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दो मेडिकल स्टोरों को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sat, 02 Apr 2016 11:36 PM IST
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मेडिकल स्टोरों पर बिना मानक के दवा बेचने की शिकायतों के चलते शनिवार को ड्रग इंस्पेक्टर ने माधौगढ़ में मेडिकल स्टोरों पर छापा मारा। छापा की खबर लगते ही अधिकतर मेडिकल स्टोरों के शटर गिर गए। छापामारी में पायल मेडिकल स्टोर बिना फार्मासिस्ट केे चलता मिला तो वहीं, हरिओम मेडिकल स्टोर पर फ्रिज नहीं मिला। जिले में मेडिकल स्टोरों पर
मानकों को ताक पर रखकर दवा की खरीद फरोख्त का मामला जोरों पर चल रहा है। इसके चलते शनिवार को ड्रग इंस्पेक्टर उमेश भारती ने माधौगढ़ में मेडिकल स्टोरों पर छापामार कार्रवाई की है। इसमें दो मेडिकल स्टोर खुले थे। बाकी के मेडिकल स्टोरों पर शटर पड़े थे। इसमें पायल मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट और दवाई केे खरीद के बिल नहीं मिले। कैश मेमो
नहीं थी। इसकेे अलावा जानवरों की दवाओं की एक रैक में रखा गया था, लेकिन उस पर चेतावनी नहीं दर्शायी गई। वहीं, हरिओम मेडिकल स्टोर में फ्रिज नहीं मिला। एस वन शेड्यूल का रजिस्टर नहीं था। साथ ही कैश मेमो के अलावा दवाओें की खरीद फरोख्त के बिल नहीं मिले। इन दोनों मेडिकल स्टोरों के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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वर्जन
मेडिकल स्टोरों की शिकायतें मिल रही थीं, इसके अलावा प्रत्येक माह में निरीक्षण का भी शेड्यूल रहता है। इसके चलते छापामारी की गई। इसमेें दो मेडिकल स्टोर खुले पाए गए। खामियां मिलने पर इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। बाकी के मेडिकल स्टोर संचालक शटर डालकर भाग गए। - उमेश भारती, ड्रग इंस्पेक्टर
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मानकों को ताक पर रखकर दवा की खरीद फरोख्त का मामला जोरों पर चल रहा है। इसके चलते शनिवार को ड्रग इंस्पेक्टर उमेश भारती ने माधौगढ़ में मेडिकल स्टोरों पर छापामार कार्रवाई की है। इसमें दो मेडिकल स्टोर खुले थे। बाकी के मेडिकल स्टोरों पर शटर पड़े थे। इसमें पायल मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट और दवाई केे खरीद के बिल नहीं मिले। कैश मेमो
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नहीं थी। इसकेे अलावा जानवरों की दवाओं की एक रैक में रखा गया था, लेकिन उस पर चेतावनी नहीं दर्शायी गई। वहीं, हरिओम मेडिकल स्टोर में फ्रिज नहीं मिला। एस वन शेड्यूल का रजिस्टर नहीं था। साथ ही कैश मेमो के अलावा दवाओें की खरीद फरोख्त के बिल नहीं मिले। इन दोनों मेडिकल स्टोरों के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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मेडिकल स्टोरों की शिकायतें मिल रही थीं, इसके अलावा प्रत्येक माह में निरीक्षण का भी शेड्यूल रहता है। इसके चलते छापामारी की गई। इसमेें दो मेडिकल स्टोर खुले पाए गए। खामियां मिलने पर इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। बाकी के मेडिकल स्टोर संचालक शटर डालकर भाग गए। - उमेश भारती, ड्रग इंस्पेक्टर