{"_id":"595fe2e24f1c1ba75a8b4605","slug":"149945628218-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापता बेटे से मिली तो गले लगाकर रो पड़ी मां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापता बेटे से मिली तो गले लगाकर रो पड़ी मां
Updated Sat, 08 Jul 2017 01:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बक्शा। स्थानीय थाना क्षेत्र में लावारिश मिला मूक बघिर बालक शुक्रवार को अपने परिजनों को मिल गया। अखबार में छपी खबर और बालक की तस्वीर देख कर परिजन यहां पहुंचे थे। बेटे से मिलते ही मां पुष्पा देवी उसे गले लगाकर रो पड़ी।
सुल्तानपुर जिले के चांदा थाना क्षेत्र के महारानी पश्चिम गांव निवासी भारतलाल मौर्या ने बताया कि परिवार के लोग सोमवार को चौकियां धाम दर्शन करने गए थे। पुत्र कृष्ण(8) मूकबघिर है। उसे भीड़ में खोने के डर से उसे घर पर ही छोड़ दिया गया था। परिवार के लोग जब घर से दर्शन के लिए निकल गए तो पीछे से कृष्ण भी बिना किसी को बताए घर से निकल दिया। उसकी खोजबीन की जा रही थी। अखबार में छपी खबर और बालक की तस्वीर देख कर बक्शा थाने आए तो उनका खोया बेटा मिल गया। बालक सोमवार को ही नौपेड़वा से जौनपुर जा रहे आटो रिक्शा में सवार हो गया था। चालक ने जब जौनपुर में सवारी उतारा तो बालक नीचे नहीं उतरा। पता चला कि वहां उसका कोई वारिश भी नहीं। हैरान होकर आटो चालक उसे लेकर बक्शा थाने पहुंचा और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने बाल कल्याण समिति को बालक को सौंप दिया था जहां से देखभाल के लिए उसे वाराणसी भेज दिया गया था। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि समिति ने आवश्यक लिखापढ़ी के बाद बालक को उसके परिजनों को सौंप दिया। बालक की मां पुष्पा ने बताया कि कृष्ण पांच भाइयों और एक बहन में तीसरे नम्बर का है।
सुल्तानपुर जिले के चांदा थाना क्षेत्र के महारानी पश्चिम गांव निवासी भारतलाल मौर्या ने बताया कि परिवार के लोग सोमवार को चौकियां धाम दर्शन करने गए थे। पुत्र कृष्ण(8) मूकबघिर है। उसे भीड़ में खोने के डर से उसे घर पर ही छोड़ दिया गया था। परिवार के लोग जब घर से दर्शन के लिए निकल गए तो पीछे से कृष्ण भी बिना किसी को बताए घर से निकल दिया। उसकी खोजबीन की जा रही थी। अखबार में छपी खबर और बालक की तस्वीर देख कर बक्शा थाने आए तो उनका खोया बेटा मिल गया। बालक सोमवार को ही नौपेड़वा से जौनपुर जा रहे आटो रिक्शा में सवार हो गया था। चालक ने जब जौनपुर में सवारी उतारा तो बालक नीचे नहीं उतरा। पता चला कि वहां उसका कोई वारिश भी नहीं। हैरान होकर आटो चालक उसे लेकर बक्शा थाने पहुंचा और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने बाल कल्याण समिति को बालक को सौंप दिया था जहां से देखभाल के लिए उसे वाराणसी भेज दिया गया था। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि समिति ने आवश्यक लिखापढ़ी के बाद बालक को उसके परिजनों को सौंप दिया। बालक की मां पुष्पा ने बताया कि कृष्ण पांच भाइयों और एक बहन में तीसरे नम्बर का है।
विज्ञापन