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Jalaun News: प्रमुख सचिव तक पहुंचा टेंडर विवाद, डीएम ने भी मांगी रिपोर्ट

Wed, 13 Aug 2025 01:14 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 13 Aug 2025 01:14 AM IST
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The tender dispute reached the Chief Secretary, DM also sought a report
उरई। नगर पालिका के विकास कार्यों के टेंडर की तिथि बार-बार बढ़ाने और बाद में प्रक्रिया निरस्त करने का मामला तूल पकड़ने लगा है। मंगलवार को सभासदों ने लखनऊ पहुंचकर प्रमुख सचिव से शिकायत की। वहीं इस मामले में सोमवार को विधायक गौरी शंकर वर्मा के हस्तक्षेप के बाद डीएम राजेश कुमार पांडेय ने एसडीएम नेहा ब्याडवाल का पत्र जारी कर 14 अगस्त तक रिपोर्ट मांगी है।
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भाजपा के चार सभासद विपिन, ज्योति, आरती पुष्पेंद्र, पुष्पा देवी ने लखनऊ में प्रमुख सचिव को शिकायत पत्र देकर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि 15वें वित्त और दो प्रतिशत स्टांप शुल्क टाइड/अनटाइड मद की 29 जनवरी 2025 को स्वीकृत कार्य योजना के तहत 9 अप्रैल 2025 को निकाले गए टेंडरों में सिर्फ 13 कार्य रद्द किए गए हैं।
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वहीं, शासनादेश के अनुसार सभी कार्य निरस्त होने चाहिए थे। आरोप है कि फुल रेट के कार्य स्वीकृत कर चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया और प्रतिस्पर्धा वाले कार्य रद्द कर दिए गए। शिकायत में यह भी कहा गया कि राज्य वित्त में धनराशि न होने के बावजूद आठ करोड़ रुपये की एडवांस निविदाएं निजी स्वार्थ में जारी की गईं, जबकि पुराने बकाया भुगतान भी लंबित हैं। कई निविदाओं में धरोहर धनराशि नहीं लगाई गई या फर्जी लगाई गई है।
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दरअसल, सभासद विपिन ने सोशल मीडिया पर बताया कि फरवरी 2025 की कार्य योजना के तहत 25 जुलाई को जारी टेंडर पहले 6 अगस्त तक फिर 11 अगस्त तक बढ़ा दिए गए। उनका आरोप है कि निजी स्वार्थ पूरे न होने पर तिथि दोबारा बढ़ाने की तैयारी थी।
उनका कहना है कि 28 जुलाई को ऑफलाइन टेंडर भी जारी हुए थे, जिन्हें 10 अगस्त तक नहीं खोला गया। इस बीच 15वें वित्त और दो प्रतिशत श्रेणी के टेंडरों की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर ठेकेदारों ने 10 व 11 अगस्त को ज्ञापन सौंपा। फिर भी 11 अगस्त को ही टेंडर निरस्त कर दिए गए। वहीं ईओ राम अचल कुरील ने कहा कि टेंडर उन्होंने निरस्त नहीं किए, जिसने किए हैं। वही जवाब देगा।

डीएम ने इन बिंदुओं पर मांगी रिपोर्ट
डीएम ने एसडीएम को पत्र भेजकर सवाल उठाया कि टेंडर निरस्त करने के लिए किस डोंगल का उपयोग हुआ। क्या उपयोगकर्ता अधिकृत था। जब अधिशासी अधिकारी 10-11 अगस्त को हाईकोर्ट में थे, तो उनकी अनुपस्थिति में यह कार्रवाई किसने और किस आदेश पर की। डीएम ने यह भी उल्लेख किया कि तिथि बढ़ाने के लिए आवेदन मिलने के बावजूद समय न बढ़ाना और सीधे टेंडर रद्द करना संदिग्ध है। डीएम ने 14 अगस्त तक रिपोर्ट मांगी है।
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