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तड़पती रही प्रसूता, नहीं मिला इलाज
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sun, 04 Sep 2016 10:57 PM IST
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बीएचयू में धमाके बाद से सील की गई अस्पताल की पुरानी इमरजेंसी।
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थाना क्षेत्र स्थित सीएचसी में शनिवार को देर रात आई गर्भवती डिलीवरी के बाद तड़पती रही लेकिन डाक्टरों ने ध्यान नहीं दिया। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के बाद प्रसूता की ब्लीडिंग जारी रही पर घंटो उसका इलाज नहीं किया गया। इस दौरान परिजनों के हंगामे से घबराए डाक्टरों ने रविवार सुबह सात बजे महिला को झांसी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया।
मामले की शिकायत सीएमओ व प्रभारी चिकित्साधिकारी से की है। कस्बा आटा निवासी महिला निशा गर्भवती थी। शनिवार देर रात उसे जब पेट में दर्द शुरू हुआ तो पति अवनीश ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कदौरा में भर्ती करा दिया। यहां रात करीब तीन बजे महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के कुछ ही देर बाद महिला को ब्लीडिंग शुरू हो गई। आरोप है
कि अस्पताल की एएनएम ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। सुबह छह बजे तक ब्लीडिंग जारी रही और तब परिजनों ने हंगामा कर दिया। पीड़ित पति का आरोप है कि एएनएम की लापरवाही के चलते उसकी पत्नी की हालत बिगड़ गई। हंगामे के बाद हरकत में आए अस्पताल प्रशासन ने आनन-फानन महिला को मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। परिजन महिला को
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लेकर झांसी भागे। वहीं, परिजनों ने इसकी शिकायत मुख्य चिकित्साधिकारी अशोक कुमार व प्रभारी चिकित्साधिकारी एसपी चौधरी से भी की है। साथ ही एएनएम व लापरवाह डाक्टरों पर कार्रवाई की मांग की।
बयान
इस संदर्भ में शिकायत मिली है। पीड़ित महिला एक फार्मेसिस्ट की पत्नी है। उसे गंभीर हालत में प्रसव के बाद झांसी रेफर किया गया है। वहीं मामले में स्टाफ नर्स की लापरवाही बताई जा रही है। विभागीय जांच की जाएगी और दोष सिद्ध होने पर स्टाफ नर्स के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ, जालौन
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मामले की शिकायत सीएमओ व प्रभारी चिकित्साधिकारी से की है। कस्बा आटा निवासी महिला निशा गर्भवती थी। शनिवार देर रात उसे जब पेट में दर्द शुरू हुआ तो पति अवनीश ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कदौरा में भर्ती करा दिया। यहां रात करीब तीन बजे महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के कुछ ही देर बाद महिला को ब्लीडिंग शुरू हो गई। आरोप है
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कि अस्पताल की एएनएम ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। सुबह छह बजे तक ब्लीडिंग जारी रही और तब परिजनों ने हंगामा कर दिया। पीड़ित पति का आरोप है कि एएनएम की लापरवाही के चलते उसकी पत्नी की हालत बिगड़ गई। हंगामे के बाद हरकत में आए अस्पताल प्रशासन ने आनन-फानन महिला को मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। परिजन महिला को
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लेकर झांसी भागे। वहीं, परिजनों ने इसकी शिकायत मुख्य चिकित्साधिकारी अशोक कुमार व प्रभारी चिकित्साधिकारी एसपी चौधरी से भी की है। साथ ही एएनएम व लापरवाह डाक्टरों पर कार्रवाई की मांग की।
बयान
इस संदर्भ में शिकायत मिली है। पीड़ित महिला एक फार्मेसिस्ट की पत्नी है। उसे गंभीर हालत में प्रसव के बाद झांसी रेफर किया गया है। वहीं मामले में स्टाफ नर्स की लापरवाही बताई जा रही है। विभागीय जांच की जाएगी और दोष सिद्ध होने पर स्टाफ नर्स के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ, जालौन