जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ प्रकाश चंद शुक्ला ने केराकत थाना क्षेत्र के सोहनी अनापुर गांव में बबूल का पेड़ काटने के विवाद में गैर इरादतन हत्या करने के मामले में 14 को 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाया है। जिनमें नंदू उर्फ नंदलाल, अमरनाथ, माधो यादव, राजेश, गुड्डू ,अशोक, विनोद, लौटू यादव, घुरहू, नरेश, विजई,फूलचंद, कन्हैया तथा गजराज शामिल हैं। वहीं, इस मामले में एक अन्य आरोपी शिवकुमार के नाबालिग होने के कारण उसकी पत्रावली अलग कर दी गई।
घटना की प्राथमिकी वादी राजबली ने केराकत थाने में दर्ज कराया था। अभियोजन कथानक के अनुसार वादी मुकदमा राजबली रोज की तरह दूध लेकर अपने ग्राहक को देने 27 जून 2011 को सुबह 6 बजे निकल गया था। वादी की भूमि धरी में एक बबूल का पेड़ है। आरोपी बबूल का पेड़ को काटने लगे। वादी के घर के राजबहादुर व छेदी मौके पर आ गए और पेड़ काटने से मना किए। आरोप है कि इसी दौरान आरोपियों ने लाठी से प्राणघातक हमला कर उन लोगों को चोट पहुंचाया। उपचार के दौरान छेदी की मृत्यु हो गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस डायरी कोर्ट में दाखिल की। इसके बाद अभियोजन पक्ष से एडीजीसी आशीष कुमार सिंह ने मामले की पैरवी किया. कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपियों को दस साल की सजा सुनाया है।