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तीन ब्लाकों पर पहले दिन नहीं चली मशीनें
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जौनपुर। गोल्डेन कार्ड बनाने के लिए सीएचसी और पीएचसी पर शुरू अभियान के पहले दिन तीन ब्लाकों पर मशीन दगा दे गई। इसके चलते गोल्डेन क़ार्ड बनाने का काम समय से शुरू नहीं हो सका। अभियान के पहले दिन सभी ब्लाकों पर कुल 935 लोगों को गोल्डेन कार्ड बनाया गया। अभियान का पहले दिन होने के कारण कंप्यूटर आदि सेट करने में आधा दिन निकल गया तो किसी सेंटर पर कर्मचारी विलंब से पहुंचे।
आयुष्मान योजना के तहत जिले में 1.89 लाख लोगों का चयन हुआ। काफी प्रयास के बाद 20 जनवरी तक चार महीने तक चले अभियान में करीब 12 हजार लोगों को गोल्डेन कार्ड दिया गया था। शासन ने निर्देश दिया था कि सभी सीएचसी और पीएचसी पर कैंप लगाकर बचे हुए लोगों को शीघ्र गोल्डेन कार्ड उपलब्ध करा दिया जाए। साथ ही 21 से 31 जनवरी तक इस लक्ष्य को पूरा करने का भी लक्ष्य दिया गया है। शासन के निर्देश के बाद 21 जनवरी को पहले दिन सभी सीएचसी और पीएचसी पर स्वास्थ्य कैंप लगाया। सुईथाकला, शाहगंज और मुफ्तीगंज केंद्र पर मशीन नहीं चलने के कारण गोल्डेन कार्ड बनाने का काम देर शुरू हुआ। पहले दिन जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी पर कुल 935 लोगों को गोल्डेन कार्ड बनाकर दिया गया। सीएमओ डा. रामजी पांडेय ने बताया कि पहला दिन होने के कारण गोल्डेन कार्ड बनाने के काम धीमा रहा। कुछ स्थानों पर तकनीकी दिक्कतें भी आई। 31 जनवरी तक चलने वाले अभियान में चयनित लोगों को गोल्डेन कार्ड बनाकर दिया जाना है।
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आयुष्मान योजना के तहत जिले में 1.89 लाख लोगों का चयन हुआ। काफी प्रयास के बाद 20 जनवरी तक चार महीने तक चले अभियान में करीब 12 हजार लोगों को गोल्डेन कार्ड दिया गया था। शासन ने निर्देश दिया था कि सभी सीएचसी और पीएचसी पर कैंप लगाकर बचे हुए लोगों को शीघ्र गोल्डेन कार्ड उपलब्ध करा दिया जाए। साथ ही 21 से 31 जनवरी तक इस लक्ष्य को पूरा करने का भी लक्ष्य दिया गया है। शासन के निर्देश के बाद 21 जनवरी को पहले दिन सभी सीएचसी और पीएचसी पर स्वास्थ्य कैंप लगाया। सुईथाकला, शाहगंज और मुफ्तीगंज केंद्र पर मशीन नहीं चलने के कारण गोल्डेन कार्ड बनाने का काम देर शुरू हुआ। पहले दिन जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी पर कुल 935 लोगों को गोल्डेन कार्ड बनाकर दिया गया। सीएमओ डा. रामजी पांडेय ने बताया कि पहला दिन होने के कारण गोल्डेन कार्ड बनाने के काम धीमा रहा। कुछ स्थानों पर तकनीकी दिक्कतें भी आई। 31 जनवरी तक चलने वाले अभियान में चयनित लोगों को गोल्डेन कार्ड बनाकर दिया जाना है।
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