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पशुपालन की अनदेखी से हो रही पालतू जानवरों की मौत
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कदौरा। ब्लॉक क्षेत्र के कानाखेड़ा, चन्दरसी, बड़ा गांव, डाले का पुरवा, मवई अहीर व नगवां में टीकाकरण न होने की वजह से 12 पालतू जानवर गलाघोंटू रोग की वजह से दम तोड़ चुके है। जिससे पशुपालकों में रोष व्याप्त है।
बताते चलें कि बरसात के मौसम में जानवरों में होने वाली बीमारियों में एक गलाघोंटू रोग है। रोग होने पर जानवर खाना पानी छोड़ देते है। इसका एक मात्र ही इलाज वैक्सीनेशन का टीका है लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी से अभी तक क्षेत्र में पशुपालन विभाग ने इसके लिए कोई भी अभियान नहीं चलाया है। इस कारण क्षेत्र में पशुओं की मौत हो रही है। स्थिति यह है कि ग्राम कानाखेड़ा, चन्दरसी, बड़ागांव, डाले का पुरवा, मवई अहीर व नगवां में यह रोग फैल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि एक हफ्ते में लगभग 12 भैसों की मौत गलाघोंटू रोग की वजह से हो चुकी है और अभी भी लगातार बढ़ती जा रही है। जिनको देखने वाला कोई नही है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी पशुपालन विभाग ने कोई सुध नहीं लिया। क्षेत्र के कानाखेड़ा के संतराम 1, उदयभान 2, बड़ागांव के महेश की 1, चंद्रभान की 2 व मुल्लू की 2, मवई के नुरुल हसन की 2, चन्दरसी के सुलेमान आदि की 1 भैंस है। इस संबंध में पशुपालन विभाग के चिकित्साधिकारी विपिन सचान ने बताया कि अभी तक वैक्सीन न आने की वजह से जानवरों को टीका नहीं लग पा रहा है। जैसे ही वैक्सीन आएगी, तो टीकाकरण किया जाएगा।
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बताते चलें कि बरसात के मौसम में जानवरों में होने वाली बीमारियों में एक गलाघोंटू रोग है। रोग होने पर जानवर खाना पानी छोड़ देते है। इसका एक मात्र ही इलाज वैक्सीनेशन का टीका है लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी से अभी तक क्षेत्र में पशुपालन विभाग ने इसके लिए कोई भी अभियान नहीं चलाया है। इस कारण क्षेत्र में पशुओं की मौत हो रही है। स्थिति यह है कि ग्राम कानाखेड़ा, चन्दरसी, बड़ागांव, डाले का पुरवा, मवई अहीर व नगवां में यह रोग फैल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि एक हफ्ते में लगभग 12 भैसों की मौत गलाघोंटू रोग की वजह से हो चुकी है और अभी भी लगातार बढ़ती जा रही है। जिनको देखने वाला कोई नही है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी पशुपालन विभाग ने कोई सुध नहीं लिया। क्षेत्र के कानाखेड़ा के संतराम 1, उदयभान 2, बड़ागांव के महेश की 1, चंद्रभान की 2 व मुल्लू की 2, मवई के नुरुल हसन की 2, चन्दरसी के सुलेमान आदि की 1 भैंस है। इस संबंध में पशुपालन विभाग के चिकित्साधिकारी विपिन सचान ने बताया कि अभी तक वैक्सीन न आने की वजह से जानवरों को टीका नहीं लग पा रहा है। जैसे ही वैक्सीन आएगी, तो टीकाकरण किया जाएगा।
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