फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Wheat procurement planning, problem labour

गेहूं खरीद की तैयारी, समस्या पल्लेदारी

Tue, 29 Mar 2016 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
अमर उजाला ब्यूरो, उरई Updated Tue, 29 Mar 2016 11:10 PM IST
विज्ञापन
Wheat procurement planning, problem labour
गेहूं
किसानों से गेहूं खरीदने के लिए शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। जिले में विभिन्न संस्थाओं के 80 केंद्रों का संचालन एक अप्रैल से शुरू हो जाएगा। किसानों को केंद्र पर सुविधाएं भी भरपूर देने का वायदा किया गया है। हवा, पानी से लेकर आरटीजीएस से भुगतान की व्यवस्था रहेगी। इन सबके बीच में छनाई व पल्लेदारी के
विज्ञापन


नाम पर वसूली सबसे बड़ी समस्या रहेगी। केंद्र प्रभारियों को मंडी परिषद तीन रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान करता है। इस बजट में पल्लेदार काम करने को तैयार नहीं होते। ऐसे में किसानों का ही शोषण किया जाता है। गौरतलब हो कि मूल्य निर्धारण करने के बाद शासन ने एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू करने का शासनादेश जारी किया है। शासन
विज्ञापन


के निर्देश पर जिला प्रशासन ने खरीद केंद्रों का निर्धारण कर तैयारियों को अंतिम रूप भी दे दिया है। एक अप्रैल से जिले भर में 80 केंद्रों पर एक साथ खरीद शुरू हो जाएगी। खरीद केंद्र पर किसानों से कोई वसूली नहीं की जाएगी। यह आदेश भी बीते वर्ष की भांति लागू किया गया है। कागजों में आदेश भले ही किसानों के माफिक लग रहा हो लेकिन वास्तविकता
विज्ञापन
विज्ञापन


में ऐसा नहीं है। किसानों से गेहूं की छनाई से लेकर पल्लेदारी तक का चार्ज 25 से 50 रुपये तक लिया जाता है। वर्ष 2015-16 में भी ऐसा ही हुआ था। दैवी आपदा से जूझ रहे किसानों से खुलेआम पैसा लिया गया। इसके पीछे मंडी परिषद से तय छनाई व पल्लेदारी के रेट बाजार से बहुत कम होने का हवाला दिया गया था। कहा गया था कि तीन रुपये में

पल्लेदार काम करने को तैयार नहीं है। ऐसे में केंद्र प्रभारियों को 20 रुपये तक लेने के मौखिक आदेश भी दिए गए थे। केंद्र प्रभारियों के सामने इस बार फिर रेट की समस्या रहेगी। ऐसे में किसान ही निशाने पर होंगे। खास बात तो यह होगी कि छनाई व पल्लेदारी का शुल्क 25 से 50 रुपये ही वसूला जाएगा या फिर इसमें और बढ़ोत्तरी होगी, यह तो केंद्र के शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा। सरसई गांव निवासी किसान विजय मिश्रा ने बताया कि किसानों से पल्लेदारी का चार्ज बीते कई वर्षों से लिया जा रहा है।
 
इस बार 1525 रुपये क्विंटल खरीद
गेहूं खरीदने के लिए व्यवस्थाएं कर ली गई हैं लेकिन शासन ने अभी लक्ष्य निर्धारण नहीं किया है। ऐसे में वर्ष 2012-13 में निर्धारित 83 हजार मीट्रिक टन को ही आधार माना गया है। 80 केंद्रों पर इस बार 1525 रुपये प्रति क्विटंल के हिसाब से गेहूं खरीद की जाएगी

बीते वर्ष 46800 मीट्रिक टन हुई थी खरी
किसानों को बीते वर्ष भी दैवी प्रकोपों का सामना करना पड़ा था। इसके बाद भी 46800 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। इस वर्ष भी मौसम ने साथ नहीं दिया है। नहरों में पानी कम आया और बेमौसम की बरसात के साथ असमय गर्मी आ गई जिससे गेहूं का उत्पादन प्रभावित रहेगा।


खरीद केंद्रों पर यह रहेंगी व्यवस्थाएं
बैठने के लिए कुर्सियां और पीने को ठंडा पानी।
धूप से बचने के लिए छाया के प्रबंध।

भुगतान आरटीजीएस के तहत सीधे बैंक खाते में जाएगा।
नमी मापक यंत्र और छनाई के लिए छलना पंखा रहेगा।

हर एक केंद्र पर दो इलेक्ट्रानिक कांटे होंगे।
किसान बैलगाड़ी से गेहूं लाता है तो बैल के चारा के लिए नाद।

संस्थावार निर्धारित केंद्र
संस्था                    केंद्रो की संख्या
पीसीएफ                55
यूपीएसएस                08
यूपी स्टेट एग्रो लि.            04
कर्मचारी कल्याण निगम लि.        04
भारतीय खाद्य निगम लि.        02
विपणन शाखा                 07

वर्जन
एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू कर दी जाएगी। किसानों से कोई वसूली नहीं होगी। खरीद केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा और किसानों से सीधे तौर पर अधिकारी वार्ता भी करेंगे। किसानों से खरीदे गए गेहूं का त्वरित भुगतान आरटीजीएस के तहत होगा।-    आनंद कुमार, प्रभारी जिलाधिकारी जालौन


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed