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खानपान में पोषण युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें
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उरई। राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत मोहल्ला शिवपुरी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर बुधवार को पोषण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पांच गर्भवती की गोद भराई की रस्म पूरी करने के साथ उन्हें जरूरी टिप्स भी दिए गए।
मुख्य अतिथि क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डॉ एमडी आर्या ने कहा कि सरकार कुपोषण के खिलाफ अभियान चला रही है। इसके लिए ही सितंबर को पोषण माह के रुप में मनाया जा रहा है। गर्भवती और धात्री को ऐसा भोजन करना चाहिए कि उन्हें खुद भी पोषण मिले और बच्चे को भी पोषक तत्व मिल सके। आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ आरके गुप्ता ने कहा कि आयुर्वेद में भी कई ऐसी दवाएं हैं, जो शरीर को पोषक तत्व प्रदान करती हैं। स्वस्थ रहने के लिए खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। तले, भुने पदार्थों को खाने से गर्भवती परहेज करें। योग प्रशिक्षक डॉ रमन कुमार दीक्षित व महिला योग प्रशिक्षक श्रद्धा दुबे ने योग का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि योग सभी के लिए जरूरी है। पर गर्भवती को योग करते समय ध्यान देने की जरूरत है।
सीडीपीओ विमलेश आर्या ने कहा कि भोजन में दालें, अंकुरित भोजन, हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें। ऐसे पदार्थों का सेवन करें, जिनमें प्रोटीन और विटामिन सी के स्रोत ज्यादा हों। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रानी, रेशमा, किरन, सुमन, ज्योति, रश्मि, अनुराधा, संगीता आदि महिलाओं ने कहा कि आज इस शिविर में बहुत सीख मिली। विशेष रुप से खानपान के बारे में जानकारी मिली। इस दौरान देविका रानी, प्रतिभा सिंह, शशि आदि मौजूद रहीं ।
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शिविर में महिलाओं व बच्चों की जांच
इस दौरान आयुर्वेद और योग विभाग की ओर से शिविर लगाकर कार्यक्रम में आई महिलाओं व बच्चों की जांच की गई और उन्हें स्वस्थ रहने के उपाय भी बताए गए। डॉ मनीष सचान, डॉ रश्मि वशिष्ठ, डॉ प्रखर ने महिला व बच्चों की जांच की। शिविर में 94 लोगों की जांच की गई, जिसमें सात महिलाओं में रक्त की कमी पाई गई। डाक्टरों ने उन्हें खानपान में सुधार की सलाह देकर दवाएं दी। महिलाओं व बच्चों का वजन लिया गया और महिलाओं के ब्लड शुगर की जांच की गई।
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मुख्य अतिथि क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डॉ एमडी आर्या ने कहा कि सरकार कुपोषण के खिलाफ अभियान चला रही है। इसके लिए ही सितंबर को पोषण माह के रुप में मनाया जा रहा है। गर्भवती और धात्री को ऐसा भोजन करना चाहिए कि उन्हें खुद भी पोषण मिले और बच्चे को भी पोषक तत्व मिल सके। आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ आरके गुप्ता ने कहा कि आयुर्वेद में भी कई ऐसी दवाएं हैं, जो शरीर को पोषक तत्व प्रदान करती हैं। स्वस्थ रहने के लिए खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। तले, भुने पदार्थों को खाने से गर्भवती परहेज करें। योग प्रशिक्षक डॉ रमन कुमार दीक्षित व महिला योग प्रशिक्षक श्रद्धा दुबे ने योग का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि योग सभी के लिए जरूरी है। पर गर्भवती को योग करते समय ध्यान देने की जरूरत है।
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सीडीपीओ विमलेश आर्या ने कहा कि भोजन में दालें, अंकुरित भोजन, हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें। ऐसे पदार्थों का सेवन करें, जिनमें प्रोटीन और विटामिन सी के स्रोत ज्यादा हों। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रानी, रेशमा, किरन, सुमन, ज्योति, रश्मि, अनुराधा, संगीता आदि महिलाओं ने कहा कि आज इस शिविर में बहुत सीख मिली। विशेष रुप से खानपान के बारे में जानकारी मिली। इस दौरान देविका रानी, प्रतिभा सिंह, शशि आदि मौजूद रहीं ।
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शिविर में महिलाओं व बच्चों की जांच
इस दौरान आयुर्वेद और योग विभाग की ओर से शिविर लगाकर कार्यक्रम में आई महिलाओं व बच्चों की जांच की गई और उन्हें स्वस्थ रहने के उपाय भी बताए गए। डॉ मनीष सचान, डॉ रश्मि वशिष्ठ, डॉ प्रखर ने महिला व बच्चों की जांच की। शिविर में 94 लोगों की जांच की गई, जिसमें सात महिलाओं में रक्त की कमी पाई गई। डाक्टरों ने उन्हें खानपान में सुधार की सलाह देकर दवाएं दी। महिलाओं व बच्चों का वजन लिया गया और महिलाओं के ब्लड शुगर की जांच की गई।