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Jalaun News: जिला अस्पताल में थायराइड जांच ठप, मरीजों को लौटाया जा रहा
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फोटो-19-जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में जांच के लिए खड़े मरीज। संवाद
उरई। जिला अस्पताल में थायराइड जांच करने वाली मशीन में आई तकनीकी खराबी के कारण दो दिनों से जांचें ठप पड़ी है। जांच कराने के लिए अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को फिलहाल इंतजार करने की सलाह दी जा रही है, जबकि अधिक आवश्यकता होने पर उन्हें निजी पैथोलॉजी केंद्रों से जांच कराने के लिए कहा जा रहा है। इससे दूर-दराज क्षेत्रों से आए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दो दिन पहले जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में लगी थायराइड जांच मशीन चूहा घुसने के कारण खराब हो गई। इससे अस्पताल में थायराइड जांच नहीं हो पा रही है। यहां रोजाना 50 से 60 मरीज थायराइड जांच के लिए पहुंचते हैं। जांच बंद होने के कारण मरीजों को या तो लौटना पड़ रहा है या फिर निजी लैब में महंगी जांच कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।
रिनियां की संतोषी ने बताया कि वह चिकित्सक के परामर्श पर जिला अस्पताल में थायराइड जांच कराने पहुंची थीं, लेकिन वहां कर्मचारियों ने मशीन खराब होने की जानकारी देते हुए एक-दो दिन बाद आने के लिए कहा। करमेर के राजेश ने बताया कि उन्हें भी जांच नहीं हो सकी और जरूरत अधिक होने पर बाहर से जांच कराने की सलाह दी गई।
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रामनगर निवासी सार्थक ने कहा कि सरकारी अस्पताल में निशुल्क जांच की सुविधा मिलने की उम्मीद से वह अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन मशीन खराब होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। सीएमएस डॉ. जेजे राम ने बताया कि थायराइड जांच मशीन की खराबी दूर करने के लिए संबंधित कंपनी के इंजीनियर को बुलाया गया है। जल्द मशीन की खराबी दूर कर जांच सेवाएं शुरू करा दी जाएंगी।
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दो दिन पहले जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में लगी थायराइड जांच मशीन चूहा घुसने के कारण खराब हो गई। इससे अस्पताल में थायराइड जांच नहीं हो पा रही है। यहां रोजाना 50 से 60 मरीज थायराइड जांच के लिए पहुंचते हैं। जांच बंद होने के कारण मरीजों को या तो लौटना पड़ रहा है या फिर निजी लैब में महंगी जांच कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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रिनियां की संतोषी ने बताया कि वह चिकित्सक के परामर्श पर जिला अस्पताल में थायराइड जांच कराने पहुंची थीं, लेकिन वहां कर्मचारियों ने मशीन खराब होने की जानकारी देते हुए एक-दो दिन बाद आने के लिए कहा। करमेर के राजेश ने बताया कि उन्हें भी जांच नहीं हो सकी और जरूरत अधिक होने पर बाहर से जांच कराने की सलाह दी गई।
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रामनगर निवासी सार्थक ने कहा कि सरकारी अस्पताल में निशुल्क जांच की सुविधा मिलने की उम्मीद से वह अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन मशीन खराब होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। सीएमएस डॉ. जेजे राम ने बताया कि थायराइड जांच मशीन की खराबी दूर करने के लिए संबंधित कंपनी के इंजीनियर को बुलाया गया है। जल्द मशीन की खराबी दूर कर जांच सेवाएं शुरू करा दी जाएंगी।