उरई। बुंदेलखंड में जल्द ही सिंचाई में आने वाली पानी की समस्या दूर होगी। बुंदेलखंड में करीब दस हजार करोड़ की लागत से तीन सिंचाई परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी। यह बात सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्ष और मुख्य अभियंता वीके निरंजन ने कही। वे शनिवार को बुंदेलखंड के तीन दिवसीय दौरे पर आए थे। उन्होंने सिंचाई विभाग के निरीक्षण गृह में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जिले की बहुप्रतीक्षित पचनद बांध योजना को मंजूरी मिल गई है। अगले महीने मुख्यमंत्री इस योजना का शिलान्यास करने आ सकते हैं।
उन्होंने बताया कि पचनद सिंचाई परियोजना में यमुना नदी पर पचनद स्थल से लगभग सौ मीटर डाउन स्ट्रीम में बैराज बनाकर जल भंडारण किया जाएगा। जिसकी क्षमता 175 एमसीएम होगी। इसे अंडरग्राउंड पाइप कैनाल से कुठौंद शाख और तरसौल रजवाहा को जोड़ा जाएगा। जिससे जिले की माधौगढ़, रामपुरा, जालौन व कुठौंद ब्लाक के गांवों के किसानों की सिंचाई समस्या दूर हो जाएगी। पचनद स्थल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। यह परियोजना चार साल यानी 2025 तक पूरी होनी की संभावना है। उन्होंने बताया कि पचनद सिंचाई की फिजीविल्टी रिपोर्ट तैयार हो गई है। करीब 3200 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री करेंगे। जिले के अन्य ब्लाकों की सिंचाई समस्या दूर करने के लिए बेतवा केन लिंक परियोजना से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि अर्जुन सहायक परियोजना से महोबा, हमीरपुर और बांदा जनपद में 44 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की समस्या दूर हो जाएगी। इस परियोजना के अंतर्गत अर्जुन बांध, चंद्रावल बांध और कबरई बांध को धसान नदी से जोड़कर भरा जाना प्रस्तावित है। यह तीनों बांध भर गए है। इस परियोजना का लोकार्पण अगले महीने पीएम नरेंद्र मोदी कर सकते हैं। इसी तरह जनपद झांसी के गरौठा क्षेत्र के लिए बड़वार नहर परियोजना और बबीना क्षेत्र के लिए बेतवा नदी पर बबीना पंप हाउस परियोजना का कार्य युद्ध स्तर पर है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना की हकीकत और जो काम शेष रह रहे हैं, उन्हें पूरा करने के लिए जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह के निर्देश पर वह बुंदेलखंड का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान मुख्य अभियंता झांसी महेश्वरी प्रसाद, मुख्य अभियंता सिंचाई महेश पांडेय, एसके पांडेय आदि मौजूद रहे।