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Jalaun News: गैंगस्टर के तीन दोषियों ने किया जुर्म कबूला, तीन-तीन साल की सजा
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औरैया। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट अतीक उद्दीन की अदालत ने जेल में बंद तीन अभियुक्तों द्वारा जुर्म स्वीकार किए जाने के बाद उन्हें तीन-तीन साल की सजा सुनाई। अभियुक्त पहले ही साढ़े तीन साल से अधिक का समय जेल में बिता चुके हैं, ऐसे में इस फैसले के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
अभियोजन के अनुसार कोतवाली बिधूना पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत गांव अहारपुर निवासी प्रदीप उर्फ मोनू,कस्बा बिधूना निवासी नफीस उर्फ कल्लन व किशोर गंज निवासी नीतू उर्फ रोहित भदौरिया गिरफ्तार किया था। तीनों को पुलिस ने 12 सितंबर 2022 को जिला कारागार इटावा भेजा था। मामले की सुनवाई के दौरान तीनों अभियुक्तों ने अदालत के समक्ष जुर्म इकबाल का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। अभियुक्तों ने गरीबी का हवाला देते हुए कोर्ट में जुर्म स्वीकार लिया। उन्होंने न्यायालय से सहानुभूति पूर्वक मामला समाप्त करने की मांग की। न्यायालय ने पाया कि अभियुक्तों ने न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग कर न्यायालय का समय बचाया है। इसी आधार पर उदार दृष्टिकोण अपनाते हुए कोर्ट ने तीनों दोषियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई। सभी पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अर्थदंड न भरने की स्थिति में 15-15 दिन का साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि 12 सितंबर 2022 से जेल में बिताई गई अवधि को इस सजा में संयोजित किया जाएगा। दोषियों सजा की अवधि से अधिक समय पहले ही जेल में काट चुके हैं, इसलिए उनकी तुरंत रिहाई की स्थिति बन गई है।
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अभियोजन के अनुसार कोतवाली बिधूना पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत गांव अहारपुर निवासी प्रदीप उर्फ मोनू,कस्बा बिधूना निवासी नफीस उर्फ कल्लन व किशोर गंज निवासी नीतू उर्फ रोहित भदौरिया गिरफ्तार किया था। तीनों को पुलिस ने 12 सितंबर 2022 को जिला कारागार इटावा भेजा था। मामले की सुनवाई के दौरान तीनों अभियुक्तों ने अदालत के समक्ष जुर्म इकबाल का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। अभियुक्तों ने गरीबी का हवाला देते हुए कोर्ट में जुर्म स्वीकार लिया। उन्होंने न्यायालय से सहानुभूति पूर्वक मामला समाप्त करने की मांग की। न्यायालय ने पाया कि अभियुक्तों ने न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग कर न्यायालय का समय बचाया है। इसी आधार पर उदार दृष्टिकोण अपनाते हुए कोर्ट ने तीनों दोषियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई। सभी पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अर्थदंड न भरने की स्थिति में 15-15 दिन का साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि 12 सितंबर 2022 से जेल में बिताई गई अवधि को इस सजा में संयोजित किया जाएगा। दोषियों सजा की अवधि से अधिक समय पहले ही जेल में काट चुके हैं, इसलिए उनकी तुरंत रिहाई की स्थिति बन गई है।
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