश में बह गई। हाल यह है कि सड़क की गिट्टियां उखड़ गई हैं और जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। जिससे इन सड़कों पर आवागमन में परेशानी बढ़ गई है। सड़कों की दशा खराब होने के चलते लोगों को काफी परेशान होना पड़ रहा है।
बक्शा-तेजीबाजार रसिकापुर मार्ग का निर्माण पीएमजीएसवाई के तहत वर्ष 2016 में हुआ था। 17 किमी लंबी इस सड़क के निर्माण में 681.19 लाख खर्च हुए थे। सड़क का निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था को पांच साल तक रख-रखाव और सड़क की मरम्मत की जिम्मेदारी दी गई थी। सड़क की मरम्मत के लिए 30.19 लाख का बजट अलग से आवंटित किया गया था। निर्माण के पांच साल भी पूरे नहीं हुए और सड़क पूरी तरह गड्ढे में तब्दील हो गई।