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Jalaun News: दो दिन में एक ही गांव के दो लोगों की ट्रेन से कटकर मौत
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुहम्मदाबाद। दो दिन के भीतर एक ही गांव के दो लोगों के आत्महत्या कर लेने से गांव चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का कहना है कि आखिर ऐसी क्या वजह रही कि एक ही ट्रैक पर दोनों के शव बरामद हुए। वहीं ग्रामीणों की माने तो दोनों अपनी जिंदगी से ऊब चुके थे। एक बीमारी से तो दूसरा तनाव से जूझ रहा था। जिससे दोनों ने आत्महत्या कर ली।
डकोर ब्लाक के कुठौंदा गांव निवासी मस्तराम किसान था। गुरुवार को उसका शव रिनिया फाटक के पास मिला था। एक दिन बाद ही शुक्रवार को गांव के ही महेश उर्फ पप्पू जो कैंसर की बीमारी से जूझ रहा था। वह एक स्कूल में चौकीदारी करता था। उसने कोतवाली क्षेत्र के लोहिया पुल के पास ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी थी।
परिजनों ने बताया था कि कैंसर की बीमारी के चलते उसे बहुत दर्द रहता था। जिससे उसने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। दो दिन के अंदर गांव से दो लोगों के ट्रेन से कट जाने से गांव में लोग खासे चिंतित हैं। दोनों मृतकों के परिजन स्वाभाविक मौत मानकर चल रहे हैं। उन्होंने किसी तरह का किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।
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मुहम्मदाबाद। दो दिन के भीतर एक ही गांव के दो लोगों के आत्महत्या कर लेने से गांव चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का कहना है कि आखिर ऐसी क्या वजह रही कि एक ही ट्रैक पर दोनों के शव बरामद हुए। वहीं ग्रामीणों की माने तो दोनों अपनी जिंदगी से ऊब चुके थे। एक बीमारी से तो दूसरा तनाव से जूझ रहा था। जिससे दोनों ने आत्महत्या कर ली।
डकोर ब्लाक के कुठौंदा गांव निवासी मस्तराम किसान था। गुरुवार को उसका शव रिनिया फाटक के पास मिला था। एक दिन बाद ही शुक्रवार को गांव के ही महेश उर्फ पप्पू जो कैंसर की बीमारी से जूझ रहा था। वह एक स्कूल में चौकीदारी करता था। उसने कोतवाली क्षेत्र के लोहिया पुल के पास ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी थी।
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परिजनों ने बताया था कि कैंसर की बीमारी के चलते उसे बहुत दर्द रहता था। जिससे उसने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। दो दिन के अंदर गांव से दो लोगों के ट्रेन से कट जाने से गांव में लोग खासे चिंतित हैं। दोनों मृतकों के परिजन स्वाभाविक मौत मानकर चल रहे हैं। उन्होंने किसी तरह का किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।
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