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हफ्ते भर में दें सूखा राहत की कार्ययोजना
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Mon, 23 Nov 2015 11:22 PM IST
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जिले को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने के बाद जिला प्रशासन हरकत मे आ गया
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है। किसानों को सहूलियत देने के लिए विभागवार कार्ययोजना तैयार कराई जा रही
है। सोमवार को डीएम ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सभी विभागों के अधिकारियों
के साथ सूखा कार्ययोजना की समीक्षा। इस दौरान उन्होंने कार्ययोजना तैयार
करने में विलंब करने वाले अधिकारियों को फटकार लगाई और सप्ताह भीतर योजना
प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
सूखा राहत कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में नलकूप विभाग की ओर से 145.47 लाख रुपये की जरूरत बताई गई। इसमें बताया कि जल स्तर गिरने की आशंका रहती है। इसलिए राजकीय नलकूपों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। पक्की गूलों की मरम्मत की जरूरत है जिससे अनावश्यक पानी की बर्बादी को रोका जा सकता है। पीवीसी पाइप लाइन का जीर्णोद्धार, पंप सेटों का
बदलना कार्य योजना में शामिल है। इसी प्रकार से अन्य विभागों के अधिकारियों ने कार्ययोजना प्रस्तुत की। लघु सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारियों ने अब तक सूखा की कार्य योजना तैयार नहीं कर पाई। इस पर उन्हें डीएम ने फटकार लगाई और एक सप्ताह में सूखा की कार्य योजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। अन्यथा कार्रवाई के
लिए तैयार रहने की चेतावनी दी। डीएम ने कहा कि इसके पहले भी यहां पर सूखा पड़ चुका है लिहाजा किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखकर ही योजना तैयार की जाए। किसानों को कम पानी में तैयार होने वाली फसलों के संबध में बताएं जिससे उन्हें कुछ राहत दी जा सके। बैठक में नहर विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वह टेल तक नहरों
में पानी पहुंचवाएं जिससे किसान पलेवा कर सके। इसके अलावा जलनिगम के अधिकारियों से कहा कि वह खराब हैंडपंपों के रिबोर की सूची प्रस्तुत करें। इससे उन्हें ठीक कराया जा सके। डीएम ने कहा कि सूखा को लेकर कहीं भी भुखमरी की
समस्या खड़ी नहीं होनी चाहिए। अगर कहीं ऐसे हालात बनते हैं तो वहां पर कैंप लगाकर लोगों को भोजन मुहैया कराएं।
बैठक में एसपी एन कोलांची, सीडीओ एसपी सिंह, एडीएम आनंद कुमार, डीडीओ आर.एस गौतम, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक चित्रसेन सिंह के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सूखा राहत कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में नलकूप विभाग की ओर से 145.47 लाख रुपये की जरूरत बताई गई। इसमें बताया कि जल स्तर गिरने की आशंका रहती है। इसलिए राजकीय नलकूपों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। पक्की गूलों की मरम्मत की जरूरत है जिससे अनावश्यक पानी की बर्बादी को रोका जा सकता है। पीवीसी पाइप लाइन का जीर्णोद्धार, पंप सेटों का
बदलना कार्य योजना में शामिल है। इसी प्रकार से अन्य विभागों के अधिकारियों ने कार्ययोजना प्रस्तुत की। लघु सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारियों ने अब तक सूखा की कार्य योजना तैयार नहीं कर पाई। इस पर उन्हें डीएम ने फटकार लगाई और एक सप्ताह में सूखा की कार्य योजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। अन्यथा कार्रवाई के
लिए तैयार रहने की चेतावनी दी। डीएम ने कहा कि इसके पहले भी यहां पर सूखा पड़ चुका है लिहाजा किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखकर ही योजना तैयार की जाए। किसानों को कम पानी में तैयार होने वाली फसलों के संबध में बताएं जिससे उन्हें कुछ राहत दी जा सके। बैठक में नहर विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वह टेल तक नहरों
में पानी पहुंचवाएं जिससे किसान पलेवा कर सके। इसके अलावा जलनिगम के अधिकारियों से कहा कि वह खराब हैंडपंपों के रिबोर की सूची प्रस्तुत करें। इससे उन्हें ठीक कराया जा सके। डीएम ने कहा कि सूखा को लेकर कहीं भी भुखमरी की
समस्या खड़ी नहीं होनी चाहिए। अगर कहीं ऐसे हालात बनते हैं तो वहां पर कैंप लगाकर लोगों को भोजन मुहैया कराएं।
बैठक में एसपी एन कोलांची, सीडीओ एसपी सिंह, एडीएम आनंद कुमार, डीडीओ आर.एस गौतम, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक चित्रसेन सिंह के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।