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एनपीए के दायरे में हैं जिले में 1.12 लाख किसान
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जौनपुर। कृषि कार्य के लिए बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने वाले 1.12 लाख किसान एनपीए (नान परफारमेंस एकाउंट ) के दायरे में आ गए हैं। ऐसे किसानों का खाता जब तक एनपीए रहेगा, तब तक उन्हें फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिलेगा। वे ऋण भी नहीं ले पाएंगे। चिंता की बात यह है कि इसमें से तमाम किसानों को इसकी जानकारी ही नहीं है। लिहाजा अब बीमा कंपनी को जिम्मा दिया गया है कि वह किसानों को चिह्नित कर उन्हें जागरुक करें, खाता एनपीए होने से बचाने के लिए प्रेरित करें।
किसानों को कृषि कार्य में धन की कमी न आए इसके लिए उन्हें क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी जा रही है। क्रेडिट कार्ड पर वह बैंक से अपनी जरुरत का लोन प्राप्त कर लेते हैं और उपज बिक्री के बाद चुकता कर देते हैं। बैंक किसानों को क्रेडिट कार्ड तो थमा दे रहे हैं, लेकिन उसके संचालन के बारे में जागरुक नहीं कर रहे। लिहाजा जानकारी के अभाव में तमाम खाते एनपीए के दायरे में आ रहे हैं। फिलहाल जिले में ऐसे 1.12 लाख किसान चिह्नित हुए हैं, जिनके खाते एनपीए हो चुके हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में कुल छह लाख 55 हजार 912 किसान हैं। इसमें से मात्र एक लाख 51 हजार किसानों का ही क्रेडिट कार्ड बना है। इन किसानों में से 1.26 लाख किसानों ने बैंक से ऋण लिया है, जिनमें से 1.12 लाख किसानों का खाता एनपीए हो चुका है। इन किसानों को फसलों के बीमा व अन्य कोई भी ऋण तब तक नहीं मलि पाएगा, जब तक उनका खाता एनपीए के दायरे से बाहर न आ जाए।
क्या है एनपीए
जौनपुर। किसानों द्वारा खेती करने के लिए केसीसी बनवाकर ऋण लिया जाता है। किसान को एक साल के अंदर ऋण राशि को जमा करना होता है। जिस पर किसान को महज चार फीसदी व्याज ही देना पड़ता है। अगर किसान उक्त ऋण को नहीं जमा करता है तो उनका खाता तीन साल के बाद एनपीए कर दिया जाता है। खाता एनपीए होने से संबंधित किसान को फिर उस खाते से ऋण नहीं मिल पाएगा । साथ ही उसे फसल बीमा का लाभ भी नहीं मिल पाएगा।
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क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
जौनपुर। फसल बीमा योजना के तहत किसानों के फसलों का बीमा किया जाता है। इसमें किसान को बोई गई फसलों के रकबे के हिसाब से उनके फसलों का प्रिमियम निर्धारित होता है। इसमें प्रिमियम का डेढ़ फीसदी धनराशि किसान को देना पड़ता है। जबकि शेष प्रिमियम का 50 -50 फीसदी धनराशि केंद्र व राज्य सरकार देती है।
31 तक होगा रबी के फसलों का बस्त्रत्त्मा
जौनपुर। रबी के फसलों का बीमा 31 दिसंबर तक होगा। इसकी जिम्मेदारी उपजा बीमा कंपनी और जन सुविधा केंद्र को दी गई है। इनके द्वारा गैर ऋणि किसानों के भी फसलों का बीमा किया जाएगा। अभी तक 690 गैर ऋणी किसानों का बीमा किया गया है।
खाता एनपीए हो जाने से किसानों को बीमा व अन्य ऋण का लाभ नहीं मिल सकता। जिले में 1.12लाख किसानों का खाता एनपीए हैं, जिन्हें बीमा व ऋण का लाभ खाते के एनपीए से बाहर आने के बाद ही मिल पाएगा। 31 दिसंबर तक रबी फसल के लिए बीमा किया जाएगा। गैर ऋणि किसान भी इस समय के अंदर फसलों का बीमा करा सकते हैं। -जय प्रकाश, उप कृषि निदेशक।
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किसानों को कृषि कार्य में धन की कमी न आए इसके लिए उन्हें क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी जा रही है। क्रेडिट कार्ड पर वह बैंक से अपनी जरुरत का लोन प्राप्त कर लेते हैं और उपज बिक्री के बाद चुकता कर देते हैं। बैंक किसानों को क्रेडिट कार्ड तो थमा दे रहे हैं, लेकिन उसके संचालन के बारे में जागरुक नहीं कर रहे। लिहाजा जानकारी के अभाव में तमाम खाते एनपीए के दायरे में आ रहे हैं। फिलहाल जिले में ऐसे 1.12 लाख किसान चिह्नित हुए हैं, जिनके खाते एनपीए हो चुके हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में कुल छह लाख 55 हजार 912 किसान हैं। इसमें से मात्र एक लाख 51 हजार किसानों का ही क्रेडिट कार्ड बना है। इन किसानों में से 1.26 लाख किसानों ने बैंक से ऋण लिया है, जिनमें से 1.12 लाख किसानों का खाता एनपीए हो चुका है। इन किसानों को फसलों के बीमा व अन्य कोई भी ऋण तब तक नहीं मलि पाएगा, जब तक उनका खाता एनपीए के दायरे से बाहर न आ जाए।
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क्या है एनपीए
जौनपुर। किसानों द्वारा खेती करने के लिए केसीसी बनवाकर ऋण लिया जाता है। किसान को एक साल के अंदर ऋण राशि को जमा करना होता है। जिस पर किसान को महज चार फीसदी व्याज ही देना पड़ता है। अगर किसान उक्त ऋण को नहीं जमा करता है तो उनका खाता तीन साल के बाद एनपीए कर दिया जाता है। खाता एनपीए होने से संबंधित किसान को फिर उस खाते से ऋण नहीं मिल पाएगा । साथ ही उसे फसल बीमा का लाभ भी नहीं मिल पाएगा।
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क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
जौनपुर। फसल बीमा योजना के तहत किसानों के फसलों का बीमा किया जाता है। इसमें किसान को बोई गई फसलों के रकबे के हिसाब से उनके फसलों का प्रिमियम निर्धारित होता है। इसमें प्रिमियम का डेढ़ फीसदी धनराशि किसान को देना पड़ता है। जबकि शेष प्रिमियम का 50 -50 फीसदी धनराशि केंद्र व राज्य सरकार देती है।
31 तक होगा रबी के फसलों का बस्त्रत्त्मा
जौनपुर। रबी के फसलों का बीमा 31 दिसंबर तक होगा। इसकी जिम्मेदारी उपजा बीमा कंपनी और जन सुविधा केंद्र को दी गई है। इनके द्वारा गैर ऋणि किसानों के भी फसलों का बीमा किया जाएगा। अभी तक 690 गैर ऋणी किसानों का बीमा किया गया है।
खाता एनपीए हो जाने से किसानों को बीमा व अन्य ऋण का लाभ नहीं मिल सकता। जिले में 1.12लाख किसानों का खाता एनपीए हैं, जिन्हें बीमा व ऋण का लाभ खाते के एनपीए से बाहर आने के बाद ही मिल पाएगा। 31 दिसंबर तक रबी फसल के लिए बीमा किया जाएगा। गैर ऋणि किसान भी इस समय के अंदर फसलों का बीमा करा सकते हैं। -जय प्रकाश, उप कृषि निदेशक।