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Jalaun News: गेहूं पर संकट, नहर सूखी, 200 किसान परेशान
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फोटो - 07 सूखी पड़ी रनधीरपुर नहर। संवाद
कुठौंद। ब्लॉक क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था चरमराने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कुठौंद शाख से रनधीरपुर गांव तक जाने वाली नहर पूरी तरह सूखी पड़ी है। इससे सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल सूखने की कगार पर है, जिससे करीब दो सौ किसान परेशान हैं।
फरवरी के अंतिम सप्ताह में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तेज धूप के कारण खेतों की नमी लगातार घट रही है, जिससे फसल को नुकसान हो रहा है। इस समय गेहूं की फसल दाना बनने की अवस्था में है और उसे पर्याप्त पानी चाहिए।
नहरों में पानी न होने से किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्हें निजी नलकूपों से महंगा पानी खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि पानी न मिलने से पैदावार में भारी गिरावट आने की आशंका है, जो उनकी आजीविका पर संकट है। कृषि ही क्षेत्र के अधिकांश परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार है।
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हर साल इसी समय छोड़ा जाता था पानी
ग्रामीणों के अनुसार हर वर्ष इस समय नहर में पानी छोड़ा जाता था। इससे टेल तक खेतों की सिंचाई आसानी से हो जाती थी पर इस बार ऐसा नहीं हुआ। इस बार पानी न पहुंचने से रनधीरपुर टेल क्षेत्र के किसान सबसे अधिक प्रभावित हैं। नलकूप और निजी साधनों से सिंचाई करना सभी किसानों के लिए संभव नहीं है।
प्रशासन से मांग और चेतावनी
किसानों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग से तत्काल नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान न होने पर वे आंदोलन करेंगे। वे संबंधित अधिकारियों से मिलकर आंदोलन की रणनीति बनाने को मजबूर होंगे। फिलहाल क्षेत्र के किसानों की निगाहें सिंचाई विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।
एक सप्ताह में पानी चाहिए
25 बीघा में गेहूं बोया है। इस समय फसल को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत है, लेकिन नहर में एक बूंद भी पानी नहीं है। यदि एक सप्ताह के भीतर सिंचाई नहीं हुई तो पूरी फसल सूख जाएगी और लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा
- दीपू दुबे, किसान, रनधीरपुर
पूरे क्षेत्र के किसान परेशान हैं। तेज धूप से खेत सूख रहे हैं। प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेकर रनधीरपुर टेल तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि समय रहते सिंचाई हो सके और किसानों को भारी नुकसान से बचाया जा सके।
- राजवीर सिंह, पूर्व प्रधान, रनधीरपुर
तरसौर रजवाहे में पानी न आने से गेहूं की फसल सूखने की कगार पर
सिरसा कलार। क्षेत्र के तरसौर रजवाहे में इन दिनों पानी न छोड़े जाने से किसानों की गेहूं की फसल पर संकट गहरा गया है। समय पर सिंचाई न होने से खेतों में खड़ी फसल सूखने लगी है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ समय पहले रजवाहे में ओवरफ्लो की स्थिति बन गई थी, जिससे किनारे के खेतों में पानी भर गया और कई किसानों की फसल बह गई थी। अब जब फसल को सिंचाई की सबसे अधिक आवश्यकता है तब रजबहा सूखा पड़ा है। इस दोहरी मार से किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
किसान नीलू सिंह, कुंवर बहादुर सिंह, अमर सिंह, पूरन यागिक, राजू मिश्रा, अनुज मिश्रा और रण बहादुर सिंह समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गेहूं की फसल इस समय दाना बनने की अवस्था में है और उसे तत्काल पानी की जरूरत है। रजबहे में पानी न होने के कारण ट्यूबवेल के सहारे सिंचाई की जा रही है, लेकिन रात में बिजली की आंख-मिचौली से वह भी संभव नहीं हो पा रही है।
नहरों में पानी चल रहा है। कुछ जगह पानी नहीं पहुंच पाया है। जल्द ही वहां भी पानी पहुंच जाएगा। सभी नहरों में पानी छुड़वाया गया है।
- सीपी सिंह, अधिशासी अभियंता, नहर विभाग
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फरवरी के अंतिम सप्ताह में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तेज धूप के कारण खेतों की नमी लगातार घट रही है, जिससे फसल को नुकसान हो रहा है। इस समय गेहूं की फसल दाना बनने की अवस्था में है और उसे पर्याप्त पानी चाहिए।
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नहरों में पानी न होने से किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्हें निजी नलकूपों से महंगा पानी खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि पानी न मिलने से पैदावार में भारी गिरावट आने की आशंका है, जो उनकी आजीविका पर संकट है। कृषि ही क्षेत्र के अधिकांश परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार है।
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हर साल इसी समय छोड़ा जाता था पानी
ग्रामीणों के अनुसार हर वर्ष इस समय नहर में पानी छोड़ा जाता था। इससे टेल तक खेतों की सिंचाई आसानी से हो जाती थी पर इस बार ऐसा नहीं हुआ। इस बार पानी न पहुंचने से रनधीरपुर टेल क्षेत्र के किसान सबसे अधिक प्रभावित हैं। नलकूप और निजी साधनों से सिंचाई करना सभी किसानों के लिए संभव नहीं है।
प्रशासन से मांग और चेतावनी
किसानों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग से तत्काल नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान न होने पर वे आंदोलन करेंगे। वे संबंधित अधिकारियों से मिलकर आंदोलन की रणनीति बनाने को मजबूर होंगे। फिलहाल क्षेत्र के किसानों की निगाहें सिंचाई विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।
एक सप्ताह में पानी चाहिए
25 बीघा में गेहूं बोया है। इस समय फसल को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत है, लेकिन नहर में एक बूंद भी पानी नहीं है। यदि एक सप्ताह के भीतर सिंचाई नहीं हुई तो पूरी फसल सूख जाएगी और लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा
- दीपू दुबे, किसान, रनधीरपुर
पूरे क्षेत्र के किसान परेशान हैं। तेज धूप से खेत सूख रहे हैं। प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेकर रनधीरपुर टेल तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि समय रहते सिंचाई हो सके और किसानों को भारी नुकसान से बचाया जा सके।
- राजवीर सिंह, पूर्व प्रधान, रनधीरपुर
तरसौर रजवाहे में पानी न आने से गेहूं की फसल सूखने की कगार पर
सिरसा कलार। क्षेत्र के तरसौर रजवाहे में इन दिनों पानी न छोड़े जाने से किसानों की गेहूं की फसल पर संकट गहरा गया है। समय पर सिंचाई न होने से खेतों में खड़ी फसल सूखने लगी है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ समय पहले रजवाहे में ओवरफ्लो की स्थिति बन गई थी, जिससे किनारे के खेतों में पानी भर गया और कई किसानों की फसल बह गई थी। अब जब फसल को सिंचाई की सबसे अधिक आवश्यकता है तब रजबहा सूखा पड़ा है। इस दोहरी मार से किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
किसान नीलू सिंह, कुंवर बहादुर सिंह, अमर सिंह, पूरन यागिक, राजू मिश्रा, अनुज मिश्रा और रण बहादुर सिंह समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गेहूं की फसल इस समय दाना बनने की अवस्था में है और उसे तत्काल पानी की जरूरत है। रजबहे में पानी न होने के कारण ट्यूबवेल के सहारे सिंचाई की जा रही है, लेकिन रात में बिजली की आंख-मिचौली से वह भी संभव नहीं हो पा रही है।
नहरों में पानी चल रहा है। कुछ जगह पानी नहीं पहुंच पाया है। जल्द ही वहां भी पानी पहुंच जाएगा। सभी नहरों में पानी छुड़वाया गया है।
- सीपी सिंह, अधिशासी अभियंता, नहर विभाग

फोटो - 07 सूखी पड़ी रनधीरपुर नहर। संवाद

फोटो - 07 सूखी पड़ी रनधीरपुर नहर। संवाद