{"_id":"6037cf5a1105907fec4efe98","slug":"up-life-imprisonment-to-then-station-in-charge-in-murder-case-after-24-years-in-jalaun","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: जालौन में 24 साल पुराने हत्या के मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: जालौन में 24 साल पुराने हत्या के मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी को आजीवन कारावास
Thu, 25 Feb 2021 09:55 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 25 Feb 2021 09:55 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट ने सुनाया फैसला
- फोटो : अमर उजाला
जालौन में चौबीस साल पूर्व हत्या के मामले में दोषी पाए गए तत्कालीन कदौरा थाना प्रभारी को आजीवन कारावास और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। मामला भी कदौरा थाना क्षेत्र का ही था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि कदौरा थाना क्षेत्र के नाका निवासी जनक सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 नवंबर 1997 को तत्कालीन कदौरा थानाध्यक्ष राजेश द्विवेदी उसके विरोधी पक्ष के रामस्वरूप शुक्ला के साथ उसके घर में घुस आए और घर में सो रहे उसके बेटे प्रद्युम्न को जगाकर उसे तमंचे से गोली मार दी।
विज्ञापन
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि कदौरा थाना क्षेत्र के नाका निवासी जनक सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 नवंबर 1997 को तत्कालीन कदौरा थानाध्यक्ष राजेश द्विवेदी उसके विरोधी पक्ष के रामस्वरूप शुक्ला के साथ उसके घर में घुस आए और घर में सो रहे उसके बेटे प्रद्युम्न को जगाकर उसे तमंचे से गोली मार दी।
विज्ञापन
इससे उसकी मौत हो गई थी। गोली की आवाज सुनकर घर के अन्य लोग आ गए और थानाध्यक्ष राजेश द्विवेदी को पकड़ लिया। तब तत्कालीन एसडीएम कालपी व एसपी भी मौके पर पहुंचे। आक्रोशित परिजनों ने उन्हें एसओ को सौंप दिया था। मामले की जांच क्षेत्राधिकारी ब्रजमोहन उदैनिया ने की।
जांच में नौ लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था। मुकदमे के दौरान वादी के अलावा आठ गवाह पक्ष द्रोही हो गए। मूल पत्रावली में आदेश के पूर्व राजेश द्विवेदी अनुपस्थिति हो गए थे। लिहाजा उनके मामले में अलग से सुनवाई हुई। स्पेशल जज डकैती श्रीप्रकाश तिवारी ने मामले में राजेश द्विवेदी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 70 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड में पचास फीसदी राशि वादी को दी जाएगी। न्यायालय ने पक्षद्रोहियों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया है और उनके खिलाफ भी धारा 161 व 344 के अंतर्गत कार्रवाई करने के आदेश दिए।
जांच में नौ लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था। मुकदमे के दौरान वादी के अलावा आठ गवाह पक्ष द्रोही हो गए। मूल पत्रावली में आदेश के पूर्व राजेश द्विवेदी अनुपस्थिति हो गए थे। लिहाजा उनके मामले में अलग से सुनवाई हुई। स्पेशल जज डकैती श्रीप्रकाश तिवारी ने मामले में राजेश द्विवेदी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 70 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड में पचास फीसदी राशि वादी को दी जाएगी। न्यायालय ने पक्षद्रोहियों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया है और उनके खिलाफ भी धारा 161 व 344 के अंतर्गत कार्रवाई करने के आदेश दिए।